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अब्दुल्लागंज में सियार का हमला, चार लोग घायल
ब्यूरो /बदायूं
Updated Thu, 29 Sep 2016 01:00 AM IST
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सियार का हमला, चार लोग घायल
- फोटो : बदायूं/उत्ततर प्रदेश्ा
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कोतवाली क्षेत्र के गांव अब्दुल्लागंज में मंगलवार रात पागल सियार ने हमला बोल दिया। इसमें चार लोग घायल हो गए। गांव के लोगों ने रात में ही घेराबंदी करने के बाद सियार को भी मौत के घाट उतार दिया। खबर वन विभाग को दी गई, लेकिन शाम तक वन विभाग की टीम ने सुध नहीं ली।
बुधवार रात एक पागल सियार अब्दुल्लागंज गांव में घुस आया। दीवार फांदकर सियार मूल चंद्र के घर में पहुंच गया। यहां मूल चंद्र की पत्नी चमेली देवी (60), यशपाल (35) पुत्र मूलचंद्र, वंदना (21) पुत्री यशपाल घायल हो गए। यहां से भागने के बाद सियार सूरजपाल के घर में घुसा। उसने हमला कर सूरजपाल (45) को जख्मी कर दिया। शोर शराबा होने पर गांव के लोग एकत्र होने लगे। तभी मौका पाकर सियार पड़ोस के जगदीश के घेर में घुस गया। यहां सियार ने हमला कर जगदीश की एक बकरी और भैंस को घायल कर दिया।
रात में तमाम ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से लैस होकर सियार की घेराबंदी कर ली। गांव के लोगों ने लाठी-डंडों से पीट-पीट कर सियार को भी मौत के घाट उतार दिया। सुबह होने पर वन विभाग को खबर दी गई। खबर मिलने के बाद भी वन विभाग की ओर से कोई मामले की सुध लेने नहीं पहुंचा। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें चमेली देवी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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आक्रामक होने लगे जंगली जानवर
उझानी। जंगली जानवरों के आक्रामक होने का यह पहला मामला नहीं है। पिछने दिनों कुंवरगांव, सिलहरी, बिनावर क्षेत्र में जंगली सुअरों के हमले सामने आए थे। सुअरों ने कई लोगों को घायल किया था। कुंवरगांव के दुगरैया में ग्रामीणों ने दो जंगली सुअरों को मार भी गिराया था। तीन महीने पहले तेंदुआ ने मुजरिया थाने के कई गांवों में आतंक मचाया था। एक दर्जन से ज्यादा लोग तेंदुआ के हमले में जख्मी हुए थे।
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बुधवार रात एक पागल सियार अब्दुल्लागंज गांव में घुस आया। दीवार फांदकर सियार मूल चंद्र के घर में पहुंच गया। यहां मूल चंद्र की पत्नी चमेली देवी (60), यशपाल (35) पुत्र मूलचंद्र, वंदना (21) पुत्री यशपाल घायल हो गए। यहां से भागने के बाद सियार सूरजपाल के घर में घुसा। उसने हमला कर सूरजपाल (45) को जख्मी कर दिया। शोर शराबा होने पर गांव के लोग एकत्र होने लगे। तभी मौका पाकर सियार पड़ोस के जगदीश के घेर में घुस गया। यहां सियार ने हमला कर जगदीश की एक बकरी और भैंस को घायल कर दिया।
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रात में तमाम ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से लैस होकर सियार की घेराबंदी कर ली। गांव के लोगों ने लाठी-डंडों से पीट-पीट कर सियार को भी मौत के घाट उतार दिया। सुबह होने पर वन विभाग को खबर दी गई। खबर मिलने के बाद भी वन विभाग की ओर से कोई मामले की सुध लेने नहीं पहुंचा। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें चमेली देवी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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आक्रामक होने लगे जंगली जानवर
उझानी। जंगली जानवरों के आक्रामक होने का यह पहला मामला नहीं है। पिछने दिनों कुंवरगांव, सिलहरी, बिनावर क्षेत्र में जंगली सुअरों के हमले सामने आए थे। सुअरों ने कई लोगों को घायल किया था। कुंवरगांव के दुगरैया में ग्रामीणों ने दो जंगली सुअरों को मार भी गिराया था। तीन महीने पहले तेंदुआ ने मुजरिया थाने के कई गांवों में आतंक मचाया था। एक दर्जन से ज्यादा लोग तेंदुआ के हमले में जख्मी हुए थे।