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दहेज हत्या में ससुर-जेठ को  10 साल की सजा, जुर्माना भी

Tue, 02 May 2017 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं। Updated Tue, 02 May 2017 11:42 PM IST
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In-laws murder case 10 years sentence, fine too
कोर्ट - फोटो : Pintrest
-पति और देवर की पत्रावली किशोर बोर्ड में विचाराधीन
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अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने दहेज हत्या में नामजद आरोपी ससुर और जेठ को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कैद सहित 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

दहेज हत्या का मामला थाना जरीफनगर में दो सितंबर 2010 को हुआ था। वादी जसवीर सिंह ने दो सितंबर 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पुत्री गंगाश्री का विवाह जरीफनगर कस्बे में राजकुमार पुत्र गंगाराम के साथ किया था। गंगाश्री के ससुराल वाले उसकी पुत्री को और दहेज लाने के लिए मारपीट कर जान से मारने की धमकी देते थे। वादी ने अपनी पुत्री के ससुराल वालों को 40 हजार रुपये नकद दिए थे। 15 दिनों के बाद उसकी पुत्री को ससुराल वाले और दहेज में एक बाइक और भैंस की मांग करने लगे। वादी जयवीर ने और दहेज देने में अपनी मजबूरी बताई तो ससुराल वालों ने कहा बाइक और दहेज नहीं दोगे तो उसकी पुत्री को जान से मार देंगे। दो सितंबर को उसकी पुत्री के ससुर गंगाराम पुत्र छुन्नू सिंह और जेठ दिनेश कुमार और सास, ननद और देवर ने उसकी पुत्री गंगाश्री को मारापीटा और सभी ने राजकुमार से कहा कि इसे गोली मार दो, राजकुमार ने तमंचे से उसकी पुत्री गंगाश्री को गोली मार दी। उसकी मौके पर मृत्यु हो गई। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रेमबाबू और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद आरोपी ससुर गंगाराम और जेठ दिनेश कुमार को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए दोनों को 10-10 साल की कैद सहित 20-20 हजार रुपये की सजा सुनाई है।
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