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पोस्टमास्टर दातागंज को चार्जशीट
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:43 PM IST
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71.26 लाख के गबन का मामला, अब तक 12 कर्मचारी हो चुके सस्पेंड
डाक विभाग में एटीएम लिंक खातों से 71.26 लाख रुपये के गबन के आरोपी पोस्टमास्टर दातागंज को चार्जशीट दी गई है। वह 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। गबन में आरोपी पोस्टमास्टर हरीशंकर के सभी भुगतान पर रोक लगा दी गई है। गबन के आरोपी 12 अधिकारी और कर्मचारी अब तक सस्पेंड हो चुके हैं।
डाक विभाग में तीन माह पहले लाखों का घोटाला सामने आया था। सहायक डाक अधीक्षक पूर्वी एस. गुडवा ने सिविल लाइंस थाने में डिप्टी पोस्टमास्टर अखिलेश पुत्र ओम प्रकाश और बैंक सहायक अखिलेश पुत्र रामविलास के खिलाफ धोखाधड़ी और चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर डाक कर्मी श्रीकांत, एके गुप्ता, अरविंद वर्मा और जेके गर्ग को सस्पेंड कर दिया गया। विभागीय जांच को पांच सदस्यों की कमेटी बनाई गई। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पोस्टमास्टर जनरल बरेली ने सहायक डाक अधीक्षक कृष्ण चंद्र, प्रभारी पोस्टमास्टर सुनृता गुप्ता और लिपिक जाबिर, सहसवान के पोस्टमास्टर अजय यादव, निरीक्षक आरबी सिंह और पंकज को सस्पेंड कर दिया।
घोटाला बिल्सी, बदायूं, दातागंज, सहसवान, दातागंज, संभल के बबराला और गुन्नौर डाक घरों में पाया गया। दातागंज के पोस्टमास्टर हरीशंकर की भी भूमिका पाई गई। चूंकि उनका रिटायरमेंट 30 सितंबर को होना है। ऐसे में उनको सस्पेंड नहीं किया गया है। हरीशंकर को विभागीय चार्जशीट दे दी गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो रिटायरमेंट के बाद हरीशंकर को मिलने वाले देयकों पर रोक लगा दी गई है।
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सीबीआई के जवाब का इंतजार
बदायूं। डाक विभाग में हुए 71.26 लाख रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई कर सकती है। डाक विभाग ने इस बारे में सीबीआई को लिख पहले ही दिख दिया है। सीबीआई की विशेष आर्थिक अपराध शाखा की ओर से जाने वाले जवाब का इंतजार है। महा निदेशक बरेली परिक्षेत्र शंकर प्रसाद की ओर से लखनऊ स्थित सीबीआई से मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच का अनुरोध कई दिन पहले किया था। सीबीआई की ओर से अभी कोई जवाब नहीं मिला है।
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मामले में विभागीय जांच चल रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता सकता।
-अरविंद कुमार शर्मा, मुख्य डाक अधीक्षक
डाक विभाग में एटीएम लिंक खातों से 71.26 लाख रुपये के गबन के आरोपी पोस्टमास्टर दातागंज को चार्जशीट दी गई है। वह 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। गबन में आरोपी पोस्टमास्टर हरीशंकर के सभी भुगतान पर रोक लगा दी गई है। गबन के आरोपी 12 अधिकारी और कर्मचारी अब तक सस्पेंड हो चुके हैं।
डाक विभाग में तीन माह पहले लाखों का घोटाला सामने आया था। सहायक डाक अधीक्षक पूर्वी एस. गुडवा ने सिविल लाइंस थाने में डिप्टी पोस्टमास्टर अखिलेश पुत्र ओम प्रकाश और बैंक सहायक अखिलेश पुत्र रामविलास के खिलाफ धोखाधड़ी और चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर डाक कर्मी श्रीकांत, एके गुप्ता, अरविंद वर्मा और जेके गर्ग को सस्पेंड कर दिया गया। विभागीय जांच को पांच सदस्यों की कमेटी बनाई गई। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पोस्टमास्टर जनरल बरेली ने सहायक डाक अधीक्षक कृष्ण चंद्र, प्रभारी पोस्टमास्टर सुनृता गुप्ता और लिपिक जाबिर, सहसवान के पोस्टमास्टर अजय यादव, निरीक्षक आरबी सिंह और पंकज को सस्पेंड कर दिया।
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घोटाला बिल्सी, बदायूं, दातागंज, सहसवान, दातागंज, संभल के बबराला और गुन्नौर डाक घरों में पाया गया। दातागंज के पोस्टमास्टर हरीशंकर की भी भूमिका पाई गई। चूंकि उनका रिटायरमेंट 30 सितंबर को होना है। ऐसे में उनको सस्पेंड नहीं किया गया है। हरीशंकर को विभागीय चार्जशीट दे दी गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो रिटायरमेंट के बाद हरीशंकर को मिलने वाले देयकों पर रोक लगा दी गई है।
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सीबीआई के जवाब का इंतजार
बदायूं। डाक विभाग में हुए 71.26 लाख रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई कर सकती है। डाक विभाग ने इस बारे में सीबीआई को लिख पहले ही दिख दिया है। सीबीआई की विशेष आर्थिक अपराध शाखा की ओर से जाने वाले जवाब का इंतजार है। महा निदेशक बरेली परिक्षेत्र शंकर प्रसाद की ओर से लखनऊ स्थित सीबीआई से मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच का अनुरोध कई दिन पहले किया था। सीबीआई की ओर से अभी कोई जवाब नहीं मिला है।
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मामले में विभागीय जांच चल रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता सकता।
-अरविंद कुमार शर्मा, मुख्य डाक अधीक्षक