{"_id":"e7886b02f1f28aabb48b2b26b8935eb7","slug":"identify-suspects-face-difficulty-in-intact-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदिग्ध चेहरे को पहचानने में दिक्कत बरकरार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
संदिग्ध चेहरे को पहचानने में दिक्कत बरकरार
ujani
Updated Fri, 30 Jan 2015 07:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आलू व्यापारी अमित अग्रवाल के नौकर से पांच लाख रुपये लूट के मामला अभी तक वर्कआउट नहीं हो पाया है। संदिग्धों से भी सुराग नहीं मिला। पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कब्जे में लेकर आगरा की प्रयोगशाला भी भेजी लेकिन कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
कोतवाली के पास आठ जनवरी को स्टेशन रोड निवासी आलू व्यापारी अमित अग्रवाल के नौकर सुल्तान से बाइक सवार बदमाशों ने पांच लाख रुपया उस वक्त लूट लिया था जब वह मालिक के साथ बैंक से घर की ओर चला था। घटना के बाद व्यापारियों के गुस्से की वजह से कोतवाली पुलिस को फजीहत का सामना भी करना पड़ा था। तत्कालीन एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने लूटकांड के वर्कआउट के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया था। कोतवाली पुलिस की तरह क्राइम ब्रंाच भी संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है।
बदमाशों के बारे में कोई अहम जानकारी हाथ नहीं लगी तो पुलिस ने संदिग्ध चेहरा तलाशने को पंजाब नेशनल बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज का सहारा लिया। फुटेज में सबकुछ साफ नहीं था। घटना के चौथे दिन ही फुटेज क्लीयर कराने के लिए उसे आगरा की प्रयोगशाला भेज गया। आगरा से पंजाब नेशनल बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से जुड़ी रिपोर्ट दो दिन पहले ही कोतवाली पुलिस को मिली। पहले जैसी हालत में ही दिख रही फुटेज का क्राइम ब्रांच और सीओ सतीश चंद्र शर्मा ने भी गौर किया। संदिग्ध का चेहरा पहचानने में दिक्कत बरकरार बनी हुई है।
विज्ञापन
संदिग्धों के फोटो सामने रखकर देखी फुटेज
उझानी। पुलिस सूत्रों की मानें तो आगरा की प्रयोगशाला में पंजाब नेशनल बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को तकनीकी विशेषज्ञों ने दो फोटो सामने रख कर भी देखा जो कोतवाली पुलिस ने फुटेज के साथ आगरा भेजे थे। दोनों संदिग्ध युवक एटा और कासगंज जिले के हैं। उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में रखा था।
सीसीटीवी की फुटेज से कुछ भी हासिल नहीं हो पाया है। दूसरी लाइन में पर कुछ अहम जानकारियां हासिल हुई हैं, उन पर भी तहकीकात कराई जा रही है। बदमाश जल्द ही पकड़े जाएंगे और लूट की धनराशि भी बरामद होगी। -सतीश चंद्र शर्मा, सीओ, उझानी।
विज्ञापन
कोतवाली के पास आठ जनवरी को स्टेशन रोड निवासी आलू व्यापारी अमित अग्रवाल के नौकर सुल्तान से बाइक सवार बदमाशों ने पांच लाख रुपया उस वक्त लूट लिया था जब वह मालिक के साथ बैंक से घर की ओर चला था। घटना के बाद व्यापारियों के गुस्से की वजह से कोतवाली पुलिस को फजीहत का सामना भी करना पड़ा था। तत्कालीन एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने लूटकांड के वर्कआउट के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया था। कोतवाली पुलिस की तरह क्राइम ब्रंाच भी संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है।
विज्ञापन
बदमाशों के बारे में कोई अहम जानकारी हाथ नहीं लगी तो पुलिस ने संदिग्ध चेहरा तलाशने को पंजाब नेशनल बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज का सहारा लिया। फुटेज में सबकुछ साफ नहीं था। घटना के चौथे दिन ही फुटेज क्लीयर कराने के लिए उसे आगरा की प्रयोगशाला भेज गया। आगरा से पंजाब नेशनल बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से जुड़ी रिपोर्ट दो दिन पहले ही कोतवाली पुलिस को मिली। पहले जैसी हालत में ही दिख रही फुटेज का क्राइम ब्रांच और सीओ सतीश चंद्र शर्मा ने भी गौर किया। संदिग्ध का चेहरा पहचानने में दिक्कत बरकरार बनी हुई है।
विज्ञापन
संदिग्धों के फोटो सामने रखकर देखी फुटेज
उझानी। पुलिस सूत्रों की मानें तो आगरा की प्रयोगशाला में पंजाब नेशनल बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को तकनीकी विशेषज्ञों ने दो फोटो सामने रख कर भी देखा जो कोतवाली पुलिस ने फुटेज के साथ आगरा भेजे थे। दोनों संदिग्ध युवक एटा और कासगंज जिले के हैं। उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में रखा था।
सीसीटीवी की फुटेज से कुछ भी हासिल नहीं हो पाया है। दूसरी लाइन में पर कुछ अहम जानकारियां हासिल हुई हैं, उन पर भी तहकीकात कराई जा रही है। बदमाश जल्द ही पकड़े जाएंगे और लूट की धनराशि भी बरामद होगी। -सतीश चंद्र शर्मा, सीओ, उझानी।