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पुलिस में फिर चल पड़ी री-पोस्ंिटग की बयार
ujani
Updated Sun, 01 Feb 2015 07:41 PM IST
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राजनीतिक हस्तक्षेप से क्या कुछ नहीं हो सकता, पुलिस महकमे में इसका एक और नमूना देखने को मिला। कछला चौकी से लाइन हाजिर दरोगा को उसी चौकी पर तैनाती मिले ज्यादा दिन नहीं गुजरे कि अब्दुल्लागंज चौकी पर तैनाती के दौरान विभागीय कार्रवाई की चपेट में आए चौकी इंचार्ज भी कोतवाली में पोस्टिंग पाने में सफल हो गए।
ये दरोगा मानपाल सिंह यादव और जितेंद्र यादव हैं। एक बार फिर से कछला चौकी इंचार्ज बने मानपाल सिंह को कोतवाली क्षेत्र के गांव ननाखेड़ा में 12 जनवरी-14 को प्रधान दीन मोहम्मद के भाई मल्लू की सरेबाजार हत्या के मामले में लाइन हाजिर कर दिया गया था। जबकि अब्दुल्लागंज चौकी इंचार्ज रहे दरोगा जितेंद्र यादव को कोतवाली क्षेत्र के गांव लहुआ में कल्यान सिंह ठाकुर ओर उसके बेटे रुपेंद्र सिंह की 29 मार्च-14 को दिनदहाड़े हत्या के बाद लाइन हाजिर किया गया था।
दरोगा जितेंद्र यादव को हालांकि कोतवाली में तैनाती मिली है लेकिन काफी हद तक संभव है कि उन्हें फिर अब्दुल्लागंज चौकी का ही इंचार्ज बना दिया जाए। जितेंद्र और मानपाल यादव को लाइन हाजिर किए जाने वाले कोतवाली क्षेत्र में ही नई पारी खेलने की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बारे में सूत्रों की मानें तो सबकुछ राजनीतिक हस्तक्षेप से हुआ है। मानपाल तो सेवानिवृत्त होने के करीब हैं। दोनों दरोगाओं ने पिछले कुछ महीना पहले ही जोड़तोड़ शुरू कर दी थी।
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इंसेट
दोनों दरोगाओं पर लापरवाही में हुई थी कार्रवाई
उझानी। ननाखेड़ा के मल्लू हत्याकांड में तत्कालीन एसएसपी ने मानपाल सिंह को मृतक के भाई दीन मोहम्मद की शिकायत पर लाइन हाजिर किया था। इसके विपरीत जितेंद्र यादव को बाप-बेटा के मर्डर में लापरवाही में लाहन हाजिर किया गया था। उन पर भी घटना से पहले मृतक पक्ष के लोगों की शिकायत पर गौर नहीं करने का आरोप लगा था।
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ये दरोगा मानपाल सिंह यादव और जितेंद्र यादव हैं। एक बार फिर से कछला चौकी इंचार्ज बने मानपाल सिंह को कोतवाली क्षेत्र के गांव ननाखेड़ा में 12 जनवरी-14 को प्रधान दीन मोहम्मद के भाई मल्लू की सरेबाजार हत्या के मामले में लाइन हाजिर कर दिया गया था। जबकि अब्दुल्लागंज चौकी इंचार्ज रहे दरोगा जितेंद्र यादव को कोतवाली क्षेत्र के गांव लहुआ में कल्यान सिंह ठाकुर ओर उसके बेटे रुपेंद्र सिंह की 29 मार्च-14 को दिनदहाड़े हत्या के बाद लाइन हाजिर किया गया था।
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दरोगा जितेंद्र यादव को हालांकि कोतवाली में तैनाती मिली है लेकिन काफी हद तक संभव है कि उन्हें फिर अब्दुल्लागंज चौकी का ही इंचार्ज बना दिया जाए। जितेंद्र और मानपाल यादव को लाइन हाजिर किए जाने वाले कोतवाली क्षेत्र में ही नई पारी खेलने की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बारे में सूत्रों की मानें तो सबकुछ राजनीतिक हस्तक्षेप से हुआ है। मानपाल तो सेवानिवृत्त होने के करीब हैं। दोनों दरोगाओं ने पिछले कुछ महीना पहले ही जोड़तोड़ शुरू कर दी थी।
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दोनों दरोगाओं पर लापरवाही में हुई थी कार्रवाई
उझानी। ननाखेड़ा के मल्लू हत्याकांड में तत्कालीन एसएसपी ने मानपाल सिंह को मृतक के भाई दीन मोहम्मद की शिकायत पर लाइन हाजिर किया था। इसके विपरीत जितेंद्र यादव को बाप-बेटा के मर्डर में लापरवाही में लाहन हाजिर किया गया था। उन पर भी घटना से पहले मृतक पक्ष के लोगों की शिकायत पर गौर नहीं करने का आरोप लगा था।