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कुदरत ने गुलाम हुसैन को नहीं लड़ने दी कैंसर से जंग

Fri, 17 Jun 2016 12:22 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Fri, 17 Jun 2016 12:22 AM IST
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Ghulam Hussain did not fight the war on cancer by nature
हादसा - फोटो : अमर उजाला

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बुलंदशहर के पास हादसे में उझानी के चार लोगों की मौत का मामला
दुर्घटना की खबर से मृतकों के घरों में मचा कोहराम
मृतकों में गुलाम फरीद था ई-रिक्शा यूनियन का अध्यक्ष

 बुलंदशहर में सलेमपुर के पास हुए सड़क हादसे में चार लोगों की मौत की खबर मिलते ही यहां उनके घरों में कोहराम मच गया।  मृतकों के घर पर मिलने वालों और गमजदा नाते-रिश्तेदारों की भीड़ लग गई। मृतकों में शामिल चाचा-भतीजे गुलाम गौस और गुलाम फरीद के साथ फुफेरे भाई इकरार की बेगम छोटी समेत ड्राइवर रवि के घरवाले बिलखने लगे। गुलाम गौस कैंसर से पीड़ित थे। वह इलाज से पहले ही सड़क हादसे में कैंसर से लड़ने की जंग हार गए।
मोहल्ला पठानटोला निवासी 45 वर्षीय गुलाम गौस कैंसर पीड़ित थे। उनका इलाज दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में चल रहा था। बृहस्पतिवार को उन्हें अस्पताल में दिखाया जाना था। गुलाम गौस के साथ तीमारदारी के लिए उनका भतीजा ई-रिक्शा यूनियन का अध्यक्ष गुलाम फरीद (30) और पड़ोसी 30 वर्षीय शहवाज पुत्र दूल्हे खां भी चल दिए। फरीद के फुफुरे भाई इकरार की बेगम छोटी (35) को दिल्ली में अपने रिश्तेदार के घर जाना था, सो वह भी अपने दोनों बच्चों के साथ ईको में सवार हो गईं थीं। गाड़ी मोहल्ला भर्राटोला निवासी रवि (27) पुत्र स्व. नत्थूलाल चला रहा था। हादसे में चार लोगों की मौत की खबर जब परिवार वालों को लगी तो पुरुष सदस्य तो तत्काल ही वाहन का इंतजाम कर बुलंदशहर को निकल गए, लेकिन घरों में मौजूद महिलाओं का रो-रोककर बुरा हाल हो गया। 
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 मृतका छोटी के दोनों बच्चे फरहा और फरमान घायल हैं। घायल शहवाज का भी बुलंदशहर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। गुलाम फरीद अपने छह भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। गुलाम हुसैन के छह संतान हैं। मृतका छोटी का पति इकरार मीट विक्रेता है, जबकि ड्राइवर रवि की दो संतान में तीन साल की बेटी मीनाक्षी और दो साल का बेटा बबलू हैं।
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ईद के बाद होना था फरीद का निकाह
उझानी। सड़क हादसे में मृत ई-रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष गुलाम फरीद की शादी पड़ोसी मोहल्ले के ही इसरार की बेटी के साथ तय हो चुकी थी। फरीद अपनी शादी की तैयारियों में भी जुटा था। निकाह की तारीख अभी मुकर्रर नहीं हुई थी, लेकिन दोनों के घरवालों ने ईद के बाद निकाह करने की हामी भर दी थी। फरीद की मौत के बाद से इसरार के घर में माहौल गमजदा रहा।
शोक में ठप रखा ई-रिक्श संचालन
उझानी। अध्यक्ष गुलाम फरीद की सड़क हादसे में मौत की भनक लगते ही ई-रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों ने शोकसभा की। शोकसभा में यूनियन से जुड़े रिक्शा पोलरों को भी बुलाया गया। उन्होंने शोक में ई-रिक्शा का एक दिन के लिए संचालन नहीं किया। शोकसभा में संरक्षक राशिद नेता, डॉ. शफातुल्लाह मोहम्मद आरिफ खांन, जमीर खांन, पप्पू कुरैशी, रफीक, नईम और युसूफ आदि मौजूद थे।
कार में सीट खाली थीं सो छोटी भी बैठ गई
उझानी। कैंसर पीड़ित गुलाम हुसैन को इलाज के लिए दिल्ली जाना है, यह बात इकरार को भी पता थी। उसने अपनी बेगम और बच्चों के भी दिल्ली में रिश्तेदार के घर जाने की बात कही तो गुलाम हुसैन ने कह दिया कि अगर सीट खाली रही तो ले चलेगा। बुधवार रात में सीटों के बारे में जानकारी होते ही इकरार ने बेगम छोटी और दोनों बच्चों को बैठा दिया, लेकिन उसे नहीं पता था कि कुदरत ने गुलाम हुसैन के साथ छोटी की भी मौत मुकर्रर कर दी है।

पूर्व पालिकाध्यक्ष समेत चार ने भी गंवाई थी जान
उझानी। बुलंदशहर जिले में शिकार के पास मई-2011 में बस ने कार सवार नगर निवासी पूर्व पालिकाध्यक्ष रामनाथ मेंदीरत्ता को रौंद दिया था। हादसे में पूर्व पालिकाध्यक्ष मेंदीरत्ता समेत उनके बेटे, नातिन और कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी। उनके परिजनों में बड़े बेटे राजन और पुत्रवधू सिमरन मेंदीरत्ता के भी चोटें लगी थीं। बाद में कैंसर के चलते सिमरन की भी मौत हो गई थी। मेंदीरत्ता परिवार उस वक्त अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल होकर लौट रहा था।
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