{"_id":"b4039807242491da9c8c9b64096c310f","slug":"gangreap-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव में पहले कभी नहीं हुई ऐसी घटना ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गांव में पहले कभी नहीं हुई ऐसी घटना
datagang
Updated Sun, 04 Jan 2015 07:29 PM IST
विज्ञापन
गैंगरेप की शिकार पीड़िता के गांव में दो बार सामूहिक लूट और हत्या और घरों में तोड़फोड़ की घटनाएं तो हुईं लेकिन स्त्री जाति से किसी बदमाश ने बदसलूकी नहीं की। अब कानून के रक्षकों द्वारा गांव की किशोरी से गैंगरेप की घटना से पूरा क्षेत्र आहत है।
विज्ञापन
थाना मूसाझाग बनने से पूर्व यह गांव थाना दातागंज क्षेत्र में लगता था। वर्ष 1972 में गांव में पार्टी बंदी के चलते कई घंटों तक दो पक्षों में गोलीबारी हुई, जिसमें चोखे, कन्हई और विष्णु गोली का शिकार होकर मारे गए। गुस्साए मृतक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की। दूसरी घटना वर्ष 1974 में घटी। बदमाशों ने गांव के करीब एक दर्जन वैश्य परिवार लूटे थे। विरोध करने पर बदमाशों ने व्यापारी जागन लाल गुप्ता की हत्या कर दी थी। घटना के बाद करीब दो दर्जन परिवार गांव छोड़ गए।
विज्ञापन
दोनों घटनाओं के चश्मदीद रहे बुजुर्ग मुरारी लाल, सूबेदार, लोचन, विशम्भर दयाल, ऋषिपाल, परमेश्वरी और कन्हई आदि ने बताया कि पुलिस से ज्यादा बदमाश चरित्रवान थे। उन्होंने बहू-बेटियों का सम्मान किया।
विज्ञापन