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जुआरियों ने सिपाहियों को पीटा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:08 PM IST
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जुएं की सूचना पर दबिश देने गई थी टीम, हमले में दो सिपाही घायल
जुएं का फड़ चलने की जानकारी दबिश देने पहुंचे सिपाहियों पर जुआरियों ने हमला बोल दिया। जिससे दो सिपाही अंकित और दीपक जख्मी हो गए। दोनों का मेडिकल कराया गया है। सिपाही अंकित की ओर से 12 लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
सहसवान कोतवाली में तैनात सिपाही अंकित और दीपक कुमार सोमवार रात कस्बे में गश्त कर रहे थे। इनको खबर मिली कि मोहल्ला नीची मुनहेर वाल्मीकि बस्ती में जुएं का फड़ चल रहा है। यहां काफी लोग जुआ खेल रहे हैं। इा पर दोनों सिपाही मौके पर पहुंचे। यहां लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद लोगों ने दोनों सिपाहियों को घेर कर पीट दिया। मारपीट में सिपाही घायल हो गए। खबर मिलने पर कोतवाली से फोर्स मौके पर पहुंचा। इससे पहले हमलावर भाग चुके थे। मंगलवार को दोनों सिपाहियों का मेडिकल कराया गया। जख्मी सिपाही अंकित की ओर से गेंदन लाल, जानी, भूरे, सोनी, गौरव, कमल, अरजीत, जितिन, विकास, रंजीत, रमन, रतन को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी हुई है।
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मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पड़ताल की जा रही है आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।-उमेश यादव, सीओ सहसवान
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पहले भी होते रहे हैं बदायूं में पुलिस पर हमले
तीन सिपाही, एक दरोगा की हो चुकी है हत्या
बदायूं। पुलिस टीम पर हमले का यह पहला मामला नहीं है। जिले में पहले भी पुलिस पर हमले होते रहते हैं। कुछ सालों पर गौर करें तो तीन सिपाहियों और एक दरोगा की हत्या तक की जा चुकी है।
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सहसवान के मोहल्ला पठान टोला में 19 मार्च 2005 को हमला कर शिवचरन समेत दो सिपाहियों को घायल कर दिया गया था। मामले में 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 23 मार्च 2007 को पठान टोला में ही सिपाही रिंकू यादव की हत्या कर दी गई। इस मामले में छह लोगों को नामजद किया गया था। 21 जुलाई 2014 को सहसवान के गांव रसूलपुर टप्पा मलसई में लूट के आरोपी पुत्तू यादव ने गांव के लोगों के साथ मिलकर सिपाही चंदन सिंह और हरेंद्र को पीटा था। इस मामले में 16 लोगों को नामजद किया गया। 17 फरवरी 2016 को बिल्सी थाने के गांव गड़ौली में सिपाही शहीम और भीमसेन की हत्या कर दी गई। 22 जून 2016 को बिनावर थाने के गांव घट बहेटी में दरोगा सर्वेश यादव की हत्या कर दी गई। यहां सिपाही प्रमोद कुमार घायल हुआ था।
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जुएं का फड़ चलने की जानकारी दबिश देने पहुंचे सिपाहियों पर जुआरियों ने हमला बोल दिया। जिससे दो सिपाही अंकित और दीपक जख्मी हो गए। दोनों का मेडिकल कराया गया है। सिपाही अंकित की ओर से 12 लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
सहसवान कोतवाली में तैनात सिपाही अंकित और दीपक कुमार सोमवार रात कस्बे में गश्त कर रहे थे। इनको खबर मिली कि मोहल्ला नीची मुनहेर वाल्मीकि बस्ती में जुएं का फड़ चल रहा है। यहां काफी लोग जुआ खेल रहे हैं। इा पर दोनों सिपाही मौके पर पहुंचे। यहां लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद लोगों ने दोनों सिपाहियों को घेर कर पीट दिया। मारपीट में सिपाही घायल हो गए। खबर मिलने पर कोतवाली से फोर्स मौके पर पहुंचा। इससे पहले हमलावर भाग चुके थे। मंगलवार को दोनों सिपाहियों का मेडिकल कराया गया। जख्मी सिपाही अंकित की ओर से गेंदन लाल, जानी, भूरे, सोनी, गौरव, कमल, अरजीत, जितिन, विकास, रंजीत, रमन, रतन को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी हुई है।
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मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पड़ताल की जा रही है आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।-उमेश यादव, सीओ सहसवान
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पहले भी होते रहे हैं बदायूं में पुलिस पर हमले
तीन सिपाही, एक दरोगा की हो चुकी है हत्या
बदायूं। पुलिस टीम पर हमले का यह पहला मामला नहीं है। जिले में पहले भी पुलिस पर हमले होते रहते हैं। कुछ सालों पर गौर करें तो तीन सिपाहियों और एक दरोगा की हत्या तक की जा चुकी है।
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सहसवान के मोहल्ला पठान टोला में 19 मार्च 2005 को हमला कर शिवचरन समेत दो सिपाहियों को घायल कर दिया गया था। मामले में 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 23 मार्च 2007 को पठान टोला में ही सिपाही रिंकू यादव की हत्या कर दी गई। इस मामले में छह लोगों को नामजद किया गया था। 21 जुलाई 2014 को सहसवान के गांव रसूलपुर टप्पा मलसई में लूट के आरोपी पुत्तू यादव ने गांव के लोगों के साथ मिलकर सिपाही चंदन सिंह और हरेंद्र को पीटा था। इस मामले में 16 लोगों को नामजद किया गया। 17 फरवरी 2016 को बिल्सी थाने के गांव गड़ौली में सिपाही शहीम और भीमसेन की हत्या कर दी गई। 22 जून 2016 को बिनावर थाने के गांव घट बहेटी में दरोगा सर्वेश यादव की हत्या कर दी गई। यहां सिपाही प्रमोद कुमार घायल हुआ था।