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हर माह ड्यूटी के लिए तरस रहे एक हजार होमगार्ड
बदायूं।
Updated Sat, 11 Jul 2015 11:53 PM IST
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होमगार्ड विभाग में हर महीने 1000 जवान ड्यूटी के लिए तरसते हैं। कहने को तो जवानों की ड्यूटी का रोस्टर तय है। कंप्यूटराइज्ड ड्यूटी लगाई जाती है, लेकिन ड्यूटी में घपलेबाजी किसी से छिपी हुई नहीं है। अफसरों के चहेते कुछ जवानों को हर माह मनमाफिक ड्यूटी मिल जाती है। बाकी जवान मुंह ताकते हैं। शेड्यूल के मुताबिक सभी जवानों को बारी-बारी से ड्यूटी मिलनी चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा। कंप्यूटराइज्ड ड्यूटी में भी घपलेबाजी हो रही है।
जिले में होमगार्ड जवानों की कुल 19 कंपनी में जवानों के 1932 पद स्वीकृत हैं। इनमें 1700 पदों पर जवानों की तैनाती है। एक महिला प्लाटून में भी 27 महिला होमगार्ड हैं। शासन स्तर से तय है कि हर महीने 700 जवानों को ड्यूटी दी जाए। घपलेबाजी न हो इसके लिए शेड्यूल निर्धारित है। इनमें तीन प्रतिशत संवेदनशील ड्यूटी शामिल हैं। यह ड्यूटी जिला कमांडेंट होमगार्ड के विवेक पर निर्भार करती हैं। जिला कमांडेंट अपने चहेते जवानों को यह ड्यूटी देते हैं।
स्थानीय होने के साथ होमगार्ड जवान पुलिस के साथ न सिर्फ बराबर की ड्यूटी करते है। बल्कि नगरीय और ग्रामीण इलाकों का भौगोलिक, सामाजिक और सांप्रदायिक स्थिति के बारे में भी इनको पुलिस से ज्यादा जानकारी होती है। बावजूद इसके होमगार्ड जवानों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
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तीन प्रतिशत संवेदनशील ड्यूटी
बदायूं। कुल ड्यूटी में हर महीने तीन प्रतिशत जवानों की संवेदनशील ड्यूटी लगाई जाती है। इनमें जेल, कामर्शियल और प्रशासनिक ड्यूटी शामिल है। गौर करने वाली बात यह है कि हर महीने संवेदनशील ड्यूटी में वही जवान लगते हैं। जो लगातार यह ड्यूटी कर रहे हैं। कुल 20 ऐसे जवान हैं जो हर महीने मलाईदार ड्यूटी पाने में कामयाब रहते हैं।
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पंचायत चुनाव में लगेंगे 1000 होमगार्ड
बदायूं। सितंबर में होने वाली पंचायत चुनाव के लिए होमगार्ड ड्यूटी की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए 1000 जवान मांगे गए हैं। ड्यूटी अभी से लगानी शुरू कर दी गई है। जिला कमांडेंट होमगार्ड की मानें तो ड्यूटी के लिए जवानों की सूची तैयार कर ली गई है। गौर करने वाली बात यह है कि पंचायत चुनाव में भी 700 होमगार्ड ड्यूटी से वंचित रह जाएंगे।
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ड्यूटी शासन की ओर से निर्धारित शेड्यूल से लगाई जा रही है। कुल ड्यूटी में तीन प्रतिशत संवेदनशील कोटा होता है। अच्छा काम करने वाले जवानों को इस कोटा के तहत जेल, कामर्शियल और प्रशासनिक ड्यूटियां दी जाती हैं। ड्यूटी में गड़बड़ी की बात गलत है।
-संदीप कुमार, जिला कमांडेंट होमगार्ड
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जिले में होमगार्ड जवानों की कुल 19 कंपनी में जवानों के 1932 पद स्वीकृत हैं। इनमें 1700 पदों पर जवानों की तैनाती है। एक महिला प्लाटून में भी 27 महिला होमगार्ड हैं। शासन स्तर से तय है कि हर महीने 700 जवानों को ड्यूटी दी जाए। घपलेबाजी न हो इसके लिए शेड्यूल निर्धारित है। इनमें तीन प्रतिशत संवेदनशील ड्यूटी शामिल हैं। यह ड्यूटी जिला कमांडेंट होमगार्ड के विवेक पर निर्भार करती हैं। जिला कमांडेंट अपने चहेते जवानों को यह ड्यूटी देते हैं।
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स्थानीय होने के साथ होमगार्ड जवान पुलिस के साथ न सिर्फ बराबर की ड्यूटी करते है। बल्कि नगरीय और ग्रामीण इलाकों का भौगोलिक, सामाजिक और सांप्रदायिक स्थिति के बारे में भी इनको पुलिस से ज्यादा जानकारी होती है। बावजूद इसके होमगार्ड जवानों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
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तीन प्रतिशत संवेदनशील ड्यूटी
बदायूं। कुल ड्यूटी में हर महीने तीन प्रतिशत जवानों की संवेदनशील ड्यूटी लगाई जाती है। इनमें जेल, कामर्शियल और प्रशासनिक ड्यूटी शामिल है। गौर करने वाली बात यह है कि हर महीने संवेदनशील ड्यूटी में वही जवान लगते हैं। जो लगातार यह ड्यूटी कर रहे हैं। कुल 20 ऐसे जवान हैं जो हर महीने मलाईदार ड्यूटी पाने में कामयाब रहते हैं।
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पंचायत चुनाव में लगेंगे 1000 होमगार्ड
बदायूं। सितंबर में होने वाली पंचायत चुनाव के लिए होमगार्ड ड्यूटी की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए 1000 जवान मांगे गए हैं। ड्यूटी अभी से लगानी शुरू कर दी गई है। जिला कमांडेंट होमगार्ड की मानें तो ड्यूटी के लिए जवानों की सूची तैयार कर ली गई है। गौर करने वाली बात यह है कि पंचायत चुनाव में भी 700 होमगार्ड ड्यूटी से वंचित रह जाएंगे।
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ड्यूटी शासन की ओर से निर्धारित शेड्यूल से लगाई जा रही है। कुल ड्यूटी में तीन प्रतिशत संवेदनशील कोटा होता है। अच्छा काम करने वाले जवानों को इस कोटा के तहत जेल, कामर्शियल और प्रशासनिक ड्यूटियां दी जाती हैं। ड्यूटी में गड़बड़ी की बात गलत है।
-संदीप कुमार, जिला कमांडेंट होमगार्ड