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जिला अस्पताल के स्टोर से झोलाछाप को जाती थी दवा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 22 Oct 2016 12:01 AM IST
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सरकारी दवाएं झोलाछाप को बेचने के मामले का खुलासा
पुलिस ने एक फार्मासिस्ट को बचाया, दो पर मुकदमा
सरकारी दवाओं की झोलाछाप को बिक्री का धंधा जिला अस्पताल के एक स्टोर से चल रहा था। प्रारंभिक जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। एक फार्मासिस्ट भी इसमें लिप्त है। तीन सदस्यों की टीम मामले की जांच कर रही है। कुछ और लोग भी लपेटे में आने से जांच टीम इंकार नहीं कर रही है। एक झोलाछाप भी इसमें शामिल है, जो बाकी झोलाछाप को दवाइयों की सप्लाई कर रहा था।
अलापुर थाना के गांव उपरैला में पिछले दिनों पुलिस ने सरकारी दवाओं की खेप के साथ कादरचौक थाने के गांव जरासी निवासी सुनील सक्सेना पुत्र रघुनंदन को गिरफ्तार किया था। यह दवाएं उपरैला गांव में एक झोलाछाप को सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थीं। सुनील के पास से जिला अस्पताल से चोरी की गईं 14 प्रकार की दवाएं बरामद की गईं। इनकी कीमत हजारों रुपये में थी। पूछताछ के आधार पर मामले में सुनील सक्सेना और जिला अस्पताल के बाबू नाम के कर्मचारी के खिलाफ अलापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
जिला अस्पताल से सरकारी दवाओं की झोलाछाप को सप्लाई के मामले में सीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर पवन कुमार और एआरओ विजय कुमार की एक जांच कमेटी बना दी। जांच कमेटी ने पुष्टि की है कि जिला अस्पताल से ही दवाइयों की झोलाछाप को सप्लाई की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह भी पता लगा है कि पकड़ी गईं दवाइयों में अस्पताल के एक स्टोर की भूमिका है।
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मामले में जांच की जा रही है। दवाइयों की झोलाछाप को बिक्री के मामले में अगर कोई अस्पताल कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डा. सुबोध शर्मा, एडी हेल्थ
पुलिस ने एक फार्मासिस्ट को बचाया, दो पर मुकदमा
सरकारी दवाओं की झोलाछाप को बिक्री का धंधा जिला अस्पताल के एक स्टोर से चल रहा था। प्रारंभिक जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। एक फार्मासिस्ट भी इसमें लिप्त है। तीन सदस्यों की टीम मामले की जांच कर रही है। कुछ और लोग भी लपेटे में आने से जांच टीम इंकार नहीं कर रही है। एक झोलाछाप भी इसमें शामिल है, जो बाकी झोलाछाप को दवाइयों की सप्लाई कर रहा था।
अलापुर थाना के गांव उपरैला में पिछले दिनों पुलिस ने सरकारी दवाओं की खेप के साथ कादरचौक थाने के गांव जरासी निवासी सुनील सक्सेना पुत्र रघुनंदन को गिरफ्तार किया था। यह दवाएं उपरैला गांव में एक झोलाछाप को सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थीं। सुनील के पास से जिला अस्पताल से चोरी की गईं 14 प्रकार की दवाएं बरामद की गईं। इनकी कीमत हजारों रुपये में थी। पूछताछ के आधार पर मामले में सुनील सक्सेना और जिला अस्पताल के बाबू नाम के कर्मचारी के खिलाफ अलापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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जिला अस्पताल से सरकारी दवाओं की झोलाछाप को सप्लाई के मामले में सीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर पवन कुमार और एआरओ विजय कुमार की एक जांच कमेटी बना दी। जांच कमेटी ने पुष्टि की है कि जिला अस्पताल से ही दवाइयों की झोलाछाप को सप्लाई की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह भी पता लगा है कि पकड़ी गईं दवाइयों में अस्पताल के एक स्टोर की भूमिका है।
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मामले में जांच की जा रही है। दवाइयों की झोलाछाप को बिक्री के मामले में अगर कोई अस्पताल कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डा. सुबोध शर्मा, एडी हेल्थ