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यदुवंशियों की थानेदारी में बढ़ रहा क्राइम ग्राफ
रजनीश पांडेय/बदायूं।
Updated Wed, 10 Dec 2014 08:03 PM IST
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थानों का चार्ज देने में नियमों का पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। जिले के कुल 21 थानों में 11 की कमान यदुवंशियों के हाथ में है। बावजूद इसके जिले में क्राइम ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। उझानी कोतवाली क्षेत्र में तो क्राइम ग्राफ ने कई रिकार्ड तोड़ दिए हैं। यहां एक महीने में आठ लोगों को कत्ल कर दिया गया। कमोवेश यही हाल मुजरिया, कादरचौक, फैजगंज बेहटा, इस्लामनगर, उघैती, बिसौली और बिल्सी थानों का भी है। गौर करने वाली बात यह है कि तमाम थानों की कमान टू स्टार को सौंप दी गई है। हालांकि नियम यह है कि थाना इंचार्ज थ्री स्टार होना चाहिए। जाहिर है कि थानेदारी सौंपने में नियमों को दरकिनार कर दिया गया है।
जिले में महिला थाना समेत 22 थाने हैं। नियमानुसार थानेदारों की तैनाती आरक्षण के हिसाब से होनी चाहिए। इसमें जनरल, पिछड़ी जाति और अनुसूचित जाति के थानेदारों को आरक्षण के हिसाब से तैनाती मिलनी चाहिए। करीब दो साल पहले सरकार ने यह भी तय कर दिया था कि कोतवाली के साथ थानों में भी अब इंचार्ज थ्री स्टार होगा। बावजूद इसके थानेदारों की तैनाती में न तो आरक्षण का पालन होता है और न वरिष्ठता था। जिले के कुछेक थानों की छोड़ दें तो बाकी सभी की कमान टू स्टार दरोगाओं के हाथ में है। आरक्षण को तो पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। जिले के 11 बड़े थानों में नियमों को दरकिनार करके यदुवंशियों को चार्ज दे दिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि यदुवंशियों की सरकार और यदुवंशियों की थानेदारी में भी क्राइम ग्राफ रिकार्ड तोड़ रहा है। चाहे वह प्रतिबंधित पशुओं के वध, तस्करी के मामले हों या फिर लूट, हत्या, डकैती, रेप के मामले। तमाम बार पुलिसिंग फेल होती नजर आती है।
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जिले में महिला थाना समेत 22 थाने हैं। नियमानुसार थानेदारों की तैनाती आरक्षण के हिसाब से होनी चाहिए। इसमें जनरल, पिछड़ी जाति और अनुसूचित जाति के थानेदारों को आरक्षण के हिसाब से तैनाती मिलनी चाहिए। करीब दो साल पहले सरकार ने यह भी तय कर दिया था कि कोतवाली के साथ थानों में भी अब इंचार्ज थ्री स्टार होगा। बावजूद इसके थानेदारों की तैनाती में न तो आरक्षण का पालन होता है और न वरिष्ठता था। जिले के कुछेक थानों की छोड़ दें तो बाकी सभी की कमान टू स्टार दरोगाओं के हाथ में है। आरक्षण को तो पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। जिले के 11 बड़े थानों में नियमों को दरकिनार करके यदुवंशियों को चार्ज दे दिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि यदुवंशियों की सरकार और यदुवंशियों की थानेदारी में भी क्राइम ग्राफ रिकार्ड तोड़ रहा है। चाहे वह प्रतिबंधित पशुओं के वध, तस्करी के मामले हों या फिर लूट, हत्या, डकैती, रेप के मामले। तमाम बार पुलिसिंग फेल होती नजर आती है।
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