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तस्करों ने चोरी करके काटे दो गौवंशीय पशु
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2016 12:10 AM IST
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पुलिस ने मौके से बरामद किए अवशेष, रिपोर्ट दर्ज नहीं
गढ़ौलिया पट्टी तासौर से किए गए थे पशु चोरी
मांस तस्करों ने दो गौवंशीय पशुओं को चोरी करने के बाद काट लिया गया। तस्करों ने मांस भी ठिकाने लगा दिया। खबर मिलने पर पुलिस ने छापामारी कर मौके से पशु काटने के उपकरण, तराजू आदि बरामद किया। हालांकि, मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
रविवार की रात मांस तस्करों ने कोतवाली सहसवान क्षेत्र के गांव गढ़ौलिया पट्टी तासौर से एक ग्रामीण की पशुशाला से दो प्रतिबंधित पशु चोरी कर लिए। सुबह होने पर जब पशुशाला में पशु नहीं मिले तो ग्रामीण ने तलाश शुरू की। गांव के लोगों को भी गौवंशीय पशुओं की चोरी के बारे में पता लगा। सुरागरसी करते हुए गांव के लोग पड़ोसी गांव घूरपुर पहुंचे। यहां एक घर में प्रतिबंधित पशुओं का वध किया जा रहा था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले मांस तस्कर मांस को ठिकाने लगा चुके थे। पुलिस ने मौके से कुल्हाड़ी, कई छुरे, पशुओं के अवशेष, खाल, तराजू आदि बरामद किया। ग्रामीण ने खाल और अवशेष देखकर पशुओं की शिनाख्त की।
इसके बाद गौढ़ौलिया पट्टी तासौर के तमाम ग्रामीण कोतवाली सहसवान पहुंचे। तहरीर दिए जाने के बाद भी जब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो ग्रामीणों ने कोतवाली पर हंगामा भी किया। देर शाम तक पुलिस मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की जुगत में लगी हुई थी।
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पशुओं के कुछ अवशेष बरामद किए गए हैं। अब तक रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।-यशवीर सिंह, इंस्पेक्टर सहसवान
मांस तस्करी के लिए बदनाम है सहसवान
सहसवान। गौवंशीय पशुओं को चोरी कर उनका वध और मांस ठिकाने लगाने का यह पहला मामला नहीं है। सहसवान कोतवाली गौवंशीय पशुओं के वध और मांस तस्करी के लिए बदनाम है। कुछ महीने पहले कस्बे के मोहल्ला पठान टोला में मांस तस्करों ने पुलिस पर हमला भी किया था। इसमें एक सिपाही भी घायल हुआ था। कस्बे समेत पूरे कोतवाली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गौवंशीय पशुओं का वध हो रहा है, लेकिन पुलिस इसी तरह से मामले को रफा-दफा कर देती है।
गढ़ौलिया पट्टी तासौर से किए गए थे पशु चोरी
मांस तस्करों ने दो गौवंशीय पशुओं को चोरी करने के बाद काट लिया गया। तस्करों ने मांस भी ठिकाने लगा दिया। खबर मिलने पर पुलिस ने छापामारी कर मौके से पशु काटने के उपकरण, तराजू आदि बरामद किया। हालांकि, मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
रविवार की रात मांस तस्करों ने कोतवाली सहसवान क्षेत्र के गांव गढ़ौलिया पट्टी तासौर से एक ग्रामीण की पशुशाला से दो प्रतिबंधित पशु चोरी कर लिए। सुबह होने पर जब पशुशाला में पशु नहीं मिले तो ग्रामीण ने तलाश शुरू की। गांव के लोगों को भी गौवंशीय पशुओं की चोरी के बारे में पता लगा। सुरागरसी करते हुए गांव के लोग पड़ोसी गांव घूरपुर पहुंचे। यहां एक घर में प्रतिबंधित पशुओं का वध किया जा रहा था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले मांस तस्कर मांस को ठिकाने लगा चुके थे। पुलिस ने मौके से कुल्हाड़ी, कई छुरे, पशुओं के अवशेष, खाल, तराजू आदि बरामद किया। ग्रामीण ने खाल और अवशेष देखकर पशुओं की शिनाख्त की।
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इसके बाद गौढ़ौलिया पट्टी तासौर के तमाम ग्रामीण कोतवाली सहसवान पहुंचे। तहरीर दिए जाने के बाद भी जब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो ग्रामीणों ने कोतवाली पर हंगामा भी किया। देर शाम तक पुलिस मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की जुगत में लगी हुई थी।
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पशुओं के कुछ अवशेष बरामद किए गए हैं। अब तक रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।-यशवीर सिंह, इंस्पेक्टर सहसवान
मांस तस्करी के लिए बदनाम है सहसवान
सहसवान। गौवंशीय पशुओं को चोरी कर उनका वध और मांस ठिकाने लगाने का यह पहला मामला नहीं है। सहसवान कोतवाली गौवंशीय पशुओं के वध और मांस तस्करी के लिए बदनाम है। कुछ महीने पहले कस्बे के मोहल्ला पठान टोला में मांस तस्करों ने पुलिस पर हमला भी किया था। इसमें एक सिपाही भी घायल हुआ था। कस्बे समेत पूरे कोतवाली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गौवंशीय पशुओं का वध हो रहा है, लेकिन पुलिस इसी तरह से मामले को रफा-दफा कर देती है।