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मासूम रौनक को खोजेगी बदायूं पुलिस की एएचटी यूनिट
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2016 09:16 PM IST
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करीब एक साल पहले सोमवती अमावस्या पर कछला गंगाघाट से गुम मासूम रौनक शर्मा के घरवालों की शिकायत पर विवेचना बदायूं पुलिस को ट्रांसफर होने के साथ एंटी ह़़्यूमन ट्रेफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। गायब रौनक के पिता ने दो दिन पहले विवचेक समेत यूनिट के अफसरों के सामने पेश होकर कासगंज पुलिस की शिकायत भी की। रौनक को खोजने का जिम्मा एएचटीयू को सौंपा गया है।
राजस्थान में धौलपुर की गुर्जर कालोनी के गुलाबबाग निवासी गिरीश कुमार शर्मा ने यूनिट के प्रभारी निरीक्षक बाबूराम और उपनिरीक्षक रमेश सिंह के सामने पेश होकर उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। बकौल गिरीश- उसे शक है कि उसकी बेटी रौनक को मानवव् तस्करी के धंधे से लिप्त किसी गिर ोह ने चंगुल में लिया है। ऐसा ही आरोप लगाते हुए गिरीश और उसके घरवाले आगरा, अलीगढ़ और कासगंज के पुलिस अफसरों के सामने भी पेश होकर लगा चुका है। अफसरों के निर्देश पर कासगंज पुलिस ने ठोस कार्रवाई करने की वजाय महज औपचारिकता ही पूरी की थी।
रौनक के पिता ने हालांकि पीएमओ में चिट्ठी भेजी है, लेकिन मानवाधिकार आयोग ने उसकी शिकायत पर गौर करते हुए विवेचना बदायूं पुलिस से कराने का निर्देश दिया था। बदायूं पुलिस की एंटी ट्रेफिकिंग यूनिट के प्रभारी को गिरीश ने यह भी बताया कि कासगंज जिले की सोरों कोतवाली पुलिस ने उसके नगरिया के एक युवक को हिरासत में भी लिया था लेकिन पूछताछ नहीं की गई। पुलिस ने उसके आपराधिक रिकार्ड पर गौर नहीं किया था।
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यह था पूरा मामला
उझानी। पिछले साल 18 मई को सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करने के लिए धौलपुर से गिरीश कुमार शर्मा अपने परिवार के साथ आए थे। गिरीश ने पहले बेटी रौनक को स्नान कराया फिर से घाट पर बैठाकर नहाने लगा। नहा कर गिरीश और उसकी पत़्नी निकले तो रौनक नजर नहीं आई। तीन-चार दिन तक गिरीश बदायूं और कासगंज पुलिस के चक्कर काटता रहा लेकिन बाद में कासगंज पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली थी।
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गायब रौनक शर्मा के मामले में उन्होंने कासगंज पुलिस से अभिलेखीय जानकारियों के साथ केस से जुड़े कागजात हासिल कर लिए है। रौनक के पिता से भी बात हो चुकी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई कर बच्ची को बरामद किया जाएगा।- बाबूराम, प्रभारी निरीक्षक, एएचटीयू।
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राजस्थान में धौलपुर की गुर्जर कालोनी के गुलाबबाग निवासी गिरीश कुमार शर्मा ने यूनिट के प्रभारी निरीक्षक बाबूराम और उपनिरीक्षक रमेश सिंह के सामने पेश होकर उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। बकौल गिरीश- उसे शक है कि उसकी बेटी रौनक को मानवव् तस्करी के धंधे से लिप्त किसी गिर ोह ने चंगुल में लिया है। ऐसा ही आरोप लगाते हुए गिरीश और उसके घरवाले आगरा, अलीगढ़ और कासगंज के पुलिस अफसरों के सामने भी पेश होकर लगा चुका है। अफसरों के निर्देश पर कासगंज पुलिस ने ठोस कार्रवाई करने की वजाय महज औपचारिकता ही पूरी की थी।
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रौनक के पिता ने हालांकि पीएमओ में चिट्ठी भेजी है, लेकिन मानवाधिकार आयोग ने उसकी शिकायत पर गौर करते हुए विवेचना बदायूं पुलिस से कराने का निर्देश दिया था। बदायूं पुलिस की एंटी ट्रेफिकिंग यूनिट के प्रभारी को गिरीश ने यह भी बताया कि कासगंज जिले की सोरों कोतवाली पुलिस ने उसके नगरिया के एक युवक को हिरासत में भी लिया था लेकिन पूछताछ नहीं की गई। पुलिस ने उसके आपराधिक रिकार्ड पर गौर नहीं किया था।
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यह था पूरा मामला
उझानी। पिछले साल 18 मई को सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करने के लिए धौलपुर से गिरीश कुमार शर्मा अपने परिवार के साथ आए थे। गिरीश ने पहले बेटी रौनक को स्नान कराया फिर से घाट पर बैठाकर नहाने लगा। नहा कर गिरीश और उसकी पत़्नी निकले तो रौनक नजर नहीं आई। तीन-चार दिन तक गिरीश बदायूं और कासगंज पुलिस के चक्कर काटता रहा लेकिन बाद में कासगंज पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली थी।
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गायब रौनक शर्मा के मामले में उन्होंने कासगंज पुलिस से अभिलेखीय जानकारियों के साथ केस से जुड़े कागजात हासिल कर लिए है। रौनक के पिता से भी बात हो चुकी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई कर बच्ची को बरामद किया जाएगा।- बाबूराम, प्रभारी निरीक्षक, एएचटीयू।