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16 साल बाद हाजिर हुआ दहेज हत्या का आरोपी
ब्यूरो/बदायूं
Updated Wed, 21 Dec 2016 11:30 PM IST
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दहेज हत्या के 16 साल पुराने मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों में से एक सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी के कोर्ट में पेश हुआ। उसने अपने वकील के जरिए जमानत की अर्जी दी। कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर आरोपी को जेल भेज दिया है। उसकी जमानत पर सेशन कोर्ट में सुनवाई अब 22 दिसंबर को होगी।
मामला सहसवान कोतवाली के मोहल्ला सैफुल्लागंज का है। थाना वजीरगंज के गांव हतरा निवासी नत्थूलाल गुप्ता ने 25 अक्तूबर 2000 को सहसवान कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नत्थूलाल के मुताबिक उसने अपनी बेटी सरोज की शादी सैफुल्लागंज निवासी जगमोहन लाल के पुत्र संजय कुमार से सात मार्च 2000 को की थी। आरोप था कि ससुराल वाले दहेज में स्कूटर और वॉशिंग मशीन की मांग कर रहे थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने 24 अक्तूबर 2000 को सरोज की गला घोंटकर हत्या कर दी। जगमोहन ने विवेचना सीबीसीआईडी बरेली को ट्रांसफर करा ली थी। सीबीसीआईडी ने मामले में आरोपी सरोज के पति संजय कुमार, ससुर जगमोहन और सास सरला देवी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद से बार-बार आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किए जा रहे थे। इसके बाद भी आरोपी हाजिप्तर नहीं हुए। सात दिसंबर 2016 को कोर्ट ने इंस्पेक्टर सहसवान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया। इसके बावजूद पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। घटना के 16 साल बाद मंगलवार को जगमोहन ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उसने जमानत के लिए अर्जी भी दी। कोर्ट ने जमानत खारिज कर आरोपी को जेल भेज दिया। उसकी जमानत पर सुनवाई अब सेशन कोर्ट में 22 दिसंबर को होगी। हालांकि, आरोपी पति संजय कुमार और सास सरला देवी अब भी फरार हैं। कोर्ट ने इंस्पेक्टर सहसवान को इस मामले में तलब किया है।
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मामला सहसवान कोतवाली के मोहल्ला सैफुल्लागंज का है। थाना वजीरगंज के गांव हतरा निवासी नत्थूलाल गुप्ता ने 25 अक्तूबर 2000 को सहसवान कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नत्थूलाल के मुताबिक उसने अपनी बेटी सरोज की शादी सैफुल्लागंज निवासी जगमोहन लाल के पुत्र संजय कुमार से सात मार्च 2000 को की थी। आरोप था कि ससुराल वाले दहेज में स्कूटर और वॉशिंग मशीन की मांग कर रहे थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने 24 अक्तूबर 2000 को सरोज की गला घोंटकर हत्या कर दी। जगमोहन ने विवेचना सीबीसीआईडी बरेली को ट्रांसफर करा ली थी। सीबीसीआईडी ने मामले में आरोपी सरोज के पति संजय कुमार, ससुर जगमोहन और सास सरला देवी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद से बार-बार आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किए जा रहे थे। इसके बाद भी आरोपी हाजिप्तर नहीं हुए। सात दिसंबर 2016 को कोर्ट ने इंस्पेक्टर सहसवान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया। इसके बावजूद पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। घटना के 16 साल बाद मंगलवार को जगमोहन ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उसने जमानत के लिए अर्जी भी दी। कोर्ट ने जमानत खारिज कर आरोपी को जेल भेज दिया। उसकी जमानत पर सुनवाई अब सेशन कोर्ट में 22 दिसंबर को होगी। हालांकि, आरोपी पति संजय कुमार और सास सरला देवी अब भी फरार हैं। कोर्ट ने इंस्पेक्टर सहसवान को इस मामले में तलब किया है।
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