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गोवंशीय पशुओं की खाल से भरा कैंटर पलटा
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Sat, 05 Dec 2015 09:39 PM IST
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जरीफनगर थाने के पास घटना, चालक भागा, सहसवान से गुन्नौर की ओर जा रहा था ट्रक
जरीफनगर थाने से मात्र सौ मीटर की दूरी पर शनिवार तड़के सहसवान से गुन्नौर की ओर जा रहा कैंटर सामने से आ रहे सीमेंट से भरे ट्रक से टकराने के बाद खाई में पलट गया। इसमें प्रतिबंधित पशुओं की खालें भरी हुई थीं। कैंटर पलटने से हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई। बाद में पुलिस ने जेसीबी मंगा कर हाईवे साफ कराया। तब यातायात चालू हो सका। कैंटर में प्रतिबंधित पशुओं की करीब 1500 खाल होने का अनुमान है। पुलिस ट्रक मालिक को ट्रेस करने में जुटी हुई है। यह पहला मौका नहीं है, जब जिले में इतनी बड़ी तादाद में प्रतिबंधित पशुओं की खाल बरामद हुई हों। इससे पहले भी कुंवरगांव, सहसवान, उझानी थाना क्षेत्रों में प्रतिबंधित पशुओं की खालें बरामद हो चुकी हैं।
कैंटर से मिले मांस तस्करी के बहीखाते
कैंटर से कई ऐसे कागजात मिले हैं। इनमें मांस और प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी करने वालों के कई राज छिपे हुए हैं। बदायूं के उझानी, उसहैत, ककराला, सहसवान, संभल के जुनावाई समेत कई इलाकों के नाम भी लिखे हैं। पशु तस्करों के कई कोड भी लिखे हैं। इनकी गहनता से पड़ताल हो तो इस मांस तस्करी गैंग का खुलासा हो सकता है।
प्रतिबंधित पशुओं, प्रतिबंधित पशुओं के मांस और खाल की तस्करी को लेकर जिला बदनाम है। यहां यह कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। खादी और खाकी के गठजोड़ की वजह से पुलिस कभी बड़े माफियाओं पर हाथ नहीं डालती। तमाम मामले लीपापोती करके निपटा दिए जाते हैं। पिछले दिनों मुजरिया पुलिस ने तीन 14 टायरा ट्रक पकड़े थे। इनमें प्रतिबंधित पशु भरे हुए थे। तीन तस्करों को मौके से ही छोड़ दिया था। इन तस्करों ने एक बड़े नेता को अपना मामा बताया था। अब देखना है कि ताजा मामले में पुलिस की पड़ताल माफिया तक पहुंचती है या फिर इसका भी वही हश्र होता है, जो बाकी मामलों का होता रहा है। एसओ जरीफनगर, गंगा सिंह यादव ने बताया कि ट्रक को मय खालों के कब्जे में ले लिया गया है। जल्द ट्रक मालिक और तस्करों को ट्रेस कर लिया जाएगा। बरामद खालें अवैध हैं या वैध इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
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जरीफनगर थाने से मात्र सौ मीटर की दूरी पर शनिवार तड़के सहसवान से गुन्नौर की ओर जा रहा कैंटर सामने से आ रहे सीमेंट से भरे ट्रक से टकराने के बाद खाई में पलट गया। इसमें प्रतिबंधित पशुओं की खालें भरी हुई थीं। कैंटर पलटने से हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई। बाद में पुलिस ने जेसीबी मंगा कर हाईवे साफ कराया। तब यातायात चालू हो सका। कैंटर में प्रतिबंधित पशुओं की करीब 1500 खाल होने का अनुमान है। पुलिस ट्रक मालिक को ट्रेस करने में जुटी हुई है। यह पहला मौका नहीं है, जब जिले में इतनी बड़ी तादाद में प्रतिबंधित पशुओं की खाल बरामद हुई हों। इससे पहले भी कुंवरगांव, सहसवान, उझानी थाना क्षेत्रों में प्रतिबंधित पशुओं की खालें बरामद हो चुकी हैं।
कैंटर से मिले मांस तस्करी के बहीखाते
कैंटर से कई ऐसे कागजात मिले हैं। इनमें मांस और प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी करने वालों के कई राज छिपे हुए हैं। बदायूं के उझानी, उसहैत, ककराला, सहसवान, संभल के जुनावाई समेत कई इलाकों के नाम भी लिखे हैं। पशु तस्करों के कई कोड भी लिखे हैं। इनकी गहनता से पड़ताल हो तो इस मांस तस्करी गैंग का खुलासा हो सकता है।
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प्रतिबंधित पशुओं, प्रतिबंधित पशुओं के मांस और खाल की तस्करी को लेकर जिला बदनाम है। यहां यह कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। खादी और खाकी के गठजोड़ की वजह से पुलिस कभी बड़े माफियाओं पर हाथ नहीं डालती। तमाम मामले लीपापोती करके निपटा दिए जाते हैं। पिछले दिनों मुजरिया पुलिस ने तीन 14 टायरा ट्रक पकड़े थे। इनमें प्रतिबंधित पशु भरे हुए थे। तीन तस्करों को मौके से ही छोड़ दिया था। इन तस्करों ने एक बड़े नेता को अपना मामा बताया था। अब देखना है कि ताजा मामले में पुलिस की पड़ताल माफिया तक पहुंचती है या फिर इसका भी वही हश्र होता है, जो बाकी मामलों का होता रहा है। एसओ जरीफनगर, गंगा सिंह यादव ने बताया कि ट्रक को मय खालों के कब्जे में ले लिया गया है। जल्द ट्रक मालिक और तस्करों को ट्रेस कर लिया जाएगा। बरामद खालें अवैध हैं या वैध इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
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