{"_id":"58dab2794f1c1b477763f6ad","slug":"a-burst-of-explosions-and-five-lives","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक तेज धमाका और खत्म हो गईं पांच जिंदगियां","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक तेज धमाका और खत्म हो गईं पांच जिंदगियां
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं/उझानी।
Updated Wed, 29 Mar 2017 12:29 AM IST
विज्ञापन
accident
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- बड़े हादसों के लिए बदनाम है हाईवे का यह टुकड़ा
- छह साल पहले हादसे में गई थी 45 लोगों की जान
बरेली-मथुरा हाईवे पर बदायूं से कछला के बीच का टुकड़ा बड़े सड़क हादसों के लिए बदनाम है। हाईवे पर इसी तरह के बड़े हादसे पहले भी होते रहे हैं। करीब छह साल पहले 25 दिसंबर 2010 को बरेली-मथुरा हाईवे पर रोडवेज बस और डीसीएम की टक्कर में 45 लोगों की मौत हो गई थी। मंगलवार रात को हुए हादसे ने एक बार फिर से पुराने सड़क हादसों की यादों को ताजा कर दिया है।
शहर के मोहल्ला जोगीपुरा बगिया निवासी परवेज, राहुल, भइये, मुन्ना और जायलो कार के चालक राजू को नहीं पता था कि शादी से निपटने के बाद वे बदायूं पहुंचकर खुशियां नहीं मना पाएंगे। मोहल्ले में भी शादी की खुशियां मातम में बदल जाएंगी। बदायूं की ओर आ रही तेज रफ्तार जायलो कार गंगोरा गांव के पास सामने से आ रहे टैंकर से जबरदस्त तरीके से टकराई। एक तेज धमाका हुआ और पल भर में पांच जिंदगियां खत्म हो गईं। बदायूं से कछला के बीच हाईवे पर संकेतक तो लगे हैं। इसके बावजूद हाईवे पर वाहन चलाने वाले इन पर गौर नहीं करते। 16 फरवरी 2016 को गुनौरा वाजिदपुर के पास हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद 27 अप्रैल 2016 को गांव नौशेरा की ओर जाने वाले रोड पर बाइक सवार चार लोगों को पिकअप ने रौंद दिया था। चारों लोगों की जान चली गई थी। तीन अप्रैल 2015 को इसी रोड पर हादसे ने पांच जिंदगियों को निगल लिया था। मंगलवार को हुए हादसे में एक बार फिर से पांच लोगों की जान चली गई।
मोबाइल से हुई जायलो चालक की शिनाख्त
बदायूं। मरने वालों में परवेज, राहुल, भइये और मुन्ने एक ही मोहल्ले के हैं। जायलो कार का चालक राजू शर्मा लोची नगला का रहने वाला है। चार शवों की शिनाख्त तो कुछ ही देर में हो गई। राजू का शव करीब एक घंटे तक शिनाख्त के इंतजार में रहा। बाद में राजू की जेब से मिले मोबाइल से जिला अस्पताल के एक कर्मचारी ने कॉल की। इस पर राजू के परिवार वालों ने अस्पताल पहुंचकर उसकी शिनाख्त की। राजू के परिवार में पांच बच्चे और पत्नी मीरा है। राजू ड्राइवरी करके ही परिवार को पाल रहा था।
विज्ञापन
शहर के जोगीपुरा बगिया में पसरा मातम
बदायूं। एक ही मोहल्ले के चार लोगों की हादसे की मौत की सूचना पर जोगीपुरा मोहल्ले में मातम छा गया। कल्लू के घर में भी शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे के बारे में जिसने भी सुना वह जिला अस्पताल की ओर दौड़ पड़ा। यहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। गोजीपुरा की गलियां भी चीत्कारों से गूंजने लगीं।
अस्पताल को बना दिया गया छावनी, पीएसी लगाई
बदायूं। हादसे में मरने वालों के शव और घायल जिला अस्पताल पहुंचे तो यहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने हंगामा भी शुरू कर दिया। इस पर कोतवाली और सिविल लाइंस पुलिस के साथ पीएसी को भी मौके पर बुला लिया गया। एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी अभिषेक यादव भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। शवों को किसी तरह से मोर्चरी में रखवाया गया। इस दौरान जिला अस्पताल में कई बार तनाव का माहौल बना। अधिकारियों ने किसी तरह से हालात पर काबू पाया।
भइये और नदीम हैं सगे भाई
बदायूं। हादसे में मरने वाला भइये और घायल हुआ नदीम सगे भाई हैं। नदीम को गंभीर हालत में बरेली रेफर किया गया है। उसकी हालत भी खराब बताई जा रही है। हादसे में एक भाई की मौत और एक के घायल होने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन
- छह साल पहले हादसे में गई थी 45 लोगों की जान
बरेली-मथुरा हाईवे पर बदायूं से कछला के बीच का टुकड़ा बड़े सड़क हादसों के लिए बदनाम है। हाईवे पर इसी तरह के बड़े हादसे पहले भी होते रहे हैं। करीब छह साल पहले 25 दिसंबर 2010 को बरेली-मथुरा हाईवे पर रोडवेज बस और डीसीएम की टक्कर में 45 लोगों की मौत हो गई थी। मंगलवार रात को हुए हादसे ने एक बार फिर से पुराने सड़क हादसों की यादों को ताजा कर दिया है।
शहर के मोहल्ला जोगीपुरा बगिया निवासी परवेज, राहुल, भइये, मुन्ना और जायलो कार के चालक राजू को नहीं पता था कि शादी से निपटने के बाद वे बदायूं पहुंचकर खुशियां नहीं मना पाएंगे। मोहल्ले में भी शादी की खुशियां मातम में बदल जाएंगी। बदायूं की ओर आ रही तेज रफ्तार जायलो कार गंगोरा गांव के पास सामने से आ रहे टैंकर से जबरदस्त तरीके से टकराई। एक तेज धमाका हुआ और पल भर में पांच जिंदगियां खत्म हो गईं। बदायूं से कछला के बीच हाईवे पर संकेतक तो लगे हैं। इसके बावजूद हाईवे पर वाहन चलाने वाले इन पर गौर नहीं करते। 16 फरवरी 2016 को गुनौरा वाजिदपुर के पास हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद 27 अप्रैल 2016 को गांव नौशेरा की ओर जाने वाले रोड पर बाइक सवार चार लोगों को पिकअप ने रौंद दिया था। चारों लोगों की जान चली गई थी। तीन अप्रैल 2015 को इसी रोड पर हादसे ने पांच जिंदगियों को निगल लिया था। मंगलवार को हुए हादसे में एक बार फिर से पांच लोगों की जान चली गई।
विज्ञापन
मोबाइल से हुई जायलो चालक की शिनाख्त
बदायूं। मरने वालों में परवेज, राहुल, भइये और मुन्ने एक ही मोहल्ले के हैं। जायलो कार का चालक राजू शर्मा लोची नगला का रहने वाला है। चार शवों की शिनाख्त तो कुछ ही देर में हो गई। राजू का शव करीब एक घंटे तक शिनाख्त के इंतजार में रहा। बाद में राजू की जेब से मिले मोबाइल से जिला अस्पताल के एक कर्मचारी ने कॉल की। इस पर राजू के परिवार वालों ने अस्पताल पहुंचकर उसकी शिनाख्त की। राजू के परिवार में पांच बच्चे और पत्नी मीरा है। राजू ड्राइवरी करके ही परिवार को पाल रहा था।
विज्ञापन
शहर के जोगीपुरा बगिया में पसरा मातम
बदायूं। एक ही मोहल्ले के चार लोगों की हादसे की मौत की सूचना पर जोगीपुरा मोहल्ले में मातम छा गया। कल्लू के घर में भी शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे के बारे में जिसने भी सुना वह जिला अस्पताल की ओर दौड़ पड़ा। यहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। गोजीपुरा की गलियां भी चीत्कारों से गूंजने लगीं।
अस्पताल को बना दिया गया छावनी, पीएसी लगाई
बदायूं। हादसे में मरने वालों के शव और घायल जिला अस्पताल पहुंचे तो यहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने हंगामा भी शुरू कर दिया। इस पर कोतवाली और सिविल लाइंस पुलिस के साथ पीएसी को भी मौके पर बुला लिया गया। एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी अभिषेक यादव भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। शवों को किसी तरह से मोर्चरी में रखवाया गया। इस दौरान जिला अस्पताल में कई बार तनाव का माहौल बना। अधिकारियों ने किसी तरह से हालात पर काबू पाया।
भइये और नदीम हैं सगे भाई
बदायूं। हादसे में मरने वाला भइये और घायल हुआ नदीम सगे भाई हैं। नदीम को गंभीर हालत में बरेली रेफर किया गया है। उसकी हालत भी खराब बताई जा रही है। हादसे में एक भाई की मौत और एक के घायल होने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।