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अवैध हथियार बनाने का केंद्र बन गया है सैंजनी

Tue, 05 Feb 2019 06:14 PM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Tue, 05 Feb 2019 06:14 PM IST
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अवैध हथियार बनाने का केंद्र बन गया है सैंजनी
दातागंज (बदायूं)। थाना मूसाझाग इलाके का गांव सैंजनी अवैध हथियार बनाने का केंद्र बन गया है। यहां अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों से हथियारों की सप्लाई पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों को होती है। धंधेबाजों का नेटवर्क इतना मजबूत है कि पुलिस के इलाके में होने की पूरी जानकारी उन्हें मिल जाती है जिससे वे सुरक्षित बच जाते हैं।
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रविवार को थाना मूसाझाग पुलिस ने काजीखेड़ा के जंगल में अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। दरअसल, इस इलाके में अवैध हथियार बनाने का धंधा लंबे समय से चल रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पांच साल पहले संभल में एक ट्रैक्टर पकड़ा गया था। बड़ी मात्रा में हथियार भी पकड़े गए थे उस समय पुलिस ने कई लोगों को पकड़ा था। दो साल पहले दिल्ली पुलिस यहां के कुछ युवकों को पकड़कर ले गई। उनसे कई अवैध हथियार बरामद किए गए थे।
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इन थानों की लगती है सीमा अवैध हथियारों की फैक्ट्री थाना मूसाझाग के गांव सैंजनी और उसके आसपास चलती हैं। इन स्थानों की सीमाएं मूसाझाग के अलावा दातागंज, अलापुर, हजरतपुर के थानों की भी सीमा से सटी हैं। करीब दो किमी के दायरे में सीमा होने से धंधेबाजों का उसका फायदा ज्यादा मिल जाता है। जब भी पुलिस पहुंचती है तब तक धंधेबाज वहां से खिसक जाते हैं और पुलिस थाना विवाद में उलझकर रह जाती है।  
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ऐसा नहीं कि शस्त्र फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद पुलिस शांत बैठी हो। अवैध शस्त्र बनाने वालों और उनके परिवार वालों के बारे में जानकारी की जा रही है। उनकी डिटेल चेक की जा रही है। जो भी अवैध शस्त्र बनाने में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - भूषण वर्मा, सीओ उझानी
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