{"_id":"5c07c58fbdec22419302154d","slug":"51544013199-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तन्हाई में फंदे पर झूलकर युवक ने जान दी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तन्हाई में फंदे पर झूलकर युवक ने जान दी
Updated Wed, 05 Dec 2018 06:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अकेले रह रहे एक युवक ने तन्हाई के चलते घर के अंदर फंदे पर लटककर जान दे दी। इससे पहले युवक दिखाई नहीं दिया तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। उसके घर का दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर लोगों ने पुलिस को सूचना देकर दरवाजा तोड़ा तो अंदर युवक का शव फंदे पर लटका हुआ था। उसके बाद पुलिस ने शव उतारकर उसका पोस्टमार्टम कराया।
करीब 40 वर्षीय अर्जुन पुत्र छोटेलाल वजीरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम करकटपुर निवासी था। अर्जुन चार भाई थे, जिनमें दो भाइयों की पहले ही मौत हो चुकी है। उसका छोटा भाई अशोक अपनी पत्नी बच्चों के साथ दिल्ली में रहता है। करीब तीन साल पहले अर्जुन की पत्नी बच्चों को लेकर अपने मायके चली गई थी। तब से न तो वापस लौटी और न ही अर्जुन कभी ससुराल गया। चाचा रामप्रसाद के मुताबिक अर्जुन अकेलेपन की वजह से शराब का आदि हो गया था। वह काफी परेशान भी रहता था। मंगलवार सुबह से लेकर शाम तक अर्जुन मोहल्ले में दिखाई नहीं दिया तो लोगों में चर्चा शुरू हुई। उसके बाद लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। मोहल्ले के लोग तलाश करते हुए उसके घर पहुंचे। उसके घर का दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर लोगों को कुछ शक हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। जिस पर कुछ देर बाद पुलिस भी पहुंच गई। उसके बाद लोगों ने दरवाजा तोड़ा और अंदर गए। एक कमरे में अर्जुन का शव फंदे पर लटका हुआ था। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम कराया गया। उसके बाद पुलिस ने शव को परिवार वालों के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
करीब 40 वर्षीय अर्जुन पुत्र छोटेलाल वजीरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम करकटपुर निवासी था। अर्जुन चार भाई थे, जिनमें दो भाइयों की पहले ही मौत हो चुकी है। उसका छोटा भाई अशोक अपनी पत्नी बच्चों के साथ दिल्ली में रहता है। करीब तीन साल पहले अर्जुन की पत्नी बच्चों को लेकर अपने मायके चली गई थी। तब से न तो वापस लौटी और न ही अर्जुन कभी ससुराल गया। चाचा रामप्रसाद के मुताबिक अर्जुन अकेलेपन की वजह से शराब का आदि हो गया था। वह काफी परेशान भी रहता था। मंगलवार सुबह से लेकर शाम तक अर्जुन मोहल्ले में दिखाई नहीं दिया तो लोगों में चर्चा शुरू हुई। उसके बाद लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। मोहल्ले के लोग तलाश करते हुए उसके घर पहुंचे। उसके घर का दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर लोगों को कुछ शक हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। जिस पर कुछ देर बाद पुलिस भी पहुंच गई। उसके बाद लोगों ने दरवाजा तोड़ा और अंदर गए। एक कमरे में अर्जुन का शव फंदे पर लटका हुआ था। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम कराया गया। उसके बाद पुलिस ने शव को परिवार वालों के हवाले कर दिया।
विज्ञापन