{"_id":"577aa8074f1c1b6f0c7fa228","slug":"50-thousand-bucks-lure-sukhbir-was-abducted","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 हजार रुपये के लालच में किया सुखवीर का अपहरण","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
50 हजार रुपये के लालच में किया सुखवीर का अपहरण
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2016 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में किया खुलासा
सांसद और राज्यमंत्री के घेराव के बाद भी कार्रवाई नहीं
थाना क्षेत्र के गांव लहरा असदुल्लापुर से अगवा 11 वर्षीय बालक सुखवीर को 50 हजार रुपये के लालच में अगवा किया गया था। 18 दिन बाद भी मुजरिया पुलिस सिर्फ लीपापोती करने में लगी है। राजनीतिक दबाव में दो अपहर्ताओं को थाने से ही छोड़ दिया गया। लियाकत नाम के एक आरोपी को जेल भेजा गया, लेकिन लियाकत ने वारदात में शामिल जिन लोगों के नाम पुलिस को बताए उन पर पुलिस सफेदपोश के दबाव में हाथ तक नहीं डाल रही है।
मुजरिया थाने के गांव लहरा असदुल्लापुर निवासी तेज सिंह का 11 वर्षीय बेटा सुखवीर 16 जून को घर से गांव में ही शब्बन की दुकान पर कुछ सामान खरीदने गया था। यहां से वह नहीं लौटा। 25 जून को पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की। लियाकत, शब्बन, साबिर और शब्बन की पत्नी सितारा को गिरफ्तार कर लिया। साबिर, सितारा और शब्बन को थाने से ही छोड़ दिया। लियाकत को कई दिन थाने में रखकर प्रताड़ित किया गया। लियाकत ने कुछ नाम पुलिस को बताए। यह भी बताया कि इन लोगों ने उसको 50 हजार रुपये देने का लालच दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने लियाकत के बताए लोगों पर हाथ नहीं डाला है।
मुजरिया पुलिस के खेल से नाराज गांव के लोगों ने दो जून को सांसद धर्मेंद्र यादव और राज्यमंत्री ओमकार सिंह का काफिला भी घेरा। यहां भी आश्वासन मिले, लेकिन 18 दिन बीतने के बाद भी मुजरियार पुलिस किसी लाइन तक नहीं पहुंची है।
विज्ञापन
------
... तो चचेरी बहन है प्रत्यक्षदर्शी
मुजरिया। एसपी देहात संजय राय और सीओ सहसवान उमेश यादव ने सोमवार को गांव पहुंच कर तेज सिंह के परिवार वालों से पूछताछ की। इस दौरान तेज सिंह के छोटे भाई की बेटी शिवानी ने पुलिस को बताया कि 16 जून को उसने सुखवीर को शब्बन की दुकान पर देखा था। उसके पास तीन लोग और खड़े हुए थे। यह लोग सुखवीर को पकड़ कर ले गए।
------
लापता किशोर का सुराग नहीं
दातागंज। थाना क्षेत्र के गांव नेता झुकसा में चल रहे देवी मेला में देखने गए गांव के ही महीपाल के 15 वर्षीय पुत्र मनीराम का सात दिन बाद भी सुराग नहीं लग सका है। मामले में गुमशुदगी दर्ज करा दी गई है। किशोर का मोबाइल भी बंद जा रहा है। परिवार वाले अनहोनी की आशंका जता रहे हैं।
सांसद और राज्यमंत्री के घेराव के बाद भी कार्रवाई नहीं
थाना क्षेत्र के गांव लहरा असदुल्लापुर से अगवा 11 वर्षीय बालक सुखवीर को 50 हजार रुपये के लालच में अगवा किया गया था। 18 दिन बाद भी मुजरिया पुलिस सिर्फ लीपापोती करने में लगी है। राजनीतिक दबाव में दो अपहर्ताओं को थाने से ही छोड़ दिया गया। लियाकत नाम के एक आरोपी को जेल भेजा गया, लेकिन लियाकत ने वारदात में शामिल जिन लोगों के नाम पुलिस को बताए उन पर पुलिस सफेदपोश के दबाव में हाथ तक नहीं डाल रही है।
मुजरिया थाने के गांव लहरा असदुल्लापुर निवासी तेज सिंह का 11 वर्षीय बेटा सुखवीर 16 जून को घर से गांव में ही शब्बन की दुकान पर कुछ सामान खरीदने गया था। यहां से वह नहीं लौटा। 25 जून को पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की। लियाकत, शब्बन, साबिर और शब्बन की पत्नी सितारा को गिरफ्तार कर लिया। साबिर, सितारा और शब्बन को थाने से ही छोड़ दिया। लियाकत को कई दिन थाने में रखकर प्रताड़ित किया गया। लियाकत ने कुछ नाम पुलिस को बताए। यह भी बताया कि इन लोगों ने उसको 50 हजार रुपये देने का लालच दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने लियाकत के बताए लोगों पर हाथ नहीं डाला है।
विज्ञापन
मुजरिया पुलिस के खेल से नाराज गांव के लोगों ने दो जून को सांसद धर्मेंद्र यादव और राज्यमंत्री ओमकार सिंह का काफिला भी घेरा। यहां भी आश्वासन मिले, लेकिन 18 दिन बीतने के बाद भी मुजरियार पुलिस किसी लाइन तक नहीं पहुंची है।
विज्ञापन
------
... तो चचेरी बहन है प्रत्यक्षदर्शी
मुजरिया। एसपी देहात संजय राय और सीओ सहसवान उमेश यादव ने सोमवार को गांव पहुंच कर तेज सिंह के परिवार वालों से पूछताछ की। इस दौरान तेज सिंह के छोटे भाई की बेटी शिवानी ने पुलिस को बताया कि 16 जून को उसने सुखवीर को शब्बन की दुकान पर देखा था। उसके पास तीन लोग और खड़े हुए थे। यह लोग सुखवीर को पकड़ कर ले गए।
------
लापता किशोर का सुराग नहीं
दातागंज। थाना क्षेत्र के गांव नेता झुकसा में चल रहे देवी मेला में देखने गए गांव के ही महीपाल के 15 वर्षीय पुत्र मनीराम का सात दिन बाद भी सुराग नहीं लग सका है। मामले में गुमशुदगी दर्ज करा दी गई है। किशोर का मोबाइल भी बंद जा रहा है। परिवार वाले अनहोनी की आशंका जता रहे हैं।