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ट्रक में भूसे के नीचे मिले 45 गोवंशीय पशु
अमर उजाला ब्यूरो कादरचौक।
Updated Mon, 20 Feb 2017 11:23 PM IST
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पशु
- फोटो : अमर उजाला
-पशुओं से भरा ट्रक निजामपुर के पास छोड़ कर भागे तस्कर
-कादरचौक इलाके में कादरगंज पुल से हो रही पशु तस्करी
जिले में गोवंशीय पशुओं की तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही। सोमवार को कादरचौक पुलिस ने गोवंशीय पशुओं से भरा एक ट्रक पकड़ा। ट्रक में ऊपर भूसे के कट्टे और नीचे गोवंशीय पशु भरे हुए थे। बरामद 45 पशुओं में से दो की दम घुटने से मौत हो गई। मौके से पशु तस्कर पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे।
सोमवार सुबह एसआई राजीव राठी को खबर मिली कि कादरगंज पुल की ओर से एक ट्रक आ रहा है। इसमें गोवंशीय पशु भरे हुए हैं। पुलिस ने वाहन चेकिंग शुरू कर दी। थाने के पास आने के बाद ट्रक चालक ने जब चेकिंग होती देखी तो ट्रक को दौड़ा दिया। पुलिस ने ट्रक का पीछा किया। इसके बाद पशु तस्कर निजामपुर गांव के पास ट्रक छोड़कर भाग गए। पुलिस ने तलाशी ली तो इसमें दो मरे हुए और 43 जीवित गोवंशीय पशु बरामद हुए। बरामद पशुओं को पुलिस ने ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया है। मामले में अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। फरार तस्करों की तलाश की जा रही है।
पशु तस्करी में इस्तेमाल वाहनों पर नहीं होती कार्रवाई
बदायूं। पशु तस्करी के ज्यादातर मामलों में पुलिस उन वाहनों के स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाती, जिन वाहनों का गोवंशीय पशुओं की तस्करी में इस्तेमाल होता है। छह फरवरी 2015 को सिविल लाइंस पुलिस ने गोवंशीय पशुओं से भरे हुए 75 वाहन पकड़े थे। गोवंशीय पशुओं की तस्करी का यह जिले में सबसे बड़ा मामला था। इन वाहन स्वामियों के खिलाफ भी कार्रवाई शून्य है। गौर करने वाली बात यह है कि पशु तस्करी के ज्यादातर मामलों में पशुओं से भरे वाहन को छोड़कर भागने में तस्कर कामयाब हो जाते हैं।
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-कादरचौक इलाके में कादरगंज पुल से हो रही पशु तस्करी
जिले में गोवंशीय पशुओं की तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही। सोमवार को कादरचौक पुलिस ने गोवंशीय पशुओं से भरा एक ट्रक पकड़ा। ट्रक में ऊपर भूसे के कट्टे और नीचे गोवंशीय पशु भरे हुए थे। बरामद 45 पशुओं में से दो की दम घुटने से मौत हो गई। मौके से पशु तस्कर पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे।
सोमवार सुबह एसआई राजीव राठी को खबर मिली कि कादरगंज पुल की ओर से एक ट्रक आ रहा है। इसमें गोवंशीय पशु भरे हुए हैं। पुलिस ने वाहन चेकिंग शुरू कर दी। थाने के पास आने के बाद ट्रक चालक ने जब चेकिंग होती देखी तो ट्रक को दौड़ा दिया। पुलिस ने ट्रक का पीछा किया। इसके बाद पशु तस्कर निजामपुर गांव के पास ट्रक छोड़कर भाग गए। पुलिस ने तलाशी ली तो इसमें दो मरे हुए और 43 जीवित गोवंशीय पशु बरामद हुए। बरामद पशुओं को पुलिस ने ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया है। मामले में अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। फरार तस्करों की तलाश की जा रही है।
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पशु तस्करी में इस्तेमाल वाहनों पर नहीं होती कार्रवाई
बदायूं। पशु तस्करी के ज्यादातर मामलों में पुलिस उन वाहनों के स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाती, जिन वाहनों का गोवंशीय पशुओं की तस्करी में इस्तेमाल होता है। छह फरवरी 2015 को सिविल लाइंस पुलिस ने गोवंशीय पशुओं से भरे हुए 75 वाहन पकड़े थे। गोवंशीय पशुओं की तस्करी का यह जिले में सबसे बड़ा मामला था। इन वाहन स्वामियों के खिलाफ भी कार्रवाई शून्य है। गौर करने वाली बात यह है कि पशु तस्करी के ज्यादातर मामलों में पशुओं से भरे वाहन को छोड़कर भागने में तस्कर कामयाब हो जाते हैं।
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