फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   एक साल बाद भी दंपति और बेटे का सुराग नहीं

एक साल बाद भी दंपति और बेटे का सुराग नहीं

Mon, 19 Jun 2017 07:43 PM IST
Updated Mon, 19 Jun 2017 07:43 PM IST
विज्ञापन
एक साल बाद भी दंपति और बेटे का सुराग नहीं
एक साल बाद भी दंपति और बेटे का सुराग नहीं
विज्ञापन

परिवार के लोग लगा रहे अधिकारियों के चक्कर
गांव के लोगों के साथ नौकरी करने गया था अनिल
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। थाना मूसाझाग के गांव घुमरइया से करीब एक साल पहले बेटे के साथ नौकरी करने गाजियाबाद गए दंपति का आज तक कोई सुराग नहीं लग सका है। इनके परिवार वाले एक साल से तलाश कर रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि मामले में अब तक रिपोर्ट भी दर्ज नहीं हो सकी है। अनहोनी की आशंका के लेकर परिवार के लोग परेशान हैं।

थाना मूसाझाग के गांव घुमरइया निवासी कांती देवी के पति मलखान की मौत हो चुकी है। कांती देवी का दामाद विनोद और बेटी यशोदा अपने डेढ़ साल के बेटे के साथ करीब एक साल पहले गांव के ही कुछ लोगों के साथ नौकरी करने गाजियाबाद गया था। कुछ दिन तक तो यशोदा और विनोद की परिवार वालों से बात होती रही। बाद में संपर्क टूट गया। जिन लोगों के साथ विनोद गया था, जब वे गांव वापस आए तो कांती देवी ने बेटी और दामाद के बारे में इनसे पूछा। इन लोगों ने उनके बारे में जानकारी होने की बात से इंकार कर दिया। इसके बाद से कांती देवी अपनी बेटी और दामाद की तलाश में भटक रही है। कांती देवी का आरोप है कि थाने में उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। सोमवार को कांती देवी मुख्यालय पहुंच कर एसएसपी चंद्र प्रकाश से मिली। एसएसपी ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया है। इधर, एसओ मूसाझाग अशोक सोलंकी का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में है। पड़ताल में पता लगा है कि विनोद जिन लोगों के साथ गाजियाबाद गया था। वहां उसका इन लोगों के साथ झगड़ा हुआ था। घटना गाजियाबाद की है। मुकदमा वहीं दर्ज किया जाएगा। फिर भी वह अपने स्तर से मामले में पड़ताल कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed