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होली पर निकाली पुरानी रंजिश, गला रेतकर हत्या
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Sat, 03 Mar 2018 06:44 PM IST
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murder
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कहासुनी की रंजिश ने होली पर खूनी रंग ले लिया। घर के बाहर चबूतरे पर बैठे वृद्ध और उसके दोनों पुत्रों पर गांव के ही छह लोगों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने इनमें एक युवक को घेर लिया और उसकी गर्दन छुरे से रेत दी। उसे बचाने की कोशिश में भाई तथा पिता घायल हो गए। घरवाले गंभीर रूप से घायल युवक को लेकर पहले बदायूं फिर बरेली पहुंचे। इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता ने सात लोगों को नामजद कराया है।
घटना शुक्रवार शाम करीब चार बजे की है। सादुल्लागंज निवासी मनसुख ठाकुर और उनके दोनों बेटे वीरपाल (34) और अमित सिंह (30) घर के बाहर चबूतरे पर बैठे थे। उसी दौरान गांव का ही रनवीर अपने छह साथियों समेत आ धमका। हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे और चाकू-छुरे थे। रनवीर ने वीरपाल को पुरानी रंजिश में गालियां देनी शुरू कर दीं। मना करने पर हमलावर वीरपाल पर टूट पड़े। उसकी गर्दन और पेट के पास छुरे और चाकू घोंप दिया गया। वीरपाल को बचाने के लिए मनसुख और अमित ने कोशिश की तो हमलावरों ने उन्हें भी लठिया दिया। तीनों को लहूलुहान हालत में छोड़ कर हमलावर मौके से भाग गए। घरवाले लहूलुहान वीरपाल को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। चिकित्साधीक्षक ने वीरपाल की हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल भेजा, फिर उसे बरेली रेफर कर दिया गया।
इलाज के दौरान देर शाम वीरपाल ने दम तोड़ दिया। इसकी भनक लगते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को सादुल्लागंज शव पहुंचा तो कुछ देर को तनाव का माहौल भी बन गया। प्रभारी निरीक्षक ललितमोहन सिंह ने बताया कि मृतक के पिता मनसुख सिंह ने रनवीर समेत सात लोगों को नामजद कराया है। नामजदों में किशनलाल, अशोक, संतोष, मुनेंद्र, रवि और शीलू भी शामिल हैं। नामजदों में पांच एक ही जाति के हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी लेकिन कोई भी हत्थे नहीं आया।
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हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा मनसुख
हमलावरों ने वीरपाल को जान से मारने के लिए फुलप्रूफ प्लान बनाया। उनका टारगेट भी वीरपाल रहा। जिस समय हमलावर पहुंचे, उन्होंने वीरपाल को ही निशाना बनाया। वीरपाल को ग्रामीण व्यवहारिक रूप से अच्छा युवक बता रहे थे, पर हमलावरों ने उसके पिता के गिड़गिड़ाने पर भी रहम नहीं किया। उसने हमलावरों से बेटे को बचाने के लिए हरसंभव कोशिश भी की। उनके आगे हाथ भी जोड़े पर उनका दिल नहीं पसीजा।
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घटना शुक्रवार शाम करीब चार बजे की है। सादुल्लागंज निवासी मनसुख ठाकुर और उनके दोनों बेटे वीरपाल (34) और अमित सिंह (30) घर के बाहर चबूतरे पर बैठे थे। उसी दौरान गांव का ही रनवीर अपने छह साथियों समेत आ धमका। हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे और चाकू-छुरे थे। रनवीर ने वीरपाल को पुरानी रंजिश में गालियां देनी शुरू कर दीं। मना करने पर हमलावर वीरपाल पर टूट पड़े। उसकी गर्दन और पेट के पास छुरे और चाकू घोंप दिया गया। वीरपाल को बचाने के लिए मनसुख और अमित ने कोशिश की तो हमलावरों ने उन्हें भी लठिया दिया। तीनों को लहूलुहान हालत में छोड़ कर हमलावर मौके से भाग गए। घरवाले लहूलुहान वीरपाल को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। चिकित्साधीक्षक ने वीरपाल की हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल भेजा, फिर उसे बरेली रेफर कर दिया गया।
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इलाज के दौरान देर शाम वीरपाल ने दम तोड़ दिया। इसकी भनक लगते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को सादुल्लागंज शव पहुंचा तो कुछ देर को तनाव का माहौल भी बन गया। प्रभारी निरीक्षक ललितमोहन सिंह ने बताया कि मृतक के पिता मनसुख सिंह ने रनवीर समेत सात लोगों को नामजद कराया है। नामजदों में किशनलाल, अशोक, संतोष, मुनेंद्र, रवि और शीलू भी शामिल हैं। नामजदों में पांच एक ही जाति के हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी लेकिन कोई भी हत्थे नहीं आया।
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हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा मनसुख
हमलावरों ने वीरपाल को जान से मारने के लिए फुलप्रूफ प्लान बनाया। उनका टारगेट भी वीरपाल रहा। जिस समय हमलावर पहुंचे, उन्होंने वीरपाल को ही निशाना बनाया। वीरपाल को ग्रामीण व्यवहारिक रूप से अच्छा युवक बता रहे थे, पर हमलावरों ने उसके पिता के गिड़गिड़ाने पर भी रहम नहीं किया। उसने हमलावरों से बेटे को बचाने के लिए हरसंभव कोशिश भी की। उनके आगे हाथ भी जोड़े पर उनका दिल नहीं पसीजा।