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कुंवरगांव में दिनदहाड़े शिक्षक की गोली मारकर हत्या
Updated Sun, 01 Oct 2017 12:05 AM IST
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चंचल मिश्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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कुंवरगांव (बदायूं)।
कोठरी पर कब्जे को लेकर दो पड़ोसियों के बीच शनिवार को इतना विवाद बढ़ा कि पड़ोसी ने दूसरे पक्ष के शिक्षक युवक को गोली मार दी तो उन्हें बचाने पहुंचे उनके पिता और भाई को फावड़ा मारकर घायल कर दिया। तीनों को घायल हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां शिक्षक ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद हमलावर फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त देशी पौनिया बरामद कर ली है। सूचना मिलते ही एसपी सिटी कमल किशोर और सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित पक्ष से घटना की जानकारी ली। इस घटना के बाद कस्बे में दहशत का माहौल है।
पुलिस के मुताबिक डाकखाने के पास रहने वाले सुरेश चंद्र मिश्रा का उनके पड़ोसी ईश्वर चंद्र विद्यासागर उर्फ सल्लू पंडित से कोठरी को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। जब भी सुरेश चंद्र मिश्रा कोठरी का निर्माण कराते तब ईश्वर चंद्र के घर वाले उसे गिरा देते। इसकी शिकायत पुलिस से भी की गई। आज सुबह सुरेश चंद्र के पुत्र शिक्षक चंचल और संदीप मिश्रा थाना पुलिस से मिले। उन्होंने पूरे मामले से अवगत कराया। एसओ धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि अभी यथास्थिति बनाए रखें। वह दूसरे पक्ष को बुलाकर आमने-सामने बात करेंगे। वहां से आने के बाद सुरेश चंद्र मिश्रा ने कोठरी के निर्माण कराने की कोशिश की। इसी पर ईश्वर चंद्र विद्यासागर और सुरेश चंद्र के घर वालों में कहासुनी होने लगी। बात बढ़ने पर ईश्वर चंद्र के पांचों बेटों ने सुरेश चंद्र के घर वालों पर हमला बोल दिया। हमलावर शिक्षक चंचल को घसीटते हुए अपने घर ले गए और वहां गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे पिता सुरेश और बड़े भाई संदीप मिश्रा को हमलावरों ने फावड़ा मारकर घायल कर दिया। बाद में हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तीनों को जिला अस्पताल भेज दिया। जहां चंचल (30) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। चंचल एक निजी स्कूल में शिक्षक है।
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ताऊ की भी हुई थी दिनदहाड़े हत्या
मृतक चंचल के ताऊ मुन्ना पंडित की आठ अक्टूबर 2013 को कस्बे में लगने वाली साप्ताहिक बाजार में दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसका खुलासा भी पुलिस आज तक नहीं कर सकी है। शिक्षक चचंल की हत्या के मामले में ईश्वर चंद्र विद्या सागर और उनके बेटे मुकेश, हृदेश, विपिन, राकेश और विशाल के खिलाफ हत्या की तहरीर दी गई है।
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पुलिस के आने के बाद खुले दरवाजे
कुंवरगांव। घटना के बाद सभी ने घरों के दरवाजों को बंद कर लिए। जब पुलिस मौके पर पहुंची तब लोगों ने दरवाजे खोले। दरोगा हेमराज सिंह ने बताया कि पुलिस मौके पर तैनात है। हमलावरों को तलाश किया जा रहा है।
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कार्रवाई होती तो न जाती जान
दिनदहाड़े हुई शिक्षक चंचल की हत्या के मामले में मृतक की मां गीता देवी सीधे तौर पर पुलिस को जिम्मेदार मान रही है। उनका कहना है कि 15 पहले ही हमलावरों ने धमकाया था, जिसकी शिकायत की गई थी। यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद उनका बेटा नहीं मारा जाता। उधर घर में पत्नी कविता का रो रो कर बुरा हाल रहा। सात साल पहले उनकी शादी हुई। एक बेटी (6) और एक बेटा अनंत (3) है।
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कोठरी पर कब्जे को लेकर दो पड़ोसियों के बीच शनिवार को इतना विवाद बढ़ा कि पड़ोसी ने दूसरे पक्ष के शिक्षक युवक को गोली मार दी तो उन्हें बचाने पहुंचे उनके पिता और भाई को फावड़ा मारकर घायल कर दिया। तीनों को घायल हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां शिक्षक ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद हमलावर फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त देशी पौनिया बरामद कर ली है। सूचना मिलते ही एसपी सिटी कमल किशोर और सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित पक्ष से घटना की जानकारी ली। इस घटना के बाद कस्बे में दहशत का माहौल है।
पुलिस के मुताबिक डाकखाने के पास रहने वाले सुरेश चंद्र मिश्रा का उनके पड़ोसी ईश्वर चंद्र विद्यासागर उर्फ सल्लू पंडित से कोठरी को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। जब भी सुरेश चंद्र मिश्रा कोठरी का निर्माण कराते तब ईश्वर चंद्र के घर वाले उसे गिरा देते। इसकी शिकायत पुलिस से भी की गई। आज सुबह सुरेश चंद्र के पुत्र शिक्षक चंचल और संदीप मिश्रा थाना पुलिस से मिले। उन्होंने पूरे मामले से अवगत कराया। एसओ धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि अभी यथास्थिति बनाए रखें। वह दूसरे पक्ष को बुलाकर आमने-सामने बात करेंगे। वहां से आने के बाद सुरेश चंद्र मिश्रा ने कोठरी के निर्माण कराने की कोशिश की। इसी पर ईश्वर चंद्र विद्यासागर और सुरेश चंद्र के घर वालों में कहासुनी होने लगी। बात बढ़ने पर ईश्वर चंद्र के पांचों बेटों ने सुरेश चंद्र के घर वालों पर हमला बोल दिया। हमलावर शिक्षक चंचल को घसीटते हुए अपने घर ले गए और वहां गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे पिता सुरेश और बड़े भाई संदीप मिश्रा को हमलावरों ने फावड़ा मारकर घायल कर दिया। बाद में हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तीनों को जिला अस्पताल भेज दिया। जहां चंचल (30) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। चंचल एक निजी स्कूल में शिक्षक है।
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ताऊ की भी हुई थी दिनदहाड़े हत्या
मृतक चंचल के ताऊ मुन्ना पंडित की आठ अक्टूबर 2013 को कस्बे में लगने वाली साप्ताहिक बाजार में दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसका खुलासा भी पुलिस आज तक नहीं कर सकी है। शिक्षक चचंल की हत्या के मामले में ईश्वर चंद्र विद्या सागर और उनके बेटे मुकेश, हृदेश, विपिन, राकेश और विशाल के खिलाफ हत्या की तहरीर दी गई है।
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पुलिस के आने के बाद खुले दरवाजे
कुंवरगांव। घटना के बाद सभी ने घरों के दरवाजों को बंद कर लिए। जब पुलिस मौके पर पहुंची तब लोगों ने दरवाजे खोले। दरोगा हेमराज सिंह ने बताया कि पुलिस मौके पर तैनात है। हमलावरों को तलाश किया जा रहा है।
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कार्रवाई होती तो न जाती जान
दिनदहाड़े हुई शिक्षक चंचल की हत्या के मामले में मृतक की मां गीता देवी सीधे तौर पर पुलिस को जिम्मेदार मान रही है। उनका कहना है कि 15 पहले ही हमलावरों ने धमकाया था, जिसकी शिकायत की गई थी। यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद उनका बेटा नहीं मारा जाता। उधर घर में पत्नी कविता का रो रो कर बुरा हाल रहा। सात साल पहले उनकी शादी हुई। एक बेटी (6) और एक बेटा अनंत (3) है।