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कछला के आश्रम में महात्मा को विषाक्त पदार्थ खिलाया, हालत गंभीर
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उझानी (बदायूं)। कछला में कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर बने आश्रम में शुक्रवार सुबह एक महात्मा बेहोशी की हालत में मिले। भनक लगते ही आसपास आश्रमों से संत-महात्मा भी मौके पर पहुंच गए। माना जा रहा है कि शाम को उन्हें किसी शिष्य ने खाने में विषाक्त पदार्थ खिला दिया। बेहोश महात्मा को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया गया फिर चौकी पर पहुंचकर पुलिस को अवगत कराया।
गंगाघाट पर अपने ही आश्रम में बेहोश मिले स्वामी अवधेशानंद (65) मूल रूप से चित्रकूट के निवासी हैं। करीब 20 साल पहले अवधेशानंद ने कछला आकर अपना आश्रम बनाया था। वह आश्रम में अकेले ही रहते हैं। सुबह करीब छह बजे पड़ोसी आश्रम से प्रेमानंद उनके आश्रम में पहुंचे तो अवधेशानंद बेहोशी की हालत में चारपाई के पास पड़े थे। प्रेमानंद की सूचना के बाद कई और साधू-महात्मा भी आ गए। उन्होंने अवधेशानंद को देसी उपचार से होश में लाने की कोशिश की लेकिन वह होश में नहीं आए। महात्माओं ने एंबुलेंस को बुला लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर करीब दो घंटा तक इलाज चला। हालांकि वह मामूली रूप से होश में आ गए लेकिन वह यह नहीं बता पाए कि शाम को उन्हें किस शिष्य ने खाना खिलाया था। उनके साथ साधुओं में कासगंज जिले के मनकापुर से अस्पताल पहुंचे सुरेश पुजारी और भैय्या जी महाराज ने बताया कि पड़ोस के ही एक आश्रम में रहने वाले शिष्य पर शक है। चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह ने बताया कि अवधेशानंद को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
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कहीं अवधेशानंद के आश्रम पर तो नहीं किसी की नजर
उझानी। अवधेशानंद जिस आश्रम में रहते हैं, वह घाट के नजदीक होने के साथ ही ऐसी जगह पर है जहां श्रद्धालुओं की खासी आवाजाही रहती है। चूंकि आश्रम तो कई और भी हैं लेकिन अवधेशानंद की किसी भी आश्रम के संचालक से कभी ऐसी कोई बात नहीं हुई जो उन्हें नुकसान पहुंचाने की सोचे। इसके बाद शक इस बात पर ज्यादा है कि किसी की नजर उनके आश्रम पर हो सकती है।
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मामला संज्ञान में नहीं आया है। कछला चौकी इंचार्ज ने इस बार में कोई अपडेट भी नहीं दिया है फिर भी चौकी इंचार्ज से सच्चाई का पता लगाने के लिए कहा गया है।
- विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक
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गंगाघाट पर अपने ही आश्रम में बेहोश मिले स्वामी अवधेशानंद (65) मूल रूप से चित्रकूट के निवासी हैं। करीब 20 साल पहले अवधेशानंद ने कछला आकर अपना आश्रम बनाया था। वह आश्रम में अकेले ही रहते हैं। सुबह करीब छह बजे पड़ोसी आश्रम से प्रेमानंद उनके आश्रम में पहुंचे तो अवधेशानंद बेहोशी की हालत में चारपाई के पास पड़े थे। प्रेमानंद की सूचना के बाद कई और साधू-महात्मा भी आ गए। उन्होंने अवधेशानंद को देसी उपचार से होश में लाने की कोशिश की लेकिन वह होश में नहीं आए। महात्माओं ने एंबुलेंस को बुला लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर करीब दो घंटा तक इलाज चला। हालांकि वह मामूली रूप से होश में आ गए लेकिन वह यह नहीं बता पाए कि शाम को उन्हें किस शिष्य ने खाना खिलाया था। उनके साथ साधुओं में कासगंज जिले के मनकापुर से अस्पताल पहुंचे सुरेश पुजारी और भैय्या जी महाराज ने बताया कि पड़ोस के ही एक आश्रम में रहने वाले शिष्य पर शक है। चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह ने बताया कि अवधेशानंद को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
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कहीं अवधेशानंद के आश्रम पर तो नहीं किसी की नजर
उझानी। अवधेशानंद जिस आश्रम में रहते हैं, वह घाट के नजदीक होने के साथ ही ऐसी जगह पर है जहां श्रद्धालुओं की खासी आवाजाही रहती है। चूंकि आश्रम तो कई और भी हैं लेकिन अवधेशानंद की किसी भी आश्रम के संचालक से कभी ऐसी कोई बात नहीं हुई जो उन्हें नुकसान पहुंचाने की सोचे। इसके बाद शक इस बात पर ज्यादा है कि किसी की नजर उनके आश्रम पर हो सकती है।
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मामला संज्ञान में नहीं आया है। कछला चौकी इंचार्ज ने इस बार में कोई अपडेट भी नहीं दिया है फिर भी चौकी इंचार्ज से सच्चाई का पता लगाने के लिए कहा गया है।
- विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक