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चार माह में चार शव मिले, शिनाख्त किसी की नहीं
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उझानी (बदायूं)। पहले से तीन अज्ञात शवों को बरामद कर उनकी शिनाख्त कराने में नाकाम पुलिस की फाइल में सोमवार शाम को एक और शव कैद हो गया। कछला रेलवे ट्रैक पर पड़े मिले साधु के शव को जब कोई पहचान नहीं पाया तो पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम कराने को भेज दिया। इसी के साथ अज्ञात शवों की संख्या भी चार हो गई। इसमें एक महिला की लाश भी शामिल है।
कोतवाली क्षेत्र में अज्ञात शव तो पिछले सालों में भी मिले थे लेकिन नवंबर महीनो में दहेमू पुलिया के पास मंदिर के पिछवाड़े करीब 25 साल के युवक का शव मिलने के बाद से शिनाख्त कराने की दिशा में नाकामी की शुरुआत ऐसी हुई कि संख्या बढ़ती ही चली गई। 15 दिसंबर को अचौरा के जंगल की झाड़ियों में नये कपड़े पहने महिला की लाश ने पुलिस की परेशानी का फिर से बढ़ा दिया। महिला की लाश के पास ही शृंगार का सामान भी पड़ा मिला था। पुलिस ने तर्क भी दिया कि हत्या में किसी तांत्रिक का हाथ रहा होगा। शव की न तो शिनाख्त हुई न ही केस का वर्कआउट हो पाया। 11 मार्च को पुलिस को अचौरा के जंगल में पेड़ पर लटका अज्ञात युवक का शव मिला था।
पुलिस की तहकीकात में महिला समेत तीन लोगों के शवों को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया। अज्ञात महिला के बारे में मान लिया गया था कि उसकी हत्या कर शव को इलाके में लाकर फेंका गया है लेकिन दोनों युवकों की मौत पर पसोपेश कायम रहा। बता दें कि दहेमू पुलिया के पास युवक के शव के पास कीटनाशक भी मिला था। युवक ने विषाक्त पदार्थ खुद खाया या फिर उसे जबरन खिला दिया गया, यह भी तभी साफ होगा जब उसकी शिनाख्त हो। इसके विपरीत, सोमवार शाम को कछला ब्रिज स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात साधु का शव दो टुकड़ों में था। उसकी मौत ट्रेन के चपेट में आने से होने के पुलिस को सुबूत भी मिले लेकिन गंगाघाट के आश्रमों में रहने वाले साधुओं में से कोई भी उसे पहचान नहीं पाया।
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अज्ञात शवों की शिनाख्त की दिशा में कोशिश की जा रही है। मृतकों के फोटो भी सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करवा दिए गए हैं लेकिन अब तक कोई भी उन्हें पहचान नहीं पाया है। साधु की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है।
-विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक
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कोतवाली क्षेत्र में अज्ञात शव तो पिछले सालों में भी मिले थे लेकिन नवंबर महीनो में दहेमू पुलिया के पास मंदिर के पिछवाड़े करीब 25 साल के युवक का शव मिलने के बाद से शिनाख्त कराने की दिशा में नाकामी की शुरुआत ऐसी हुई कि संख्या बढ़ती ही चली गई। 15 दिसंबर को अचौरा के जंगल की झाड़ियों में नये कपड़े पहने महिला की लाश ने पुलिस की परेशानी का फिर से बढ़ा दिया। महिला की लाश के पास ही शृंगार का सामान भी पड़ा मिला था। पुलिस ने तर्क भी दिया कि हत्या में किसी तांत्रिक का हाथ रहा होगा। शव की न तो शिनाख्त हुई न ही केस का वर्कआउट हो पाया। 11 मार्च को पुलिस को अचौरा के जंगल में पेड़ पर लटका अज्ञात युवक का शव मिला था।
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पुलिस की तहकीकात में महिला समेत तीन लोगों के शवों को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया। अज्ञात महिला के बारे में मान लिया गया था कि उसकी हत्या कर शव को इलाके में लाकर फेंका गया है लेकिन दोनों युवकों की मौत पर पसोपेश कायम रहा। बता दें कि दहेमू पुलिया के पास युवक के शव के पास कीटनाशक भी मिला था। युवक ने विषाक्त पदार्थ खुद खाया या फिर उसे जबरन खिला दिया गया, यह भी तभी साफ होगा जब उसकी शिनाख्त हो। इसके विपरीत, सोमवार शाम को कछला ब्रिज स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात साधु का शव दो टुकड़ों में था। उसकी मौत ट्रेन के चपेट में आने से होने के पुलिस को सुबूत भी मिले लेकिन गंगाघाट के आश्रमों में रहने वाले साधुओं में से कोई भी उसे पहचान नहीं पाया।
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अज्ञात शवों की शिनाख्त की दिशा में कोशिश की जा रही है। मृतकों के फोटो भी सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करवा दिए गए हैं लेकिन अब तक कोई भी उन्हें पहचान नहीं पाया है। साधु की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है।
-विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक