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गुप्ता दंपति मर्डर केस में खुद उलझी सीबीआई, कैसे होगा पर्दाफाश
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बदायूं। कटरा ब्राहमपुर मोहल्ले के गुप्ता दंपति मर्डर केस में सीबीआई उलझती दिखाई दे रही है। कई बार सीबीआई खुद घटनास्थल यानि दंपति के मकान का निरीक्षण कर चुकी है, इसके बावजूद किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
रिटायर्ड इंजीनियर ब्रजेंद्र कुमार गुप्ता औैर उनकी पत्नी शन्नो गुप्ता की सड़ी-गली लाश आठ अप्रैल 2015 को उनके ही घर में मिली थी। माना जा रहा था कि उनकी चार-पांच दिन पहले हत्या की गई थी। दोनों के शरीर पर धारदार हथियार के घाव पाए गए थे। शुरुआत में कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की थी लेकिन बाद में यह हत्याकांड सीबीआई को ट्रांसफर हो गया था। तब से लेकर सीबीआई ही मामले की जांच कर रही है। वर्ष 2015 से लेकर अब तक कई बार सीबीआई कटरा ब्राहमपुर मोहल्ला उनके घर आ चुकी है। करीब एक माह पूर्व भी आई थी और घर को अच्छी तरह देखा था। बुधवार को भी पूरे घर का निरीक्षण किया गया। खानापूर्ति की और लौट गई, परंतु साढ़े तीन साल गुजरने के बावजूद किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। दंपति अपने बेटे मुकुल गुप्ता के एनकाउंटर केस की पैरवी कर रहे थे। दूसरी ओर दंपति गिरवी का काम भी करते थे। सीबीआई दोनों बिंदुओं पर जांच कर चुकी है। परंतु जांच में नतीजा सिफर रहा है।
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रिटायर्ड इंजीनियर ब्रजेंद्र कुमार गुप्ता औैर उनकी पत्नी शन्नो गुप्ता की सड़ी-गली लाश आठ अप्रैल 2015 को उनके ही घर में मिली थी। माना जा रहा था कि उनकी चार-पांच दिन पहले हत्या की गई थी। दोनों के शरीर पर धारदार हथियार के घाव पाए गए थे। शुरुआत में कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की थी लेकिन बाद में यह हत्याकांड सीबीआई को ट्रांसफर हो गया था। तब से लेकर सीबीआई ही मामले की जांच कर रही है। वर्ष 2015 से लेकर अब तक कई बार सीबीआई कटरा ब्राहमपुर मोहल्ला उनके घर आ चुकी है। करीब एक माह पूर्व भी आई थी और घर को अच्छी तरह देखा था। बुधवार को भी पूरे घर का निरीक्षण किया गया। खानापूर्ति की और लौट गई, परंतु साढ़े तीन साल गुजरने के बावजूद किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। दंपति अपने बेटे मुकुल गुप्ता के एनकाउंटर केस की पैरवी कर रहे थे। दूसरी ओर दंपति गिरवी का काम भी करते थे। सीबीआई दोनों बिंदुओं पर जांच कर चुकी है। परंतु जांच में नतीजा सिफर रहा है।
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