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फंसेगा जीवन ज्योति अस्पताल का बाकी स्टाफ

Mon, 20 Aug 2018 11:33 PM IST
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:33 PM IST
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फंसेगा जीवन ज्योति अस्पताल का बाकी स्टाफ
फोटो-1, 2
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फंसेगा जीवन ज्योति अस्पताल का बाकी स्टाफ
मामला भ्रूण हत्या का: अस्पताल कर्मचारियों से होगी पूछताछ, बगैर रजिस्ट्रेेशन के चल रहा था अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। भ्रूण हत्या का खुलासा होने के बाद जीवन ज्योति अस्पताल का बाकी स्टाफ भी पुलिस की रडार पर आ गया है। पुलिस ने मौके से गिरफ्तार हुए आरिफ को सोमवार दोपहर जेल भेज दिया। इसके साथ ही बाकी स्टाफ की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक अस्पताल कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। इस धंधे में लिप्त पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। फिलहाल डॉक्टर समेत अस्पताल का पूरा स्टाफ फरार है।
इस मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब शनिवार रात करीब 11 बजे सिविल लाइंस इंस्पेक्टर देवेश सिंह ने पुलिस टीम के साथ जीवन ज्योति ट्रामा सेंटर एवं मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में छापा मारा। सूचना थी कि एक बिन ब्याही लड़की का अस्पताल में गर्भपात हो रहा है। लड़की अस्पताल में इलाज करा रही थी, परंतु उसका भ्रूण वहां नहीं मिला। पूछताछ करने पर पता चला कि भ्रूण को आरिफ नाम का फार्मेसिस्ट बाईपास पर दफन करने के लिए ले गया है। पुलिस ने तुरंत बाईपास छाप मारा और आरिफ को भ्रूण दफन करते समय गिरफ्तार कर लिया। थाना पुलिस ने रविवार शाम भ्रूण का पोस्टमार्टम कराया और फिर उसे बाद में दफन करा दिया। इस संबंध में पुलिस ने आरिफ और उसके भाई डॉ. आमिर के खिलाफ धारा 315, 318 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। हालांकि थाना पुलिस ने सोमवार दोपहर आरिफ को जेल भेज दिया लेकिन डॉ. आमिर अभी नहीं पकड़ा गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।
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इधर, पुलिस को छानबीन में पता चला है कि जीवन ज्योति अस्पताल बगैर रजिस्ट्रेशन के चल रहा था। उसके पास गर्भपात करने का भी रजिस्ट्रेशन नहीं था। कुछ दिन पहले अस्पताल की ओर से रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन हुआ था, जो स्वास्थ्य विभाग ने अभी मंजूर नहीं किया था। गर्भपात के मामले में अस्पताल का बाकी स्टाफ भी पुलिस की रडार पर आ गया है। पुलिस की माने तो अस्पताल में काफी समय से गर्भपात का धंधा चल रहा था। इसमें कौन-कौन कर्मचारी या स्टाफ नर्स शामिल है। सभी से पूछताछ की जाएगी। सहयोग पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
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इन सुविधाओं पर किया रजिस्ट्रेेशन को आवेदन
जीवन ज्योति अस्पताल केे रजिस्ट्रेेशन को किए गए आवेदन में कई सुविधाएं दिखाई गई हैं। दो एंबुलेंस बताई गई हैं। एक आईसीयू, दो प्राइवेट वार्ड, तीन सेमी प्राइवेट वार्ड, दो एसी वार्ड, दो जनरल वार्ड दिखाए गए हैं। जबकि इलाज करने वाले दो डॉक्टर बताए गए हैं। जिनके नाम पुलिस कार्रवाई में शामिल नहीं है।

बगैर रजिस्ट्रेशन के चल रहे दो अस्पताल
जिले में करीब 45 प्राइवेट अस्पताल स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंजीकृत हैं। इसके अलावा जीवन ज्योति अस्पताल की तरह शहर में दो अन्य अस्पताल बगैर रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं। इनमें एक अस्पताल खेड़ा नवादा पर स्थित है। जहां महिलाओं की डिलीवरी से लेकर गर्भपात सेंटर तक चल रहा है। जबकि दूसरा अस्पताल शहर में है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी नहीं है।


गर्भपात के लिए यह हैं पंजीकृत अस्पताल
वैसे तो जिले में 45 प्राइवेट अस्पताल हैं परंतु गर्भपात करने के लिए सभी पंजीकृत नहीं है। जिले में कुल आठ अस्पतालों में गर्भपात होता है। इसके लिए कई शर्ते हैं।

वर्जन---
हॉस्पिटल के बारे में काफी समय से जानकारी मिल रही थी। मुखबिर की सूचना पर छापामारी की गई और भ्रूण हत्या का मामला पकड़ा गया। अभी अस्पताल का बाकी स्टाफ फरार है। सभी को तलाश किया जा रहा है। उनसे भी पूछताछ की जाएगी। अगर इस मामले में लिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

-अशोक कुमार, एसएसपी
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यह कार्रवाई पुलिस ने की है। अब पुलिस की ओर से कोई पत्र आएगा तो अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर हमारी टीम ने छापामारी की होती तो स्वयं कार्रवाई करते। पत्र आएगा, उसी के बाद आगे कुछ होगा।
-डॉ. आशाराम, सीएमओ
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