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कल्पतरू के बाद गोल्डन क्रेडिट भी सामान समेटकर भागी
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:41 AM IST
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बंद पड़ा कंपनी का आ्रॅफिस।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। कल्पतरू ग्रुप ने सैकड़ों निवेशकों का करोड़ों रुपया डकारकर अपना स्थानीय कार्यालय बंद किया तो अमर उजाला में खबर छपने के बाद दूसरे नाम से कंपनी खोलकर बैठे इसी ग्रुप के कारिंदे नए दफ्तर से माल समेटकर ताला डालकर निकल गए। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले को हल्के में लेते हुए संबंधित एजेंट को भी छोड़ दिया। वहीं, पीड़ितों ने पुलिस पर अपने ही साथियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। वह अब एसएसपी से शिकायत करेंगे।
मथुरा के कल्पतरू ग्रुप ने यहां दफ्तर खोल रखा था। आरोप है कि कल्पतरू विल्डटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड के नाम से डीएम रोड पर निजी भवन बनाकर विभिन्न स्कीम में लोगों से करोड़ों रुपया जमा कराया और तीन महीने पहले दफ्तर बंद कर दिया। तब से परेशान घूम रहे निवेशकों ने बुधवार को डीएम से शिकायत की थी। उन्होंने इन्हें सिविल लाइन थाने भेज दिया। उझानी निवासी करीब 20 निवेशकों ने जो तहरीर दी उसमें जवाहरपुरी पुलिस चौकी के पीछे किराये के भवन में खुली गोल्डन क्रेडिट कंपनी का भी जिक्र किया था। आरोप था कि कल्पतरू का ही स्टाफ नई कंपनी खोलकर बैठ गया है। उनकी रकम देने की बजाय उन्हें नई कंपनी में निवेश करने का झांसा दिया जा रहा है। तब इंस्पेक्टर देवेश सिंह ने पुलिस भेजकर वहां से राजकुमार शर्मा नाम के एजेंट को पकड़वा लिया। शाम तक उसे थाने में बैठाने के बाद पत्नी की सुपुर्दगी में लिखवाकर बिना कार्रवाई छोड़ दिया गया। अमर उजाला में फजीवाड़े की खबर छपने के बाद गुरुवार सुबह गोल्डन क्रेडिट कंपनी के लोग अपने दफ्तर से फर्नीचर और कंप्यूटर उठा ले गए। पुलिस ने दूसरे दिन भी दोनों में से किसी कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इंस्पेक्टर का कहना था कि पीड़ित पक्ष शायद समझौते के मूड में है, तभी कोई दोबारा लौटकर थाने नहीं आया। उन्हें मुकदमा लिखने या कार्रवाई करने में कोई दिक्कत नहीं है। शिकायतकर्ता तो सामने आएं।
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फोटो- 37
मुझे विधायक की सिफारिश पर छोड़ा
उझानी निवासी अर्जुन गुरुवार को साथियों के संग फर्जीवाड़े की शिकायत करने सिविल लाइंस थाने आए थे। अर्जुन ने बताया कि उन्होंने बुधवार सुबह तहरीर देकर एजेंट को पकड़वाया तो पुलिस ने उन्हें और उनके साथी सचिन वर्मा को भी थाने में बैठा लिया। शाम तक वह थाने में बैठे रहे। तब उनके साथियों ने शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य और शहर विधायक के बेटे से शिकायत की। उन लोगों की सिफारिश पर उन लोगों को छोड़ा गया। कहा कि प्रभावशाली आरोपियों की शिकायत करके वह फंस गए हैं। उन्हें रकम तो मिल नहीं रही, पुलिस उल्टा परेशान कर रही है।
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फोटो- 38 व 39
रिटायर्ड प्रिंसिपल और पुलिसकर्मी को भी ठग लिया
बुधवार को उझानी निवासी निवेशकों ने कल्पतरू के हाथ लुटने की शिकायत की थी, गुरुवार को जब अमर उजाला टीम जवाहरपुरी चौकी के पीछे गोल्डन क्रेडिट कंपनी के दफ्तर पहुंची तो शहर के भी कई प्रतिष्ठित चेहरे सामने आ गए जो इन कंपनियों के फर्जीवाड़े के शिकार हो चुके हैं। सरदार पटेल इंटर कॉलेज के रिटायर प्रिंसिपल ओमकार सिंह ने बताया कि उन्होंने कल्पतरू के अलग-अलग बांड ले रखे थे। कुल साढ़े छह लाख रुपया जमा करा चुके थे। कंपनी के लोग कई दिन से पेमेंट के लिए टहला रहे थे। आज ही उन्हें अखबार पढ़कर फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। कंपनी के दफ्तर के सामने रहने वाले रिटायर्ड पुलिसकर्मी रघुराज सिंह पौने तीन लाख की ठगी के शिकार हुए हैं। उन्होंने साढ़े पांच साल में रकम दोगुनी करने वाला पैकेज ले रखा था। वह कह रहे थे कि इतना पैसा तो उन्हें अपने फंड का भी नहीं मिला, जितना इन्होंने लूट लिया। यहीं पर साढ़े पांच लाख की ठगी के शिकार प्रेमवीर यादव और पचास हजार की चार आरडी पॉलिसी लेने वाले डालचंद मिले। सब बता रहे थे कि उन्हें कंपनी ने बरबाद कर दिया है। कुरऊ निवासी हर्षित पटेल सात लाख की ठगी के शिकार हुए हैं।
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कोट.................
फोटो- 40
कल्पतरू में निवेश के नाम पर ठगी का कोई प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं आया है। कार्यालय में भी इस तरह की कोई शिकायत नहीं है। फिर भी शिकायत आएगी तो कार्रवाई जरूर की जाएगी।
- कमल किशोर, एसपी सिटी
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मथुरा के कल्पतरू ग्रुप ने यहां दफ्तर खोल रखा था। आरोप है कि कल्पतरू विल्डटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड के नाम से डीएम रोड पर निजी भवन बनाकर विभिन्न स्कीम में लोगों से करोड़ों रुपया जमा कराया और तीन महीने पहले दफ्तर बंद कर दिया। तब से परेशान घूम रहे निवेशकों ने बुधवार को डीएम से शिकायत की थी। उन्होंने इन्हें सिविल लाइन थाने भेज दिया। उझानी निवासी करीब 20 निवेशकों ने जो तहरीर दी उसमें जवाहरपुरी पुलिस चौकी के पीछे किराये के भवन में खुली गोल्डन क्रेडिट कंपनी का भी जिक्र किया था। आरोप था कि कल्पतरू का ही स्टाफ नई कंपनी खोलकर बैठ गया है। उनकी रकम देने की बजाय उन्हें नई कंपनी में निवेश करने का झांसा दिया जा रहा है। तब इंस्पेक्टर देवेश सिंह ने पुलिस भेजकर वहां से राजकुमार शर्मा नाम के एजेंट को पकड़वा लिया। शाम तक उसे थाने में बैठाने के बाद पत्नी की सुपुर्दगी में लिखवाकर बिना कार्रवाई छोड़ दिया गया। अमर उजाला में फजीवाड़े की खबर छपने के बाद गुरुवार सुबह गोल्डन क्रेडिट कंपनी के लोग अपने दफ्तर से फर्नीचर और कंप्यूटर उठा ले गए। पुलिस ने दूसरे दिन भी दोनों में से किसी कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इंस्पेक्टर का कहना था कि पीड़ित पक्ष शायद समझौते के मूड में है, तभी कोई दोबारा लौटकर थाने नहीं आया। उन्हें मुकदमा लिखने या कार्रवाई करने में कोई दिक्कत नहीं है। शिकायतकर्ता तो सामने आएं।
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मुझे विधायक की सिफारिश पर छोड़ा
उझानी निवासी अर्जुन गुरुवार को साथियों के संग फर्जीवाड़े की शिकायत करने सिविल लाइंस थाने आए थे। अर्जुन ने बताया कि उन्होंने बुधवार सुबह तहरीर देकर एजेंट को पकड़वाया तो पुलिस ने उन्हें और उनके साथी सचिन वर्मा को भी थाने में बैठा लिया। शाम तक वह थाने में बैठे रहे। तब उनके साथियों ने शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य और शहर विधायक के बेटे से शिकायत की। उन लोगों की सिफारिश पर उन लोगों को छोड़ा गया। कहा कि प्रभावशाली आरोपियों की शिकायत करके वह फंस गए हैं। उन्हें रकम तो मिल नहीं रही, पुलिस उल्टा परेशान कर रही है।
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रिटायर्ड प्रिंसिपल और पुलिसकर्मी को भी ठग लिया
बुधवार को उझानी निवासी निवेशकों ने कल्पतरू के हाथ लुटने की शिकायत की थी, गुरुवार को जब अमर उजाला टीम जवाहरपुरी चौकी के पीछे गोल्डन क्रेडिट कंपनी के दफ्तर पहुंची तो शहर के भी कई प्रतिष्ठित चेहरे सामने आ गए जो इन कंपनियों के फर्जीवाड़े के शिकार हो चुके हैं। सरदार पटेल इंटर कॉलेज के रिटायर प्रिंसिपल ओमकार सिंह ने बताया कि उन्होंने कल्पतरू के अलग-अलग बांड ले रखे थे। कुल साढ़े छह लाख रुपया जमा करा चुके थे। कंपनी के लोग कई दिन से पेमेंट के लिए टहला रहे थे। आज ही उन्हें अखबार पढ़कर फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। कंपनी के दफ्तर के सामने रहने वाले रिटायर्ड पुलिसकर्मी रघुराज सिंह पौने तीन लाख की ठगी के शिकार हुए हैं। उन्होंने साढ़े पांच साल में रकम दोगुनी करने वाला पैकेज ले रखा था। वह कह रहे थे कि इतना पैसा तो उन्हें अपने फंड का भी नहीं मिला, जितना इन्होंने लूट लिया। यहीं पर साढ़े पांच लाख की ठगी के शिकार प्रेमवीर यादव और पचास हजार की चार आरडी पॉलिसी लेने वाले डालचंद मिले। सब बता रहे थे कि उन्हें कंपनी ने बरबाद कर दिया है। कुरऊ निवासी हर्षित पटेल सात लाख की ठगी के शिकार हुए हैं।
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कोट.................
फोटो- 40
कल्पतरू में निवेश के नाम पर ठगी का कोई प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं आया है। कार्यालय में भी इस तरह की कोई शिकायत नहीं है। फिर भी शिकायत आएगी तो कार्रवाई जरूर की जाएगी।
- कमल किशोर, एसपी सिटी