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शौचालय निर्माण में घपला करने वाले प्रधान पर होगी रिपोर्ट
Updated Mon, 25 Jun 2018 05:32 PM IST
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शौचालय निर्माण में घपला करने वाले प्रधान पर दर्ज होगी रिपोर्ट
जांच के बाद डीएम ने दिए सीडीओ को कार्रवाई के निर्देश, धनराशि वसूली के लिए प्रस्ताव भी बनाया जाए
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। एक ओर भारत सरकार देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने का प्रयास कर रही है। वहीं कुछ लोग उनके काम मेें पलीता लगा रहे हैं। ऐसी ही एक शिकायत डीएम दिनेश कुमार सिंह के पास पहुंची। डीएम ने भूमि संरक्षण विभाग, सिंचाई एवं संसाधन विभाग के अवर अभियंता से इसकी जांच कराई। पता चला कि प्रधान ने शौचालय बनाने के नाम पर उगाही की है। साथ ही शौचालय बनवाने में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। घटिया सामग्री लगने से कई शौचालय गिर चुके हैं। इसी क्रम में जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने आरोपी प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सीडीओ को निर्देशित किया है। दातागंज क्षेत्र के गांव सराय पिपारिया के कुछ लोगों ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें प्रधान पर शौचालय बनवाने के नाम पर दो हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया। यह भी कहा कि गांव में बनवाए गए शौचालयों में मानक के अनुरूप सामग्री नहीं लगाई गई। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने भूमि संरक्षण विभाग, सिंचाई एवं संसाधन विभाग के अवर अभियंता से जांच कराई। टीम ने मौके पर जाकर जांच की तो पता कि गांव में बने शौचालयों में पीली और द्वितीय श्रेणी की ईंट का प्रयोग किया गया है। सीमेंट और बालू का मिश्रण भी मानक के हिसाब से खराब है। इसी वजह से कुछ शौचालय बनने के कुछ दिन के बाद ही गिर गए। शौचालय के दो गड्ढों की जगह एक गड्ढा बनवाया गया। गड्ढे को जोड़ा भी नहीं गया। इससे शौचालयों का प्रयोग नहीं किया जा रहा।
सराय पिपरिया निवासी रामनिवास, चंद्रपाल के यहां पर शौचालय नहीं बना। मगर लिस्ट में उनका नाम चढ़वाने के बाद शौचालय पूर्ण दर्शा दिया गया। बबलू ने बताया उनके यहां शौचालय बनवाने के नाम पर दो-दो हजार रुपये लिए गए थे। आवासों की धनराशि दिलाने के बहाने प्रधान पर गांव भैरों नगला निवासी लाभार्थी कृष्णपाल से दस हजार रुपये लेने का आरोप भी लगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम दिनेश कुमार सिंह ने आरोपी प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सीडीओ को निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्देश दिए हैं जो शौचालय खराब बने हैं उनका आकलन करके धनराशि की वसूली के लिए प्रस्ताव बनाया जाए।
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जांच के बाद डीएम ने दिए सीडीओ को कार्रवाई के निर्देश, धनराशि वसूली के लिए प्रस्ताव भी बनाया जाए
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। एक ओर भारत सरकार देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने का प्रयास कर रही है। वहीं कुछ लोग उनके काम मेें पलीता लगा रहे हैं। ऐसी ही एक शिकायत डीएम दिनेश कुमार सिंह के पास पहुंची। डीएम ने भूमि संरक्षण विभाग, सिंचाई एवं संसाधन विभाग के अवर अभियंता से इसकी जांच कराई। पता चला कि प्रधान ने शौचालय बनाने के नाम पर उगाही की है। साथ ही शौचालय बनवाने में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। घटिया सामग्री लगने से कई शौचालय गिर चुके हैं। इसी क्रम में जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने आरोपी प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सीडीओ को निर्देशित किया है। दातागंज क्षेत्र के गांव सराय पिपारिया के कुछ लोगों ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें प्रधान पर शौचालय बनवाने के नाम पर दो हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया। यह भी कहा कि गांव में बनवाए गए शौचालयों में मानक के अनुरूप सामग्री नहीं लगाई गई। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने भूमि संरक्षण विभाग, सिंचाई एवं संसाधन विभाग के अवर अभियंता से जांच कराई। टीम ने मौके पर जाकर जांच की तो पता कि गांव में बने शौचालयों में पीली और द्वितीय श्रेणी की ईंट का प्रयोग किया गया है। सीमेंट और बालू का मिश्रण भी मानक के हिसाब से खराब है। इसी वजह से कुछ शौचालय बनने के कुछ दिन के बाद ही गिर गए। शौचालय के दो गड्ढों की जगह एक गड्ढा बनवाया गया। गड्ढे को जोड़ा भी नहीं गया। इससे शौचालयों का प्रयोग नहीं किया जा रहा।
सराय पिपरिया निवासी रामनिवास, चंद्रपाल के यहां पर शौचालय नहीं बना। मगर लिस्ट में उनका नाम चढ़वाने के बाद शौचालय पूर्ण दर्शा दिया गया। बबलू ने बताया उनके यहां शौचालय बनवाने के नाम पर दो-दो हजार रुपये लिए गए थे। आवासों की धनराशि दिलाने के बहाने प्रधान पर गांव भैरों नगला निवासी लाभार्थी कृष्णपाल से दस हजार रुपये लेने का आरोप भी लगा।
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जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम दिनेश कुमार सिंह ने आरोपी प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सीडीओ को निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्देश दिए हैं जो शौचालय खराब बने हैं उनका आकलन करके धनराशि की वसूली के लिए प्रस्ताव बनाया जाए।
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