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रास्ते के झगड़े में ग्रामीण को पीटकर मार डाला
Updated Sat, 23 Dec 2017 08:27 PM IST
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पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिवार वाले।
- फोटो : अमर उजाला
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दातागंज (बदायूं)। हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव मौसमपुर में एक ग्रामीण को रास्ते के विवाद में लाठियों से पीटकर बेदम कर दिया गया। जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी अपने घर से फरार हो गए हैं।
गांव निवासी सुखपाल गूजर (60) शुक्रवार शाम गांव में ही जगदीश यादव की मां के दसवें में शामिल होकर घर लौट रहे थे। घर से पहले रास्ते में गांव निवासी उदयवीर यादव, अमर सिंह, अतर सिंह, धर्मवीर और मकरंद ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। एक लाठी सुखपाल के सिर पर लगी और वह चिल्लाते हुए वहीं गिर पड़े। उन्हें मरा समझकर आरोपी फरार हो गए। इस बीच काफी भीड़ लग गई। सूचना पर यूपी 100 पुलिस पहुंची। जानकारी हुई तो सुखपाल के पुत्र गुड्डू आदि पहुंचे और खून से लथपथ पिता को उठाकर जिला अस्पताल ले आए। यहां शुक्रवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। शनिवार को गुड्डू ने तहरीर देकर पांचों आरोपियों के खिलाफ पिता की हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी अपने घरों से फरार हो गए।
पोस्टमार्टम हाउस पर गुड्डू ने बताया कि उदयवीर पक्ष ने पांच महीने पहले उनके रास्ते को दबाकर अपने घर का निर्माण करा लिया था। उस वक्त उन्होंने विरोध किया तो दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। तब उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई थी। सत्तापक्ष के एक नेता के दबाव में आरोपियों ने उनके पिता सुखपाल, उनके और उनके दो भाई कल्लू और अहलकार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब दो महीने जेल में रहने के बाद उन लोगों को जमानत मिली थी। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति थी। शुक्रवार को आरोपियों ने मौका देखकर उनके पिता को घेर लिया।
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सुखपाल पर भी दर्ज हैं कई मामले
मृतक सुखपाल का भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ हजरतपुर थाने में ही कई केस दर्ज हैं। इनमें दो हत्या के, एक हत्या की कोशिश और एक दलित उत्पीड़न का मामला शामिल है। कई छोटे मामले भी दर्ज हैं। इनमें से अधिकतर में कोर्ट में सुनवाई चल रही है। हालांकि सुखपाल उम्रदराज होने के साथ ही अपराध की दुनिया से दूर हो गया था। उसके चार बेटे और छह बेटियां हैं। इनमें से एक बेटे और तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। सुखपाल के नाम सिर्फ छह बीघा जमीन थी। बेटे दूसरों के खेत में मजदूरी करते हैं।
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गांव निवासी सुखपाल गूजर (60) शुक्रवार शाम गांव में ही जगदीश यादव की मां के दसवें में शामिल होकर घर लौट रहे थे। घर से पहले रास्ते में गांव निवासी उदयवीर यादव, अमर सिंह, अतर सिंह, धर्मवीर और मकरंद ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। एक लाठी सुखपाल के सिर पर लगी और वह चिल्लाते हुए वहीं गिर पड़े। उन्हें मरा समझकर आरोपी फरार हो गए। इस बीच काफी भीड़ लग गई। सूचना पर यूपी 100 पुलिस पहुंची। जानकारी हुई तो सुखपाल के पुत्र गुड्डू आदि पहुंचे और खून से लथपथ पिता को उठाकर जिला अस्पताल ले आए। यहां शुक्रवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। शनिवार को गुड्डू ने तहरीर देकर पांचों आरोपियों के खिलाफ पिता की हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी अपने घरों से फरार हो गए।
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पोस्टमार्टम हाउस पर गुड्डू ने बताया कि उदयवीर पक्ष ने पांच महीने पहले उनके रास्ते को दबाकर अपने घर का निर्माण करा लिया था। उस वक्त उन्होंने विरोध किया तो दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। तब उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई थी। सत्तापक्ष के एक नेता के दबाव में आरोपियों ने उनके पिता सुखपाल, उनके और उनके दो भाई कल्लू और अहलकार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब दो महीने जेल में रहने के बाद उन लोगों को जमानत मिली थी। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति थी। शुक्रवार को आरोपियों ने मौका देखकर उनके पिता को घेर लिया।
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सुखपाल पर भी दर्ज हैं कई मामले
मृतक सुखपाल का भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ हजरतपुर थाने में ही कई केस दर्ज हैं। इनमें दो हत्या के, एक हत्या की कोशिश और एक दलित उत्पीड़न का मामला शामिल है। कई छोटे मामले भी दर्ज हैं। इनमें से अधिकतर में कोर्ट में सुनवाई चल रही है। हालांकि सुखपाल उम्रदराज होने के साथ ही अपराध की दुनिया से दूर हो गया था। उसके चार बेटे और छह बेटियां हैं। इनमें से एक बेटे और तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। सुखपाल के नाम सिर्फ छह बीघा जमीन थी। बेटे दूसरों के खेत में मजदूरी करते हैं।