{"_id":"59a24bb74f1c1bd6208b4c6b","slug":"171503808439-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवसाद में आई शिक्षामित्र की उपचार के दौरान मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अवसाद में आई शिक्षामित्र की उपचार के दौरान मौत
Updated Sun, 27 Aug 2017 10:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिसौली। समायोजन रद्द होने से अवसाद में आई शिक्षामित्र की बरेली के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में पति के अलावा दो मासूम बच्चे भी है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नागपुर निवासी शिक्षामित्र राजेश लता (32) साल का जुलाई 2015 में शिक्षक पद पर समायोजन हुआ था। बीते माह सुप्रीम कोर्ट की ओर से समायोजन रद्द होने के बाद से वह अवसाद में आ गई थीं। पति उमेश शाक्य ने बताया कि पहले तो बिसौली के एक निजी अस्पताल में इलाज कराया बाद में ज्यादा हालत खराब होने की दशा में 19 अगस्त को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके चलते शनिवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई। वह अपने पीछे दो बेटे दीपांशु (सात साल) और प्रियांशु (पांच साल) को छोड़ गईं।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नागपुर निवासी शिक्षामित्र राजेश लता (32) साल का जुलाई 2015 में शिक्षक पद पर समायोजन हुआ था। बीते माह सुप्रीम कोर्ट की ओर से समायोजन रद्द होने के बाद से वह अवसाद में आ गई थीं। पति उमेश शाक्य ने बताया कि पहले तो बिसौली के एक निजी अस्पताल में इलाज कराया बाद में ज्यादा हालत खराब होने की दशा में 19 अगस्त को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके चलते शनिवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई। वह अपने पीछे दो बेटे दीपांशु (सात साल) और प्रियांशु (पांच साल) को छोड़ गईं।
विज्ञापन