{"_id":"5cbc9684bdec2214046f15f7","slug":"161555863172-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेहूं के लांक में लगी आग की चपेट में आकर दिव्यांग बालिका की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
गेहूं के लांक में लगी आग की चपेट में आकर दिव्यांग बालिका की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस्लामनगर (बदायूं)। गेहूं के लांक में आग लगने से पास में सो रही दिव्यांग बालिका की जलकर मौत हो गई, जबकि उसका भाई बुरी तरह से झुलस गया। आग बुझाने के प्रयास में पिता भी झुलस गया। काफी संख्या में मौके पर पहुंचे लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया।
थाना क्षेत्र के ग्राम नगला निवासी ज्ञान सिंह अपनी पत्नी पिंकी के साथ ठेके पर गांव में ही गेहूं काट रहा था, जहां उसकी बेटी संध्या (6) और वंश (2) भी मौजूद थे। संध्या दिव्यांग थी तथा दोनों पैरों से चल नही पाती थी। बच्चो को नींद आने लगी तो ज्ञान सिंह ने धूप से बचने को गेहूं के लांक से आड़ करके बच्चों को सुला दिया और दोनों गेहूं काटने लगे। थोड़ी ही देर में, जहां बच्चे सो रहे थे, वहां आग लगी गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटों से बच्चों को घिरते हुए देख ज्ञान सिंह ने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी एकत्र हो गए और आग को बुझाने में जुट गए। आग में फंसे बच्चे बुरी तरह चीख रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने जैसे तैसे आग बुझाई, जिसमें ज्ञान सिंह के हाथ झुलस गए। आग को बुझाकर बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक संध्या की मौत हो चुकी थी। वंश भी बुरी तरह झुलस गया, जिसे परिजन कस्बा स्थित प्राइवेट अस्पताल ले गए। जानकारी होने पर क्षेत्रीय लेखपाल भी मौके पर पहुंच गए और एसडीएम बिसौली को जानकारी दी। बालिका की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के ग्राम नगला निवासी ज्ञान सिंह अपनी पत्नी पिंकी के साथ ठेके पर गांव में ही गेहूं काट रहा था, जहां उसकी बेटी संध्या (6) और वंश (2) भी मौजूद थे। संध्या दिव्यांग थी तथा दोनों पैरों से चल नही पाती थी। बच्चो को नींद आने लगी तो ज्ञान सिंह ने धूप से बचने को गेहूं के लांक से आड़ करके बच्चों को सुला दिया और दोनों गेहूं काटने लगे। थोड़ी ही देर में, जहां बच्चे सो रहे थे, वहां आग लगी गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटों से बच्चों को घिरते हुए देख ज्ञान सिंह ने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी एकत्र हो गए और आग को बुझाने में जुट गए। आग में फंसे बच्चे बुरी तरह चीख रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने जैसे तैसे आग बुझाई, जिसमें ज्ञान सिंह के हाथ झुलस गए। आग को बुझाकर बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक संध्या की मौत हो चुकी थी। वंश भी बुरी तरह झुलस गया, जिसे परिजन कस्बा स्थित प्राइवेट अस्पताल ले गए। जानकारी होने पर क्षेत्रीय लेखपाल भी मौके पर पहुंच गए और एसडीएम बिसौली को जानकारी दी। बालिका की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन