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पत्नी से परेशान युवक ने जहर खाकर जान दी
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बदायूं। अपनी पत्नी और बेटे से परेशान एक युवक ने रविवार को जहर खाकर जान दे दी। वह जहर खाकर स्वयं जिला अस्पताल पहुंचा था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल उसके शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। साथ ही उसके परिवार वालों को सूचना दे दी गई है।
करीब 40 वर्षीय तारा सिंह पुत्र खुन्नी सिंह सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम जहानाबाद का रहने वाला था। रविवार दोपहर वह जहर खाकर जिला अस्पताल पहुंचा था। काफी देर तक वह मंदिर की दीवार पर बैठा रहा। वहीं बैठे-बैठे उसकी हालत बिगड़ गई और नीचे गिर गया। फिर उसके मुंह से झाग निकलने लगे। कुछ लोगों की नजर पड़ी तो उसे इमरजेंसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद इमरजेंसी में भर्ती कर दिया गया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। उसकी जेब से पुलिस को दिए गए शिकायती पत्रों की छाया प्रति मिली है। इससे माना जा रहा है तारा सिंह का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। 24 जून को उसने पुलिस को तहरीर दी थी, जिसमें उसने लिखा था कि वह टेंपो चलाता है। उस दिन वह स्टैंड पर टेंपो खड़ा करके घर पहुंचा था, जहां पहले से उसके साढू़ और दामाद बैठे थे। इस पर उसने पत्नी से रिश्तेदारों को चाय नाश्ता कराने को कहा, जिससे उसकी पत्नी भड़क गई। पहले उसके साथ गाली-गलौज की, बाद में पत्नी, बेटे और उसके रिश्तेदारों ने मारपीट की। इस बारे में तारा सिंह ने पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद रविवार को उसने जहर खाकर जान दे दी।
उस समय इमरजेंसी में मेरी ड्यूटी थी। हमने प्राथमिक उपचार के बाद उसे वार्ड में भिजवा दिया था। कुछ कर्मचारियों ने बताया था कि वह बैड से उठ-उठकर भाग रहा है। उसे शौच क्रिया होने पर कर्मचारी छोड़कर भाग गए थे। इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है और न ही इसका इमरजेंसी से कोई मतलब है। यह इमरजेंसी वार्ड वालों की जिम्मेदारी है।
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डॉ. मोहित यादव, ईएमओ जिला अस्पताल
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करीब 40 वर्षीय तारा सिंह पुत्र खुन्नी सिंह सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम जहानाबाद का रहने वाला था। रविवार दोपहर वह जहर खाकर जिला अस्पताल पहुंचा था। काफी देर तक वह मंदिर की दीवार पर बैठा रहा। वहीं बैठे-बैठे उसकी हालत बिगड़ गई और नीचे गिर गया। फिर उसके मुंह से झाग निकलने लगे। कुछ लोगों की नजर पड़ी तो उसे इमरजेंसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद इमरजेंसी में भर्ती कर दिया गया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। उसकी जेब से पुलिस को दिए गए शिकायती पत्रों की छाया प्रति मिली है। इससे माना जा रहा है तारा सिंह का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। 24 जून को उसने पुलिस को तहरीर दी थी, जिसमें उसने लिखा था कि वह टेंपो चलाता है। उस दिन वह स्टैंड पर टेंपो खड़ा करके घर पहुंचा था, जहां पहले से उसके साढू़ और दामाद बैठे थे। इस पर उसने पत्नी से रिश्तेदारों को चाय नाश्ता कराने को कहा, जिससे उसकी पत्नी भड़क गई। पहले उसके साथ गाली-गलौज की, बाद में पत्नी, बेटे और उसके रिश्तेदारों ने मारपीट की। इस बारे में तारा सिंह ने पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद रविवार को उसने जहर खाकर जान दे दी।
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उस समय इमरजेंसी में मेरी ड्यूटी थी। हमने प्राथमिक उपचार के बाद उसे वार्ड में भिजवा दिया था। कुछ कर्मचारियों ने बताया था कि वह बैड से उठ-उठकर भाग रहा है। उसे शौच क्रिया होने पर कर्मचारी छोड़कर भाग गए थे। इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है और न ही इसका इमरजेंसी से कोई मतलब है। यह इमरजेंसी वार्ड वालों की जिम्मेदारी है।
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डॉ. मोहित यादव, ईएमओ जिला अस्पताल