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पैंसठ लाख ठगने वालों पर एफआईआर, पुलिस ने जेल भेजे

Tue, 25 Jun 2019 01:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2019 01:54 AM IST
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पैंसठ लाख ठगने वालों पर एफआईआर, पुलिस ने जेल भेजे
बदायूं। तेरह लोगों से पैंसठ लाख ठगने वाले दोनों ठग आखिरकार पुलिस कार्रवाई में फंस ही गए। दोनों ठग तीन साल से लोगों को बेबकूफ बना रहे थे। सचिवालय के जरिये विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने के बहाने लोगों से वे रुपये ठग रहे थे। पुलिस ने रविवार देर रात दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। सोमवार को दोपहर उन्हें जेल भेज दिया गया।
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मुख्य आरोपी राजेश कुमार पुत्र चंद्रिका प्रसाद इंद्रानगर लखनऊ का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी साजिद हुसैन पुत्र फिदा हुसैन सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जालंधरी सराय निवासी है। दोनों आरोपी करीब तीन साल से लोगों को सचिवालय में अपनी पकड़ की बात कहकर उसके जरिये विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने के बहाने ठग रहे थे। दोनों नेताओं से अपनी अच्छी पैठ बताते थे। इससे लोग भी उनके बहकावे में आ जाते थे। साजिद ग्राहक खोजकर लाता था। धीरे-धीरे करके दोनों ने बरेली, पीलीभीत के कुछ लोगों समेत बदायूं के 13 लोगों को फंसा लिया और उनसे 65 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। लोगों को ठगी का अहसास तब हुआ था, जब दोनों लगातार आश्वासन देते हुए और समय आगे बढ़ाते जा रहे थे। इससे लोगों ने रुपये वापस मांगना शुरू कर दिए थे। बाद में दोनों ने सभी को चेक काटकर दिए, जो बाउंस हो गए। भुक्तभोगियों की सूचना पर रविवार शाम दोनों ठग पकड़े गए। इस संबंध में अनंत यादव पुत्र राजेंद्र सिंह यादव आदि ने तहरीर दी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ रविवार देर रात धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली। सोमवार दोपहर पुलिस ने साजिद और राजेश को जेल भेज दिया। पुलिस ने पीड़ित लोगों से स्टांप पेपर, बाउंस चेक सुबूत के तौर पर जमा कराए हैं।
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करोड़ों रुपये लेकर भागी थीं कल्पतरू और कल्पवट कंपनी
जिले में कल्पतरू और कल्पवट कंपनी ने अपने अलग-अलग ऑफिस खोले थे। उसके बाद दोनों कंपनियों ने अपने सैकड़ों एजेंट लगाए थे, जिनके माध्यम से दोनों कंपनियों ने हजारों लोगों के करोड़ों रुपये निवेश कराए। सभी को पॉलिसी के तहत प्लॉट, बीमा देने का आश्वासन दिया गया था। दोनों कंपनियों ने कई साल जिले में काम किया। करीब दो साल पहले कल्पवट कंपनी लोगों के 14-15 करोड़ रुपये लेकर भाग गई। उसके बाद कल्पतरू (केबीसीएल) कंपनी करीब 20 हजार लोगों के 15-20 करोड़ रुपये लेकर भाग गई। इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में कल्पतरू कंपनी के मालिक जयकिशन सिंह राणा निवासी मथुरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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