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सीडीआर से खुलेगा राज, खेत में कैसे पहुंची विवाहिता की लाश
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बदायूं। गुरुवार सुबह नगला डल्लू गांव में मिले विवाहिता के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामला सुलझने के बजाय और उलझ गया है। शुरूआती दौर में पुलिस हत्या मान रही थी, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि विवाहिता की मौत गला दबाकर नहीं बल्कि फंदे से लटकने से हुई थी। जबकि मायके पक्ष के लोग पति पर आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि नाजिश का पति आमीन गांव आया था और वह उसे बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया। बाद में उसकी हत्या करके शव मक्का के खेत में फेंक गया। इसकी असलियत जानने के लिए पुलिस ने मोबाइल की सीडीआर निकलवाई है।
विवाहिता नाजिश उर्फ कल्लो पत्नी आमीन संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम कन्हुआ निवासी थी। नाजिश अपने दोनों बच्चों के साथ करीब दो माह से मायके बिल्सी थाना क्षेत्र के ग्राम नगला डल्लू में रह थी। 28 मई को वह संदिग्ध हालात में अपने मायके से लापता हो गई। गुरुवार सुबह 30 मई को उसकी लाश गांव के बाहर एक मक्का के खेत में पड़ी मिली। लाश सड़ चुकी थी। माना जा रहा था नाजिश की मौत 28 मई को ही हो गई थी। पिता अब्दुल रहमान ने बताया था आमीन उसके गांव आया था लेकिन घर तक नहीं आया। उसने सड़क पर खड़े होकर फोन किया और नाजिश को अपने साथ ले गया। बाद में उसकी हत्या कर दी और शव नगला डल्लू गांव स्थित मक्का के खेत में फेंक गया, लेकिन नाजिश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मायका पक्ष के गला दबाकर हत्या करने के आरोप को झूठा साबित कर दिया है। अब सवाल उठता है कि आखिर विवाहिता की मौत कहां हुई थी? और उसकी लाश खेत में कैसे पहुंची? क्योंकि जहां विवाहिता की लाश मिली थी, उस जगह कोई पेड़ नहीं था। इससे माना जा रहा है कि विवाहिता की लाश खेत में लाकर डाली गई होगी। वहीं पुलिस का अनुमान है कि विवाहिता की मौत आसपास इलाके में ही हुई थी।
नाजिश की मौत कैसे हुई यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चल चुका है। अब बात यह है कि विवाहिता की मौत कहां हुई और उसकी लाश खेत में कैसे पहुंची। इसकी जांच में जुटे हुए हैं। कॉल डिटेल आदि निकलवा रहे हैं। इससे काफी कुछ मदद मिलेगी और पता चलेगा कि वास्तव में महिला का पति गांव आया था या नहीं।
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- धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, इंस्पेक्टर बिल्सी
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विवाहिता नाजिश उर्फ कल्लो पत्नी आमीन संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम कन्हुआ निवासी थी। नाजिश अपने दोनों बच्चों के साथ करीब दो माह से मायके बिल्सी थाना क्षेत्र के ग्राम नगला डल्लू में रह थी। 28 मई को वह संदिग्ध हालात में अपने मायके से लापता हो गई। गुरुवार सुबह 30 मई को उसकी लाश गांव के बाहर एक मक्का के खेत में पड़ी मिली। लाश सड़ चुकी थी। माना जा रहा था नाजिश की मौत 28 मई को ही हो गई थी। पिता अब्दुल रहमान ने बताया था आमीन उसके गांव आया था लेकिन घर तक नहीं आया। उसने सड़क पर खड़े होकर फोन किया और नाजिश को अपने साथ ले गया। बाद में उसकी हत्या कर दी और शव नगला डल्लू गांव स्थित मक्का के खेत में फेंक गया, लेकिन नाजिश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मायका पक्ष के गला दबाकर हत्या करने के आरोप को झूठा साबित कर दिया है। अब सवाल उठता है कि आखिर विवाहिता की मौत कहां हुई थी? और उसकी लाश खेत में कैसे पहुंची? क्योंकि जहां विवाहिता की लाश मिली थी, उस जगह कोई पेड़ नहीं था। इससे माना जा रहा है कि विवाहिता की लाश खेत में लाकर डाली गई होगी। वहीं पुलिस का अनुमान है कि विवाहिता की मौत आसपास इलाके में ही हुई थी।
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नाजिश की मौत कैसे हुई यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चल चुका है। अब बात यह है कि विवाहिता की मौत कहां हुई और उसकी लाश खेत में कैसे पहुंची। इसकी जांच में जुटे हुए हैं। कॉल डिटेल आदि निकलवा रहे हैं। इससे काफी कुछ मदद मिलेगी और पता चलेगा कि वास्तव में महिला का पति गांव आया था या नहीं।
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- धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, इंस्पेक्टर बिल्सी