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मोहल्ला सूनसान, पकड़ में नहीं आया हत्यारोपी बेटा
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मोहल्ला सुनसान, पकड़ में नहीं आया हत्या आरोपी बेटा
इस्लामनगर (बदायूं)। मां नूरजहां की हत्या हुए तीन दिन बीत गए हैं। पूरा मोहल्ला सुनसान है। सांत्वना देने आए रिश्तेदार भी अब एक-एक करके अपने घर जा चुके हैं लेकिन अब तक हत्या आरोपी बेटा इकबाल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं चला है।
कस्बे के मोहल्ला नई बस्ती में सोमवार शाम करीब चार बजे 55 वर्षीय नूरजहां पत्नी हकीम अली की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नूरजहां की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उनके ही बड़े बेटे इकबाल ने की थी। इसकी वजह सिर्फ इतनी थी कि नूरजहां अपनी मर्जी से निकाह करने वाली बेटी सोनम के पक्ष में थीं। जबकि भाई सोनम के निकाह के खिलाफ थे। वे नहीं चाहते थे कि सोनम अपने पति के साथ रहे। इसी बात पर परिवार में विवाद हुआ था। तभी गुस्से में आकर इकबाल ने गोली मार दी थी। इस संबंध में पिता हकीम अली की ओर से इकबाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। मंगलवार दोपहर मोहल्ले के लोगों ने और उनके रिश्तेदारों ने नूरजहां के शव का पोस्टमार्टम कराया। देर शाम परिवार वालों ने शव को दफन कर दिया।
उसके बाद रिश्तेदार भी अपने-अपने घर चले गए। बुधवार को दिनभर पूरा मोहल्ला सुनसान पड़ा रहा। मोहल्ले में कोई हलचल दिखाई नहीं दी। यानि बच्चे भी अपने घरों से खेलने तक को बाहर नहीं निकले। हकीम अली के घर पर चारो बेटियां हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। हत्या आरोपी के अलावा बाकी तीनों बेटों का भी कुछ पता नहीं चला है और न ही वह घर लौटे हैं। हकीम अली अपनी सुधबुध खो बैठे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें, बेटों का साथ दें या पत्नी की मौत का शोक मनाएं।
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इस्लामनगर (बदायूं)। मां नूरजहां की हत्या हुए तीन दिन बीत गए हैं। पूरा मोहल्ला सुनसान है। सांत्वना देने आए रिश्तेदार भी अब एक-एक करके अपने घर जा चुके हैं लेकिन अब तक हत्या आरोपी बेटा इकबाल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं चला है।
कस्बे के मोहल्ला नई बस्ती में सोमवार शाम करीब चार बजे 55 वर्षीय नूरजहां पत्नी हकीम अली की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नूरजहां की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उनके ही बड़े बेटे इकबाल ने की थी। इसकी वजह सिर्फ इतनी थी कि नूरजहां अपनी मर्जी से निकाह करने वाली बेटी सोनम के पक्ष में थीं। जबकि भाई सोनम के निकाह के खिलाफ थे। वे नहीं चाहते थे कि सोनम अपने पति के साथ रहे। इसी बात पर परिवार में विवाद हुआ था। तभी गुस्से में आकर इकबाल ने गोली मार दी थी। इस संबंध में पिता हकीम अली की ओर से इकबाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। मंगलवार दोपहर मोहल्ले के लोगों ने और उनके रिश्तेदारों ने नूरजहां के शव का पोस्टमार्टम कराया। देर शाम परिवार वालों ने शव को दफन कर दिया।
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उसके बाद रिश्तेदार भी अपने-अपने घर चले गए। बुधवार को दिनभर पूरा मोहल्ला सुनसान पड़ा रहा। मोहल्ले में कोई हलचल दिखाई नहीं दी। यानि बच्चे भी अपने घरों से खेलने तक को बाहर नहीं निकले। हकीम अली के घर पर चारो बेटियां हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। हत्या आरोपी के अलावा बाकी तीनों बेटों का भी कुछ पता नहीं चला है और न ही वह घर लौटे हैं। हकीम अली अपनी सुधबुध खो बैठे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें, बेटों का साथ दें या पत्नी की मौत का शोक मनाएं।
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