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छात्र पपनेश के कंकाल का होगा डीएनए टेस्ट
Updated Fri, 16 Mar 2018 10:49 PM IST
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छात्र पपनेश के कंकाल का होगा डीएनए टेस्ट
अपहरण और हत्या के मुकदमे में चार लोगों के नाम शामिल
दूसरे दिन भी नहीं पकड़े गए हत्यारोपी, पुलिस खामोश
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। छात्र पपनेश के कंकाल का डीएनए टेस्ट होगा। उसके अपहरण और हत्या के आरोप में गांव के चार लोगों को नामजद किया गया है। कंकाल मिलने के दूसरे दिन भी छात्र की हत्या के आरोपी नहीं पकड़े गए। जरीफनगर पुलिस हत्यारों को पकड़ने के बजाय मामले को ठंडा करने की कोशिश में है।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के दहगवां निवासी महावीर सिंह यादव का 16 वर्षीय पुत्र पपनेश कुमार अशर्फीलाल कॉलेज में कक्षा नौ का छात्र था। वह पढ़ाई के साथ गांव के लोगों के साझे में पशु खरीदने-बेचने का काम करने लगा था। पिता महावीर ने बताया कि 15 जनवरी को पपनेश साझेदारों संग बुलंदशहर के बेलौन की बाजार में दो भैंस बेचने के बाद घर लौटा था। भैंसें बेचने पर मिले 65 हजार रुपये पपनेश के पास थे। पिता महावीर के मुताबिक घर में कुछ देर रुकने के बाद शाम को पपनेश साझेदारों से हिसाब करने की कहकर गया था, जिसके बाद से वह लापता था। 16 जनवरी को थाना जरीफनगर में पपनेश की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। 23 जनवरी को अपहरण का मुकदमा लिखा गया था। बृहस्पतिवार सुबह दहगवां समसपुर कूबरी रोड स्थित मठ के पीछे एक बोरे में बंद पपनेश का कंकाल बरामद हुआ। पिता महावीर ने शर्ट, उस पर लगी टेलर के नाम की चिट और दांत से मृतक की शिनाख्त अपने बेटे पपनेश के रुप में की। पोस्टमार्टम कराने पर पपनेश की हत्या कैसे की गई इसका पता नहीं चल सका। इससे कंकाल फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया।
परिवार वालों ने पपनेश की पहचान शर्ट, टेलर की चिट और एक दांत से की थी। इसकी पुष्टि के लिए कंकाल का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। पुलिस ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। परिवार वालों को पपनेश के अपहरण और हत्या में गांव के पांच लोगों पर शक है, जो गांव के फरार हैं। इनमें पुलिस ने चार लोगों के नाम तो शामिल कर लिए हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के लिए कोशिश नहीं की गई। आरोप है कि पुलिस मामले को ठंडा करने के लिए दबिश के नाम पर खानापूर्ति कर रही है।
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पपनेश को लेकर शुरू से लापरवाह रही पुलिस
पपनेश के मामले को लेकर जरीफनगर पुलिस शुरू से लापरवाह रही। उसके गायब होने पर परिवार वालों ने आशंका जताते हुए कुछ लोगों के नाम बताए थे। पुलिस ने एक व्यक्ति का पकड़ा था, लेकिन उसी दिन छोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस दूसरे लोगों को परेशान करती रही, लेकिन असल आरोपियों को नहीं पकड़ा। पपनेश का कंकाल बरामद होने के बावजूद पुलिस की लापरवाही नहीं थमी। अफसरों के कहने पर पुलिस ने चार आरोपियों के नाम मुकदमे में शामिल किए हैं। शुक्रवार देर शाम तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई। न ही उनके नजदीकी लोगों से पूछताछ की गई।
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मृतक की शिनाख्त की पुष्टि के लिए कंकाल और परिवार वालों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। पुलिस को घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं।
-डॉ. एसपी सिंह, एसपी देहात
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अपहरण और हत्या के मुकदमे में चार लोगों के नाम शामिल
दूसरे दिन भी नहीं पकड़े गए हत्यारोपी, पुलिस खामोश
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। छात्र पपनेश के कंकाल का डीएनए टेस्ट होगा। उसके अपहरण और हत्या के आरोप में गांव के चार लोगों को नामजद किया गया है। कंकाल मिलने के दूसरे दिन भी छात्र की हत्या के आरोपी नहीं पकड़े गए। जरीफनगर पुलिस हत्यारों को पकड़ने के बजाय मामले को ठंडा करने की कोशिश में है।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के दहगवां निवासी महावीर सिंह यादव का 16 वर्षीय पुत्र पपनेश कुमार अशर्फीलाल कॉलेज में कक्षा नौ का छात्र था। वह पढ़ाई के साथ गांव के लोगों के साझे में पशु खरीदने-बेचने का काम करने लगा था। पिता महावीर ने बताया कि 15 जनवरी को पपनेश साझेदारों संग बुलंदशहर के बेलौन की बाजार में दो भैंस बेचने के बाद घर लौटा था। भैंसें बेचने पर मिले 65 हजार रुपये पपनेश के पास थे। पिता महावीर के मुताबिक घर में कुछ देर रुकने के बाद शाम को पपनेश साझेदारों से हिसाब करने की कहकर गया था, जिसके बाद से वह लापता था। 16 जनवरी को थाना जरीफनगर में पपनेश की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। 23 जनवरी को अपहरण का मुकदमा लिखा गया था। बृहस्पतिवार सुबह दहगवां समसपुर कूबरी रोड स्थित मठ के पीछे एक बोरे में बंद पपनेश का कंकाल बरामद हुआ। पिता महावीर ने शर्ट, उस पर लगी टेलर के नाम की चिट और दांत से मृतक की शिनाख्त अपने बेटे पपनेश के रुप में की। पोस्टमार्टम कराने पर पपनेश की हत्या कैसे की गई इसका पता नहीं चल सका। इससे कंकाल फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया।
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परिवार वालों ने पपनेश की पहचान शर्ट, टेलर की चिट और एक दांत से की थी। इसकी पुष्टि के लिए कंकाल का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। पुलिस ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। परिवार वालों को पपनेश के अपहरण और हत्या में गांव के पांच लोगों पर शक है, जो गांव के फरार हैं। इनमें पुलिस ने चार लोगों के नाम तो शामिल कर लिए हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के लिए कोशिश नहीं की गई। आरोप है कि पुलिस मामले को ठंडा करने के लिए दबिश के नाम पर खानापूर्ति कर रही है।
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पपनेश को लेकर शुरू से लापरवाह रही पुलिस
पपनेश के मामले को लेकर जरीफनगर पुलिस शुरू से लापरवाह रही। उसके गायब होने पर परिवार वालों ने आशंका जताते हुए कुछ लोगों के नाम बताए थे। पुलिस ने एक व्यक्ति का पकड़ा था, लेकिन उसी दिन छोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस दूसरे लोगों को परेशान करती रही, लेकिन असल आरोपियों को नहीं पकड़ा। पपनेश का कंकाल बरामद होने के बावजूद पुलिस की लापरवाही नहीं थमी। अफसरों के कहने पर पुलिस ने चार आरोपियों के नाम मुकदमे में शामिल किए हैं। शुक्रवार देर शाम तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई। न ही उनके नजदीकी लोगों से पूछताछ की गई।
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मृतक की शिनाख्त की पुष्टि के लिए कंकाल और परिवार वालों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। पुलिस को घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं।
-डॉ. एसपी सिंह, एसपी देहात