फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   जिला अस्पताल में बंगाल पुलिस को घेरा, आरोपी को छुड़ाने की कोशिश

जिला अस्पताल में बंगाल पुलिस को घेरा, आरोपी को छुड़ाने की कोशिश

Sun, 17 Dec 2017 12:28 AM IST
Updated Sun, 17 Dec 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में बंगाल पुलिस को घेरा, आरोपी को छुड़ाने की कोशिश
जिला अस्पताल में बंगाल पुलिस की टीम। - फोटो : अमर उजाला
बदायूं। बंगाली युवती को खरीदकर पत्नी की तरह रख रहे आरोपी युवक को जरीफनगर पुलिस की मदद से बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के दौरान युवक को छुड़ाने और लड़की पक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश की गई तो हड़कंप मच गया। बंगाल पुलिस घिरी तो सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने हमलावरों को खदेड़कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया।
विज्ञापन

बंगाल के जिला बाकल अंतर्गत थाना सोनालूबी में वहां के गांव बरोरा मोमिन निवासी एक ग्रामीण ने वहां रिपोर्ट कराई थी कि उसकी बेटी संभल जिले के ईसापुर बरौर गांव में अपनी मौसी के यहां गई थी। उन्हें पता लगा है कि बेटी को बदायूं जिले के जरीफनगर थाने के गांव सोबनपुर निवासी जसवीर ने बंधक बना रखा है। वह उसे पत्नी की तरह रख रहा है। आरोप लगाया कि बेटी की खरीद फरोख्त का भी कुछ मामला है। इसके बाद सोनालूबी थाना पुलिस उसे साथ लेकर शुक्रवार शाम जरीफनगर थाने आई। यहां रात में जरीफनगर पुलिस के साथ सोबनपुर गांव में छापा मारकर जसवीर को हिरासत में ले लिया। यहां से लड़की को भी बरामद कर लिया।
विज्ञापन

शनिवार दोपहर में बंगाल पुलिस आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंची। लड़की की कथित मौसी भी पुलिस के साथ थी। यहां आरोपी पक्ष के करीब चालीस लोग पहले से मौजूद थे। वह लड़की पक्ष पर अपनी गाड़ी में बैठने का दबाव बनाने लगे। लड़की पक्ष ने मना किया तो वह अभद्रता पर उतर आए। इसके साथ ही जसवीर को गाड़ी से खींचने की कोशिश की। बंगाल पुलिस ने हटाने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर हमला बोल दिया। भीड़ आरोपी को छुड़ाने के लिए पुलिस से धक्कामुक्की करने लगी। बंगाल पुलिस घिरी तो मामले की जानकारी अपने एसपी के साथ ही स्थानीय पुलिस को दी। बवाल की सूचना पर कोतवाली पुलिस जिला अस्पताल पहुंच गई। पुलिस ने हमलावरों को खदड़ते हुए आरोपी के एक रिश्तेदार को हिरासत में ले लिया। कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी देने के बाद बंगाल पुलिस युवती और जसवीर को अपने साथ ले गई। सदर कोतवाल अजय यादव ने बताया कि हंगामे के आरोपी का शांतिभंग में चालान किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
लड़की खरीदी गई या वह अपनी इच्छा से रह रही थी, यह पश्चिमी बंगाल पुलिस की जांच का विषय है। हमारा इस प्रकरण से कोई लेनादेना नहीं है। मदद के लिए ही जरीफनगर और कोतवाली पुलिस को लगाया गया था। बाकी कार्रवाई संबंधित पुलिस ही करेगी।
- चंद्रप्रकाश, एसएसपी
----
साठ हजार में खरीदी थी पश्चिमी बंगाल की लड़की
बदायूं। पश्चिमी बंगाल की लड़की को साठ हजार रुपये में खरीदा गया था। आरोपी पक्ष की मानें तो यह सौदा खुद लड़की की कथित मौसी ने किया। रकम लड़की के पिता को भेजने की बात कही गई जो शायद नहीं भेजी और ये बखेड़ा हो गया।
--
आरोपी बोला, लड़की के पिता को देने के नाम पर ली थी रकम
बदायूं। हंगामे के दौरान जिला अस्पताल में बंगाल पुलिस के साथ आए लड़की के एक रिश्तेदार को घेरकर उसके साथ मारपीट की कोशिश भी की गई। कह रहे थे कि पुलिस की मुखबिरी करने के लिए तू दो दिन गांव में रुका था। आरोपियों ने धमकी दी कि हमें पता होता तो हम तेरी गर्दन काट देते। पुलिस ने बमुश्किल उसे बचाया।
जरीफनगर के गांव सोबनपुर के पास ईट भट्ठों आदि पर रहकर पश्चिमी बंगाल के कुछ परिवार मजदूरी करते हैं। इसी परिवार में कुछ दिन पहले यह युवती रहने आई, जो संभल क्षेत्र में मौसी के घर जा रही थी। लड़की पक्ष का आरोप है कि जसवीर के परिवार ने यहीं पर लड़की को फुसलाकर अपने घर पर रख लिया। आरोप यह भी है कि इसके बदले में कुछ खरीदफरोख्त भी की गई। इस तरह के आरोप लड़का पक्ष बेझिझक स्वीकार भी कर रहा था। हालांकि यहां वह लड़की की कथित मौसी को कटघरे में खड़ा कर रहे थे। उनका आरोप था कि लड़की की मौसी ने उनसे साठ हजार रुपये यह कहकर लिए थे कि यह रकम पश्चिमी बंगाल में लड़की के पिता को भेजी जाएगी। पांच हजार रुपये एक दलाल ने अलग से लिए। अगर रकम पहुंच जाती तो कुछ न होता। ऐसे आरोपों की सच्चाई जानने के लिए बंगाल पुलिस ने लड़की की मौसी को भी पकड़ लिया। उससे पूछताछ के बाद स्थिति साफ होने की बात कही जा रही थी।

-------
बड़ा नेटवर्क है दलालों का
बदायूं। जिले के जरीफनगर, सहसवान, इस्लामनगर आदि गांवों के अधिकतर घरों में बिहार और बंगाल की युवतियां ब्याही हैं। जिले में दलालों का एक बड़ा नेटवर्क है जो 30 से 70 हजार रुपये लेकर ऐसी युवतियों का ब्याह कराता है। कई जगह खुद ब्याह कर आई युवतियां अपनी बहनों या परिवार की अन्य युवतियों का ब्याह करा देती हैं। ऐसी शादियां आमतौर पर कम ही सफल होती हैं। अधिकतर मामलों में बाहरी प्रांत की महिलाओं की हत्या या उन्हें छोड़कर दूसरी शादी करने जैसी स्थिति बन जाती है। स्थानीय स्तर पर कोई पैरवी नहीं करता, इसलिए आरोपी आसानी से छूट भी जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed