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डेढ़ दर्जन दुकानें राख, चार बाइक भी जलीं, तीन झुलसे
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गंगाघाट पर आग से तबाही के निशान। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी/कछला (बदायूं)। कछला गंगाघाट पर बच्चे के मुंडन के दौरान खुशी में दागे गए पटाखों की चिंगारी गिरने से लगी आग में करीब डेढ़ दर्जन झोपड़ीनुमा दुकानें और पास खड़ी श्रद्धालुओं की चार बाइक राख हो गईं। दुकानदारों ने गंगाजल की बौछार कर करीब डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया। इस दौरान महिला समेत तीन लोग झुलस गए। प्रसाद विक्रेताओं को काफी नुकसान हुआ है।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव दरियापुर निवासी एक व्यक्ति बच्चे का मुंडन संस्कार कराने के लिए परिवार और नाते-रिश्तेदारों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉलियों से गंगाघाट पर पहुंचा। मुंडन के बाद गंगा मइया को वस्त्र पहनाने की रस्म निभाई गई। इसके बाद परिवार के लोगों ने खुशी में घाट पर पटाखे दागने शुरू कर दिए। कुछ प्रसाद विक्रेताओं ने मना भी किया लेकिन कोई नहीं माना। इसी दौरान पटाखे की चिंगारी प्रसाद विक्रेता नेमसिंह की झोपड़ीनुमा दुकान के बाहर पड़े छप्पर पर गिरी। छप्पर से उठीं आग की लपटों ने एक-एक करके पप्पू, महेंद्र, संजीव, विक्की, मीना, कन्हई, राहुल आदि की दुकानों को चपेट में ले लिया।
आग में दुकानों में रखा प्रसाद, कपड़े, अन्य सामान, लकड़ी के तख्त, चार पहिया ठेले, पांच साइकिलें, तीन कैमरे मय प्रिंटर राख हो गए। श्रद्धालुओं में कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव पांडेयनगला निवासी चंद्रकेश, बमनौसी के सुधीर कुमार, संभल जिले में जुनावई निवासी वीरेश सिंह और सहसवान के गांव सिलहरी निवासी सत्यवीर की बाइक जल गईं। लोगों ने गंगाजल की बौछार करके आग पर काबू पाया। इस दौरान आग बुझाने की कोशिश में मीना (35) पुत्री कुंवरपाल, हीरालाल (37) और अरुण (15) पुत्र शेरसिंह झुलस गए। झुलसी महिला समेत तीनों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार कराया गया।
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नगर पंचायत अध्यक्ष नरेश यादव और कछला चौकी के पुलिस कर्मियों ने भी आग बुझाने में मदद की। पुलिस ने घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं से पटाखे दागने वाले लोगों के बारे में जानकारी की लेकिन कुछ पता नहीं चला।
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तेज धूप में झोपड़ीनुमा दुकानों के करीब नहीं पहुंच पाए बचाव में जुटे लोग
कछला गंगाघाट पर नेम सिंह के छप्पर से जिस समय आग की लपटें उठीं, तब सैकड़ों की संख्या में लोग गंगा स्नान भी कर रहे थे। वे भी बाहर निकल आए। भागते दुकानदारों को देख श्रद्धालुओं ने बाल्टियों से आग पर पानी की बौछार शुरू कर दी लेकिन तेज लपटों के आगे कोई भी दुकानों के पास नहीं पहुंच पाया। तेज धूप की वजह से लोगों को ज्यादा दिक्कत आई। लोगों ने बताया कि आग लगने से पहले हवा भी चल पड़ी थी। इस वजह से आसपास की दुकानें चपेट में आती चली गईं।
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लपटों के बीच पुल पर थमी वाहनों की रफ्तार
गंगाघाट पर झोपड़ीनुमा दुकानों से उठ रहीं आग की लपटें लोगों को काफी दूर से नजर आने लगीं। धुएं के गुबार भी आसमान में उठने लगा। चूंकि अधिकतर दुकानें पुल के पास हैं, सो लपटें देख कुछ लोगों ने अपने वाहनों को पुल के दूसरे छोर पर रोक लिया। अधिकतर चालकों ने अपने वाहनों की रफ्तार बढ़ाकर पुल पार किया। करीब 20 मिनट तक बहुत कम संख्या में वाहन निकले।
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पटाखे दागने वालों के खिलाफ दर्ज कराएंगे रिपोर्ट
आग की चपेट में आए दुकानदारों में जितेंद्र, प्रकाश और वेदराम ने बताया कि हादसा मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव दरियापुर निवासी लोगों के पटाखे दागने की वजह से ही हुआ है। घाट पर मुंडन संस्कार कराने के लिए हालांकि हर महीने काफी संख्या में लोग आते हैं लेकिन कोई भी आतिशबाजी नहीं चलाता। अधिकतर दुकानदारों ने इस संबंध में कछला पुलिस को जानकारी दी गई है।
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कछला घाट पर अग्निकांड में झोपड़ीनुमा कई दुकानें जल गई हैं। चार बाइक भी चपेट में आई हैं। सभी दुकानें प्रसाद विक्रेताओं की हैं। आग पर काबू पाने के बाद पुलिस ने वजह को लेकर जांच शुरू कर दी है। अभी किसी दुकानदार की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर नहीं दी गई है।
- हरपाल सिंह बालियान, प्रभारी निरीक्षक
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पूर्वाह्न करीब 11 बजे मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव दरियापुर निवासी एक व्यक्ति बच्चे का मुंडन संस्कार कराने के लिए परिवार और नाते-रिश्तेदारों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉलियों से गंगाघाट पर पहुंचा। मुंडन के बाद गंगा मइया को वस्त्र पहनाने की रस्म निभाई गई। इसके बाद परिवार के लोगों ने खुशी में घाट पर पटाखे दागने शुरू कर दिए। कुछ प्रसाद विक्रेताओं ने मना भी किया लेकिन कोई नहीं माना। इसी दौरान पटाखे की चिंगारी प्रसाद विक्रेता नेमसिंह की झोपड़ीनुमा दुकान के बाहर पड़े छप्पर पर गिरी। छप्पर से उठीं आग की लपटों ने एक-एक करके पप्पू, महेंद्र, संजीव, विक्की, मीना, कन्हई, राहुल आदि की दुकानों को चपेट में ले लिया।
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तेज धूप में झोपड़ीनुमा दुकानों के करीब नहीं पहुंच पाए बचाव में जुटे लोग
कछला गंगाघाट पर नेम सिंह के छप्पर से जिस समय आग की लपटें उठीं, तब सैकड़ों की संख्या में लोग गंगा स्नान भी कर रहे थे। वे भी बाहर निकल आए। भागते दुकानदारों को देख श्रद्धालुओं ने बाल्टियों से आग पर पानी की बौछार शुरू कर दी लेकिन तेज लपटों के आगे कोई भी दुकानों के पास नहीं पहुंच पाया। तेज धूप की वजह से लोगों को ज्यादा दिक्कत आई। लोगों ने बताया कि आग लगने से पहले हवा भी चल पड़ी थी। इस वजह से आसपास की दुकानें चपेट में आती चली गईं।
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लपटों के बीच पुल पर थमी वाहनों की रफ्तार
गंगाघाट पर झोपड़ीनुमा दुकानों से उठ रहीं आग की लपटें लोगों को काफी दूर से नजर आने लगीं। धुएं के गुबार भी आसमान में उठने लगा। चूंकि अधिकतर दुकानें पुल के पास हैं, सो लपटें देख कुछ लोगों ने अपने वाहनों को पुल के दूसरे छोर पर रोक लिया। अधिकतर चालकों ने अपने वाहनों की रफ्तार बढ़ाकर पुल पार किया। करीब 20 मिनट तक बहुत कम संख्या में वाहन निकले।
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पटाखे दागने वालों के खिलाफ दर्ज कराएंगे रिपोर्ट
आग की चपेट में आए दुकानदारों में जितेंद्र, प्रकाश और वेदराम ने बताया कि हादसा मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव दरियापुर निवासी लोगों के पटाखे दागने की वजह से ही हुआ है। घाट पर मुंडन संस्कार कराने के लिए हालांकि हर महीने काफी संख्या में लोग आते हैं लेकिन कोई भी आतिशबाजी नहीं चलाता। अधिकतर दुकानदारों ने इस संबंध में कछला पुलिस को जानकारी दी गई है।
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कछला घाट पर अग्निकांड में झोपड़ीनुमा कई दुकानें जल गई हैं। चार बाइक भी चपेट में आई हैं। सभी दुकानें प्रसाद विक्रेताओं की हैं। आग पर काबू पाने के बाद पुलिस ने वजह को लेकर जांच शुरू कर दी है। अभी किसी दुकानदार की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर नहीं दी गई है।
- हरपाल सिंह बालियान, प्रभारी निरीक्षक