{"_id":"62717dfa89818d18b230ce78","slug":"crime-badaun-news-bly483619016","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनसेवा केंद्र से बरामद लैपटॉप में मिले 900 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनसेवा केंद्र से बरामद लैपटॉप में मिले 900 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
म्याऊं (बदायूं)। म्याऊं कस्बे में जनसेवा केंद्र से बरामद लैपटॉप से फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों का बड़ा जखीरा मिला है। उसमें करीब नौ सौ फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों का डाटा था।
अलापुर पुलिस ने जनसेवा केंद्र के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें उसावां का जनसेवा केंद्र संचालक भी शामिल बताया जा रहा है। वह अपना केंद्र बंद करके भाग गया है। बताया जा रहा है कि दोनों संचालक मिलकर फर्जी प्रमाण पत्र बना रहे थे। इन पर हस्ताक्षर भी कर रहे थे।
सोमवार को इस मामले का खुलासा हुआ था। म्याऊं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार वर्मा को पता चला था कि कस्बे में आरआरके इंटरनेट कैफे पर स्वास्थ्य केंद्र के नाम से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। बाकायदा उस पर डॉक्टर के हस्ताक्षर भी किए जा रहे हैं। इस पर उन्होंने अपने ड्राइवर को जनसेवा केंद्र पर भेजा। ड्राइवर ने जनसेवा केंद्र के संचालक राहुल पुत्र राजेंद्र को फर्जी नाम पता बताया, जिस पर राहुल ने चार सौ रुपये लेकर जन्म प्रमाणपत्र बनाकर दे दिया। इस पर स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने राहुल के खिलाफ अलापुर थाने में तहरीर दी। थाना पुलिस ने उसी समय दबिश देकर जनसेवा केंद्र के संचालक राहुल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक लैपटॉप और जन्म प्रमाणपत्र बरामद हुए थे। रात भर पुलिस उसे थाने में बैठाए रही। सुबह उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जब उसका लैपटॉप चेक किया गया तो उसमें करीब नौ सौ फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मिले।
विज्ञापन
राहुल से पूछताछ में पता चला है कि उसके साथ उसावां का एक जनसेवा केंद्र संचालक भी काम कर रहा था। वह भी इसी तरह से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बना रहा था। राहुल के कहने पर उसने भी कई जन्म प्रमाणपत्र बनाए थ। इसके आधार पर पुलिस ने उसावां में भी दबिश दी लेकिन वह अपना जनसेवा केंद्र बंद करके भाग गया। पुलिस ने राहुल को जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
अलापुर पुलिस ने जनसेवा केंद्र के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें उसावां का जनसेवा केंद्र संचालक भी शामिल बताया जा रहा है। वह अपना केंद्र बंद करके भाग गया है। बताया जा रहा है कि दोनों संचालक मिलकर फर्जी प्रमाण पत्र बना रहे थे। इन पर हस्ताक्षर भी कर रहे थे।
विज्ञापन
सोमवार को इस मामले का खुलासा हुआ था। म्याऊं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार वर्मा को पता चला था कि कस्बे में आरआरके इंटरनेट कैफे पर स्वास्थ्य केंद्र के नाम से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। बाकायदा उस पर डॉक्टर के हस्ताक्षर भी किए जा रहे हैं। इस पर उन्होंने अपने ड्राइवर को जनसेवा केंद्र पर भेजा। ड्राइवर ने जनसेवा केंद्र के संचालक राहुल पुत्र राजेंद्र को फर्जी नाम पता बताया, जिस पर राहुल ने चार सौ रुपये लेकर जन्म प्रमाणपत्र बनाकर दे दिया। इस पर स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने राहुल के खिलाफ अलापुर थाने में तहरीर दी। थाना पुलिस ने उसी समय दबिश देकर जनसेवा केंद्र के संचालक राहुल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक लैपटॉप और जन्म प्रमाणपत्र बरामद हुए थे। रात भर पुलिस उसे थाने में बैठाए रही। सुबह उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जब उसका लैपटॉप चेक किया गया तो उसमें करीब नौ सौ फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मिले।
विज्ञापन
राहुल से पूछताछ में पता चला है कि उसके साथ उसावां का एक जनसेवा केंद्र संचालक भी काम कर रहा था। वह भी इसी तरह से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बना रहा था। राहुल के कहने पर उसने भी कई जन्म प्रमाणपत्र बनाए थ। इसके आधार पर पुलिस ने उसावां में भी दबिश दी लेकिन वह अपना जनसेवा केंद्र बंद करके भाग गया। पुलिस ने राहुल को जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।