{"_id":"6255b66f611a4222a173d30d","slug":"crime-badaun-news-bly481278351","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिसौली में बवाल : पुलिस पर किया था हमला, पांच सिपाही भी चोटिल, 228 पर रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिसौली में बवाल : पुलिस पर किया था हमला, पांच सिपाही भी चोटिल, 228 पर रिपोर्ट
विज्ञापन
बिसौली में वजीरगंज एसओ की इसी गाड़ी को की गई थी फूंकने की कोशिश। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिसौली (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र में सोमवार रात एक सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद पुलिस टीम पर हमला करने वाले 28 नामजद और दो सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने बलवा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून का उल्लंघन करने समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। अभी इसमें किसी आरोपी को गिरफ्तारी नहीं किया गया है। इस हमले में पांच सिपाही घायल बताए जा रहे हैं। उन पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे और ईंट पत्थर से हमला किया गया था।
सोमवार शाम मदनजुड़ी के नजदीक एक टैंकर की टक्कर से साइकिल सवार जितेंद्र की मौत हो गई थी। इस पर गांव के तमाम लोगों ने मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर जाम लगा दिया था। पुलिस के मुताबिक सूचना पर सबसे पहले एसआई अमरजीत सिंह, एसआई राकेश सिंह, सिपाही अमित कुमार, होमगार्ड भोलेनाथ भारती और ड्राइवर मोरपाल सरकारी गाड़ी से मौके पर पहुंचे थे। उस दौरान युवक के परिवार और गांव वालों ने एक पेड़ काटकर, आलू की बोरियां और लकड़ी रखकर हाईवे पर जाम लगा दिया था। वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। वाहनों में सवार लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। बमुश्किल परिवार वालों को समझाबुझाकर जितेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
इसी दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और ईंट पत्थर से हमला बोल दिया। इससे पुलिस ने पड़ोस के ढाबे में छिपकर जान बचाई, तो वहीं भीड़ ने वजीरगंज एसओ की गाड़ी तोड़ दी। उसमें आग लगाने की कोशिश भी की। इससे पिछली सीट जल गई। ढाबे से पानी लेकर आग बुझाई गई। इसमें वजीरगंज थाने के सिपाही सुरेश चंद्र, पुष्पेंद्र कुमार, नाजिम अली, महबूब अली और प्रभात कुमार को चोटें आईं।
विज्ञापन
इस मामले में पुलिस ने जैसे-तैसे हालात संभाले थे। अब पुलिस ने एसआई अमरजीत सिंह की ओर से 28 नामजद व दो सौ अज्ञात के खिलाफ बलवा समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
-
ये आरोपी किए गए नामजद
बिसौली पुलिस ने मदनजुड़ी निवासी हरीश, अनुज, गजेंद्र, धारा सिंह, गोपीराम, सुभाष, प्रेमचंद्र, श्याम सिंह, सोनू उर्फ चमन्नी, दीनदयाल, सुरेश, देशराज, रवि, नन्हे, सुमित, सूरज, मनमोहन, पप्पू, जितेंद्र, बहोरन, तीर्थपाल, अजीत, ब्रजेश, पुष्पेंद्र, धर्मेंद्र मौर्य, दुर्वेश, रामसेवक और वीर सिंह के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है जबकि दो सौ अज्ञात लोग बताए जा रहे हैं।
-
चार मोबाइलों से बनाए वीडियो कराएंगे बवालियों की पहचान
पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में चार मोबाइलों से वीडियो बनाए गए थे। पुलिस ने ये वीडियो उसी समय से बनाने शुरू कर दिए थे, जब हाईवे पर आरोपियों ने जाम लगाया था। फिर तोड़फोड़ के दौरान पुलिस को बचना मुश्किल हो गया। इससे पुलिस भाग खड़ी हुई। बाद में और पुलिस बल पहुंचा, तब हालात संभाले गए। इन वीडियो के आधार पर 28 लोगों की पहचान कर ली गई है, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कराई जा रही है। उससे आरोपियों के नाम बढ़ा दिए जाएंगे।
-
रामसेवक ने की थी वजीरगंज एसओ की गाड़ी फूंकने की कोशिश
कोतवाली पुलिस ने एसओ वजीरगंज की गाड़ी फूंकने की कोशिश करने वाले की पहचान कर ली है। पुलिस के मुताबिक गाड़ी में आग लगाने वाला मदनजुड़ी निवासी रामसेवक था। उसने गाड़ी में तोड़फोड़ के साथ आग लगाने की कोशिश की थी। गनीमत रही कि नजदीक के ढाबे वालों ने पानी डालकर आग बुझा ली। इससे गाड़ी की केवल पिछली सीट ही जल पाई।
-
गाड़ी का आरटी सेट तक उखाड़ ले गए आरोपी
घटनास्थल पर भीड़ ने जमकर बवाल किया। आरोपी पुलिस टीम पर हमला करने के साथ-साथ वजीरगंज एसओ की गाड़ी का आरटी सेट (रेडियो टेलीफोनी सेट) और एंटीना तक उखाड़ ले गए। इससे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना नहीं दे सकी। बाद में मोबाइल पर कंट्रोल रूम को खबर की गई।
-
गांव छोड़कर भाग गए हाईवे पर बवाल करने वाले
सोमवार रात मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर बवाल करने वाले आरोपी गांव छोड़कर भाग गए हैं। मंगलवार को गांव के हालात बिल्कुल सुनसान दिखे। मृतक जितेंद्र के घर में केवल महिलाएं ही विलाप कर रहीं थीं। उसके अलावा गांव में आदमी दिखाई नहीं दिए। माना जा रहा है कि आरोपी पुलिस के डर से भाग गए हैं। गांव में महिलाएं और बच्चे ही रह गए हैं।
-
चंद लोगों ने किया जितेंद्र के शव का अंतिम संस्कार
बिसौली कोतवाली पुलिस ने मंगलवार दोपहर जितेंद्र के शव का पोस्टमार्टम करा दिया। उसके बाद परिवार वाले उसे गांव ले गए और शाम के समय उसका अंतिम संस्कार कर दिया। बताते हैं कि इस गांव के चंद लोग मौजूद थे। वही लोग पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद थे। इसकी वजह पुलिस का डर बताया जा रहा है।
-
बिसौली में पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में 28 नामजद और दो सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शाम के समय युवक के शव का अंतिम संस्कार कराया गया। अब आरोपियों को गिरफ्तार करके उन्हें जेल भेजने का अभियान चलाया जाएगा।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
विज्ञापन
सोमवार शाम मदनजुड़ी के नजदीक एक टैंकर की टक्कर से साइकिल सवार जितेंद्र की मौत हो गई थी। इस पर गांव के तमाम लोगों ने मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर जाम लगा दिया था। पुलिस के मुताबिक सूचना पर सबसे पहले एसआई अमरजीत सिंह, एसआई राकेश सिंह, सिपाही अमित कुमार, होमगार्ड भोलेनाथ भारती और ड्राइवर मोरपाल सरकारी गाड़ी से मौके पर पहुंचे थे। उस दौरान युवक के परिवार और गांव वालों ने एक पेड़ काटकर, आलू की बोरियां और लकड़ी रखकर हाईवे पर जाम लगा दिया था। वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। वाहनों में सवार लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। बमुश्किल परिवार वालों को समझाबुझाकर जितेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
विज्ञापन
इसी दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और ईंट पत्थर से हमला बोल दिया। इससे पुलिस ने पड़ोस के ढाबे में छिपकर जान बचाई, तो वहीं भीड़ ने वजीरगंज एसओ की गाड़ी तोड़ दी। उसमें आग लगाने की कोशिश भी की। इससे पिछली सीट जल गई। ढाबे से पानी लेकर आग बुझाई गई। इसमें वजीरगंज थाने के सिपाही सुरेश चंद्र, पुष्पेंद्र कुमार, नाजिम अली, महबूब अली और प्रभात कुमार को चोटें आईं।
विज्ञापन
इस मामले में पुलिस ने जैसे-तैसे हालात संभाले थे। अब पुलिस ने एसआई अमरजीत सिंह की ओर से 28 नामजद व दो सौ अज्ञात के खिलाफ बलवा समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
-
ये आरोपी किए गए नामजद
बिसौली पुलिस ने मदनजुड़ी निवासी हरीश, अनुज, गजेंद्र, धारा सिंह, गोपीराम, सुभाष, प्रेमचंद्र, श्याम सिंह, सोनू उर्फ चमन्नी, दीनदयाल, सुरेश, देशराज, रवि, नन्हे, सुमित, सूरज, मनमोहन, पप्पू, जितेंद्र, बहोरन, तीर्थपाल, अजीत, ब्रजेश, पुष्पेंद्र, धर्मेंद्र मौर्य, दुर्वेश, रामसेवक और वीर सिंह के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है जबकि दो सौ अज्ञात लोग बताए जा रहे हैं।
-
चार मोबाइलों से बनाए वीडियो कराएंगे बवालियों की पहचान
पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में चार मोबाइलों से वीडियो बनाए गए थे। पुलिस ने ये वीडियो उसी समय से बनाने शुरू कर दिए थे, जब हाईवे पर आरोपियों ने जाम लगाया था। फिर तोड़फोड़ के दौरान पुलिस को बचना मुश्किल हो गया। इससे पुलिस भाग खड़ी हुई। बाद में और पुलिस बल पहुंचा, तब हालात संभाले गए। इन वीडियो के आधार पर 28 लोगों की पहचान कर ली गई है, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कराई जा रही है। उससे आरोपियों के नाम बढ़ा दिए जाएंगे।
-
रामसेवक ने की थी वजीरगंज एसओ की गाड़ी फूंकने की कोशिश
कोतवाली पुलिस ने एसओ वजीरगंज की गाड़ी फूंकने की कोशिश करने वाले की पहचान कर ली है। पुलिस के मुताबिक गाड़ी में आग लगाने वाला मदनजुड़ी निवासी रामसेवक था। उसने गाड़ी में तोड़फोड़ के साथ आग लगाने की कोशिश की थी। गनीमत रही कि नजदीक के ढाबे वालों ने पानी डालकर आग बुझा ली। इससे गाड़ी की केवल पिछली सीट ही जल पाई।
-
गाड़ी का आरटी सेट तक उखाड़ ले गए आरोपी
घटनास्थल पर भीड़ ने जमकर बवाल किया। आरोपी पुलिस टीम पर हमला करने के साथ-साथ वजीरगंज एसओ की गाड़ी का आरटी सेट (रेडियो टेलीफोनी सेट) और एंटीना तक उखाड़ ले गए। इससे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना नहीं दे सकी। बाद में मोबाइल पर कंट्रोल रूम को खबर की गई।
-
गांव छोड़कर भाग गए हाईवे पर बवाल करने वाले
सोमवार रात मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर बवाल करने वाले आरोपी गांव छोड़कर भाग गए हैं। मंगलवार को गांव के हालात बिल्कुल सुनसान दिखे। मृतक जितेंद्र के घर में केवल महिलाएं ही विलाप कर रहीं थीं। उसके अलावा गांव में आदमी दिखाई नहीं दिए। माना जा रहा है कि आरोपी पुलिस के डर से भाग गए हैं। गांव में महिलाएं और बच्चे ही रह गए हैं।
-
चंद लोगों ने किया जितेंद्र के शव का अंतिम संस्कार
बिसौली कोतवाली पुलिस ने मंगलवार दोपहर जितेंद्र के शव का पोस्टमार्टम करा दिया। उसके बाद परिवार वाले उसे गांव ले गए और शाम के समय उसका अंतिम संस्कार कर दिया। बताते हैं कि इस गांव के चंद लोग मौजूद थे। वही लोग पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद थे। इसकी वजह पुलिस का डर बताया जा रहा है।
-
बिसौली में पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में 28 नामजद और दो सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शाम के समय युवक के शव का अंतिम संस्कार कराया गया। अब आरोपियों को गिरफ्तार करके उन्हें जेल भेजने का अभियान चलाया जाएगा।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात