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फरार सूदखोर... बड़े घरों के बेटों पर खेलते हैं दांव
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अलापुर थाने में खड़ा आरोपी गौरव गुप्ता। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। अलापुर थाने के सामने गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले के आरोपियों ने ऐसे ही 32 लाख रुपये सुमित को नहीं दिए थे। इसके पीछे उनका सोचा समझा प्लान था। उनकी नजर सुमित के प्लॉट और संपत्ति पर थी। सुमित जो रुपये ले रहा था उस पर मदनलाल के बेटे तगड़ा ब्याज लगा रहे थे। हिसाब किताब करने के दौरान बाकायदा उन्होंने एक स्टांप पेपर पर लिखापढ़त कराई थी। सुमित को उन्होंने पूरी तरह से जाल में फंसा लिया था। पुलिस से मिलकर उस पर दबाव भी बनाया जा रहा था। वह इतने दबाव में आ गया कि उसने गोली मारकर जान ही दे दी।
आत्महत्या को उकसाने के मामले में नामजद रोबिन गुप्ता, गौरव गुप्ता और पिंटू गुप्ता मदनलाल गुप्ता के बेटे हैं। इनमें रोबिन गुप्ता बोरिंग की दुकान चलाता है। पिंटू गुप्ता भाजपा नेता है और मदनलाल गुप्ता खाद की दुकान चलाता है। सूत्रों का कहना है कि इनमें सबसे बढ़ा सूदखोर गौरव गुप्ता है। इसके निशाने पर बड़े परिवार के युवा रहते हैं। यह युवा ही नहीं उनके पास जो भी सूद पर रुपये लेने आता है, उसे पांच प्रतिशत माह के हिसाब से उधार देते हैं। बाद में गौरव और रोबिन उन रुपयों की उगाही करते हैं।
जिस दौरान सुमित सराफा व्यापारी की हत्या में जेल गया था। तभी इनकी सुमित से रुपयों को लेकर बात हो गई थी। उसने कह दिया था कि वह जमानत पर छूटकर आएगा तभी उनका हिसाब कर देगा। उसकी जमानत में जो रुपये खर्च हुए थे वह इन्हीं आरोपियों ने खर्च किए थे। सुमित जो रुपये ले रहा था, उसको एक बहीखाते में लिखा जा रहा था। उन रुपयों पर पांच प्रतिशत माह के हिसाब से ब्याज लग रहा था। सुमित के जेल से छूटने के बाद से आरोपी उस पर प्लॉट अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे।
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चूंकि पिंटू गुप्ता स्वयं को भाजपा नेता बताता है तो उसकी थाने में भी पैठ थी। इससे पुलिस से भी साठगांठ कर ली गई थी। सुमित और उसके परिवार वालों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। एक ओर गौरव और रोबिन उसके घर जाकर गालीगलौज कर रहे थे। दूसरी ओर उन्हें पुलिस परेशान कर रही थी। सुमित यही उत्पीड़न सहन नहीं कर पाया और उसने जान देदी।
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सुमित के घर जाकर दी थी धमकी
सुमित के आत्महत्या करने से पहले गौरव और रोबिन उसके घर गए थे। सुमित की भाभी और भाई को धमकी दी थी। अगर रुपये नहीं लौटाए तो उनका बुरा हाल होगा।
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परिवार बोला- पुलिस कर रही अन्याय, सीबीआई करे जांच
अलापुर। सुमित के परिवार वाले अब भी हत्या का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस आरोपियों से मिल गई है। उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। वह मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार को सुमित के परिवार वालों ने वीडियो जारी कर बयान दिया। सुमित के भाई दिलीप ने बताया कि उसके भाई की आरोपियों ने हत्या की थी। जबकि पुलिस ने आत्महत्या को उकसाने का केस बना दिया है। अगर इसकी सीबीआई जांच कराई जाए तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करते हैं कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। आरोपी लगातार उन्हें धमकी दे रहे हैं। उन्हें अपना और अपने परिवार को खतरा है। आरोपी कह रहे हैं कि वह जेल से छूटने के बाद उनके बच्चों का अपहरण कर लेंगे। उनके परिवार के लोगों की हत्या कर देंगे। संवाद
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पुलिस ने जेल भेजा आरोपी गौरव गुप्ता
थाना पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी गौरव गुप्ता को जेल भेज दिया। उसे बुधवार शाम ही गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले के अन्य आरोपियों के घर पर ताला पड़ा हुआ है। वे कस्बे में अपने रिश्तेदारों और परिचितों के घर पर रुके हुए हैं।
- अलापुर के दोनों पक्षों के बीच रुपयों को लेकर विवाद था। इसका पहले दिन ही खुलासा हो गया था। इसमें सुमित पर आरोपी पक्ष के 32 लाख रुपये बकाया होने की बात सामने आ रही है। इतनी बड़ी रकम कोई बिना लालच के नहीं दी होगी। इसमें उनके बीच क्या रहा, इसकी जांच कराई जा रही है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश कराई जा रही है।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
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आत्महत्या को उकसाने के मामले में नामजद रोबिन गुप्ता, गौरव गुप्ता और पिंटू गुप्ता मदनलाल गुप्ता के बेटे हैं। इनमें रोबिन गुप्ता बोरिंग की दुकान चलाता है। पिंटू गुप्ता भाजपा नेता है और मदनलाल गुप्ता खाद की दुकान चलाता है। सूत्रों का कहना है कि इनमें सबसे बढ़ा सूदखोर गौरव गुप्ता है। इसके निशाने पर बड़े परिवार के युवा रहते हैं। यह युवा ही नहीं उनके पास जो भी सूद पर रुपये लेने आता है, उसे पांच प्रतिशत माह के हिसाब से उधार देते हैं। बाद में गौरव और रोबिन उन रुपयों की उगाही करते हैं।
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जिस दौरान सुमित सराफा व्यापारी की हत्या में जेल गया था। तभी इनकी सुमित से रुपयों को लेकर बात हो गई थी। उसने कह दिया था कि वह जमानत पर छूटकर आएगा तभी उनका हिसाब कर देगा। उसकी जमानत में जो रुपये खर्च हुए थे वह इन्हीं आरोपियों ने खर्च किए थे। सुमित जो रुपये ले रहा था, उसको एक बहीखाते में लिखा जा रहा था। उन रुपयों पर पांच प्रतिशत माह के हिसाब से ब्याज लग रहा था। सुमित के जेल से छूटने के बाद से आरोपी उस पर प्लॉट अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे।
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चूंकि पिंटू गुप्ता स्वयं को भाजपा नेता बताता है तो उसकी थाने में भी पैठ थी। इससे पुलिस से भी साठगांठ कर ली गई थी। सुमित और उसके परिवार वालों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। एक ओर गौरव और रोबिन उसके घर जाकर गालीगलौज कर रहे थे। दूसरी ओर उन्हें पुलिस परेशान कर रही थी। सुमित यही उत्पीड़न सहन नहीं कर पाया और उसने जान देदी।
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सुमित के घर जाकर दी थी धमकी
सुमित के आत्महत्या करने से पहले गौरव और रोबिन उसके घर गए थे। सुमित की भाभी और भाई को धमकी दी थी। अगर रुपये नहीं लौटाए तो उनका बुरा हाल होगा।
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परिवार बोला- पुलिस कर रही अन्याय, सीबीआई करे जांच
अलापुर। सुमित के परिवार वाले अब भी हत्या का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस आरोपियों से मिल गई है। उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। वह मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार को सुमित के परिवार वालों ने वीडियो जारी कर बयान दिया। सुमित के भाई दिलीप ने बताया कि उसके भाई की आरोपियों ने हत्या की थी। जबकि पुलिस ने आत्महत्या को उकसाने का केस बना दिया है। अगर इसकी सीबीआई जांच कराई जाए तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करते हैं कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। आरोपी लगातार उन्हें धमकी दे रहे हैं। उन्हें अपना और अपने परिवार को खतरा है। आरोपी कह रहे हैं कि वह जेल से छूटने के बाद उनके बच्चों का अपहरण कर लेंगे। उनके परिवार के लोगों की हत्या कर देंगे। संवाद
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पुलिस ने जेल भेजा आरोपी गौरव गुप्ता
थाना पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी गौरव गुप्ता को जेल भेज दिया। उसे बुधवार शाम ही गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले के अन्य आरोपियों के घर पर ताला पड़ा हुआ है। वे कस्बे में अपने रिश्तेदारों और परिचितों के घर पर रुके हुए हैं।
- अलापुर के दोनों पक्षों के बीच रुपयों को लेकर विवाद था। इसका पहले दिन ही खुलासा हो गया था। इसमें सुमित पर आरोपी पक्ष के 32 लाख रुपये बकाया होने की बात सामने आ रही है। इतनी बड़ी रकम कोई बिना लालच के नहीं दी होगी। इसमें उनके बीच क्या रहा, इसकी जांच कराई जा रही है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश कराई जा रही है।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी