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बाग में छिड़का कीटनाशक, दो मोर व कई पक्षियों ने दम तोड़ा
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दियोरिया असगुना के बाग में पड़ा राष्ट्रीय पक्षी मोर का शव। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं / उसहैत। आम के बाग में कीटनाशक के छिड़काव से दो मोर समेत कई अन्य पक्षियों ने दम तोड़ दिया। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक पड़ताल करने के बाद पांच मृत पक्षियों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उसहैत थाने के गांव दियोरिया असगुना में राम प्रकाश का आम का बाग है। हर वर्ष यह बाग किराये पर दिया जाता है। इस वर्ष भी अलापुर थाने के कस्बा ककराला निवासी बागवान ने बाग को किराये पर लिया है। इन दिनों आम के पेड़ों पर फूल आने लगे हैं। इसके साथ ही फसल चट करने वाले कीट भी पनपने लगे हैं। आम की फसल और पेड़ों को कीटों से बचाने के लिए यहां बृहस्पतिवार को कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया। शाम तक कीटनाशक के छिड़काव का काम चलता रहा। शुक्रवार को गांव के लोग जब खेतों के लिए निकले तो देखा कि रास्ते में कई स्थानों पर पक्षी मरे पड़े हैं। लोगों का दावा है उन्होंने तीन मोर और कई अन्य पक्षियों को मरे हुआ पड़ा देखा। हालांकि, वन विभाग ने दो मोर समेत पांच मृत पक्षियों की बात की।
बाग के आसपास खेतों में मृत पक्षियों के पड़े होने की सूचना गांव के लोगों ने ग्राम प्रधान रविंद्र सिंह को दी। वह भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद सूचना वन विभाग को दी गई। वन टीम ने मौके पर पहुंच कर दो मोर और तीन अन्य मृत पक्षियों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि शिकार जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। आम के बाग में कीटनाशक दवाओं के प्रभाव से जो कीट मरकर गिरे थे, उनको इन पक्षियों ने खाया। इसी कारण पक्षियों ने दम तोड़ा। पोस्टमार्टम के बाद सही बात सामने आएगी।
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जहरीला पानी पीने से भी पक्षियों के मरने की चर्चा
गांव में चर्चा इस बात की भी है कि पक्षियों की मौत जहरीला पानी पीने से हुई है। गनीमत रही कि गर्मियों के सीजन में अन्य किसी पशु ने जहरीला पानी नहीं पिया, ऐसा होता तो पशुओं की भी मौत हो सकती थी। गांव के लोगों का कहना है कि बाग में छिड़काव के लिए काफी पानी में कीटनाशक मिलाया गया था। यह जहरीला पानी बाग के आस-पास गड्ढो में भी भर गया था। गर्मी का सीजन होने के कारण पक्षियों ने यह पानी पी लिया। इससे उनकी मौत हो गई।
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आम के बाग में कीटनाशक का छिड़काव किया गया था। प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया है कि कीटनाशक के प्रभाव से आम के पेड़ों से मरकर गिरे कीटों को पक्षियों ने खाया। ऐसे में उन्होंने दम तोड़ा। मौके से दो मोर और तीन अन्य मृत पक्षी मिले हैं। इनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह से साफ हो जाएगी।
- अशोक कुमार सिंह, डीएफओ
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उसहैत थाने के गांव दियोरिया असगुना में राम प्रकाश का आम का बाग है। हर वर्ष यह बाग किराये पर दिया जाता है। इस वर्ष भी अलापुर थाने के कस्बा ककराला निवासी बागवान ने बाग को किराये पर लिया है। इन दिनों आम के पेड़ों पर फूल आने लगे हैं। इसके साथ ही फसल चट करने वाले कीट भी पनपने लगे हैं। आम की फसल और पेड़ों को कीटों से बचाने के लिए यहां बृहस्पतिवार को कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया। शाम तक कीटनाशक के छिड़काव का काम चलता रहा। शुक्रवार को गांव के लोग जब खेतों के लिए निकले तो देखा कि रास्ते में कई स्थानों पर पक्षी मरे पड़े हैं। लोगों का दावा है उन्होंने तीन मोर और कई अन्य पक्षियों को मरे हुआ पड़ा देखा। हालांकि, वन विभाग ने दो मोर समेत पांच मृत पक्षियों की बात की।
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बाग के आसपास खेतों में मृत पक्षियों के पड़े होने की सूचना गांव के लोगों ने ग्राम प्रधान रविंद्र सिंह को दी। वह भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद सूचना वन विभाग को दी गई। वन टीम ने मौके पर पहुंच कर दो मोर और तीन अन्य मृत पक्षियों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि शिकार जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। आम के बाग में कीटनाशक दवाओं के प्रभाव से जो कीट मरकर गिरे थे, उनको इन पक्षियों ने खाया। इसी कारण पक्षियों ने दम तोड़ा। पोस्टमार्टम के बाद सही बात सामने आएगी।
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जहरीला पानी पीने से भी पक्षियों के मरने की चर्चा
गांव में चर्चा इस बात की भी है कि पक्षियों की मौत जहरीला पानी पीने से हुई है। गनीमत रही कि गर्मियों के सीजन में अन्य किसी पशु ने जहरीला पानी नहीं पिया, ऐसा होता तो पशुओं की भी मौत हो सकती थी। गांव के लोगों का कहना है कि बाग में छिड़काव के लिए काफी पानी में कीटनाशक मिलाया गया था। यह जहरीला पानी बाग के आस-पास गड्ढो में भी भर गया था। गर्मी का सीजन होने के कारण पक्षियों ने यह पानी पी लिया। इससे उनकी मौत हो गई।
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आम के बाग में कीटनाशक का छिड़काव किया गया था। प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया है कि कीटनाशक के प्रभाव से आम के पेड़ों से मरकर गिरे कीटों को पक्षियों ने खाया। ऐसे में उन्होंने दम तोड़ा। मौके से दो मोर और तीन अन्य मृत पक्षी मिले हैं। इनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह से साफ हो जाएगी।
- अशोक कुमार सिंह, डीएफओ