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चुनाव प्रभावित करने के लिए पड़ोसी जिलों के लोग नहीं कर सकेंगे गंगा पार

Sun, 23 Jan 2022 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jan 2022 12:42 AM IST
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crime
उझानी (बदायूं)। इस बार गंगा पार के जिलों के आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का कटरी में आकर चुनाव प्रभावित करना आसान नहीं होगा। इसके लिए पुलिस की ओर से गंगा किनारे और कटरी के इलाकों पर नजर रखने के लिए कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं। मतदान होने तक कोई भी संदिग्ध अगर कटरी के किसी गांव में शरण लेता है तो वह पुलिस के हत्थे चढ़ने से बच नहीं सकेगा। साथ में उनके शरणदाताओं को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
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बिल्सी, सहसवान, शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांव गंगा किनारे हैं। गंगा पार का इलाका कासगंज, एटा, फर्रुखाबाद और अलीगढ़ जिलों में आता है। पिछले चुनावों में गंगा पार के गांवों से खासकर मतदान के दो-तीन पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति के लोग इधर कटरी के गांवों में आकर शरण लेकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करते रहे हैं। उनके संबंध कटरी के ऐसे लोगों से होते हैं जो अवैध शराब या फिर देसी असलहों की खरीद-फरोख्त में लिप्त रहते हैं। पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी इस हकीकत से वाकिफ हैं। हाल ही में पुलिस ने बॉर्डर से जुड़े सड़क मार्ग पर बैरियर लगवाकर अभी से संदिग्धों की तलाश शुरू करा दी है। पूरे जिले में अंतर जनपदीय 21 बैरियर लगाए जा चुके हैं।
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इसके अलावा पुलिस की नजर गंगा किनारे कटरी के गांवों पर है। चौकीदारों और मुखबिरों के जरिये कटरी के गांवों में आने-जाने वाले बाहरी लोगों की जानकारी पर प्रतिदिन गौर किया जा रहा है। साथ ही जिन थाना क्षेत्रों में गंगा किनारे कटरी के गांव पड़ते हैं, उनके प्रभारियों को विशेष रूप से सजग रहने का निर्देश दिया गया है।
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कभी कटरी से देते थे फरमान, फिर मिट गया नामोनिशान
गंगा की कटरी कभी बड़े बदमाशों का ठिकाना हुआ करती थी। कल्लू यादव, सागर मल्लाह और प्रेमपाल मल्लाह (पीपी) का उस वक्त राजनीति में भी दखल हुआ करता था। कल्लू तो दातागंज और तत्कालीन उसहैत विधानसभा के अलावा शाहजहांपुर और फर्रुखाबाद जिले में खासा दखल रखता था। ये बदमाश अपने पैरोकारों के जरिये किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने का फरमान भी भेज दिया करते थे। कल्लू के सफाए के बाद सागर मल्लाह और प्रेमपाल भी ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाए। हालांकि कुछेक बदमाशों ने खुद का रुतबा कायम करने की कोशिश भी की लेकिन आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ समाज में जागरूकता बढ़ी तो वे भी ठंडे पड़ गए। कटरी में फिलहाल कोई संगठित गिरोह अस्तित्व में नहीं है।

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गंगा पार के जिलों से कोई भी संदिग्ध शख्स बदायूं जिले की सीमा में घुस नहीं पाएगा। इसके लिए पुलिस के स्तर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। कटरी के किसी भी गांव में अगर बाहरी जिले का भी कोई संदिग्ध पकड़ा जाता है तो उसे पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। बॉर्डर पर तलाशी अभियान भी इसी के तहत चलाया जा रहा है।
- गजेंद्र सिंह क्षोत्रिय, सीओ
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