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गांवों में बनाए जा रहे आधार कार्ड, वसूली जा रही राशि
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बदायूं। शासन ने हर मामले में आधार कार्ड को जरूरी कर दिया है। आधार कार्ड बनाने के लिए कुछ डाकघर या बैंक अधिकृत किए गए हैं। इसके विपरीत कुंवरगांव क्षेत्र में बैंक व डाकघर से जुड़े लोगों ने मशीनों को गांवों में ले जाकर लोगों के आधार कार्ड बनाने शुरू कर दिए हैं। आरोप है कि एक कार्ड बनाने से लेकर संशोधन करने के 300 से लेकर 500 रुपये तक की वसूली की जा रही है। कुंवगांव क्षेत्र में ऐसा ही एक वीडियो भी वायरल हुआ है।
आम आदमी की पहचान अब तक बैंक पासबुक, वोटरकार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि हुआ करती थी, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से आधार कार्ड को पहचान के रूप में मान्यता मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया है। अब हर जगह आधार कार्ड को जरूरी कर दिया गया है। हालात ये हैं कि जो आईडी पहले पहचान के रूप में दिखती थी, अब उनको बनवाने के लिए भी आधार कार्ड की जरूरत पड़ने लगी है। शासन की ओर से नया आधारकार्ड बनाने के लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है, पर जनसांख्यिकीय अपडेट के लिए 50 रुपये और बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार जिले में 90 बायोमीट्रिक मशीन चल रहीं हैं जो बैंक, डाकघर और सीएचसी के नाम से संचालित हैं।
बताते हैं कि इन कुछ मशीन संचालक गांवों में जाकर तीन सौ से पांच सौ रुपये में लोगों के आधार कार्ड बना रहे हैं।
यहां बता दें कि पिछले दिनों सहसवान में अधिकारियों ने छापा मारा तो वहां कोल्हाई की मशीन चलती मिली। इधर, क्षेत्र के दो गांवों के वीडियो वायरल हुए हैं। इसमें लोग गांव में आधार कार्ड बनाते हुए नजर आ रहे हैं।
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ऐसा कोई भी मामला मेरी जानकारी में नहीं आया कि गांव में मशीन ले जाकर आधार कार्ड बनाए जा रहे हों। सीएसपी पर जिन मशीनों को आवंटित किया गया है, वह अपनी जगहों पर ही संचालित हो रही हैं। फिर भी जांच करा ली जाएगी।
- शोबित, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, आधार कार्ड
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आम आदमी की पहचान अब तक बैंक पासबुक, वोटरकार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि हुआ करती थी, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से आधार कार्ड को पहचान के रूप में मान्यता मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया है। अब हर जगह आधार कार्ड को जरूरी कर दिया गया है। हालात ये हैं कि जो आईडी पहले पहचान के रूप में दिखती थी, अब उनको बनवाने के लिए भी आधार कार्ड की जरूरत पड़ने लगी है। शासन की ओर से नया आधारकार्ड बनाने के लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है, पर जनसांख्यिकीय अपडेट के लिए 50 रुपये और बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार जिले में 90 बायोमीट्रिक मशीन चल रहीं हैं जो बैंक, डाकघर और सीएचसी के नाम से संचालित हैं।
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बताते हैं कि इन कुछ मशीन संचालक गांवों में जाकर तीन सौ से पांच सौ रुपये में लोगों के आधार कार्ड बना रहे हैं।
यहां बता दें कि पिछले दिनों सहसवान में अधिकारियों ने छापा मारा तो वहां कोल्हाई की मशीन चलती मिली। इधर, क्षेत्र के दो गांवों के वीडियो वायरल हुए हैं। इसमें लोग गांव में आधार कार्ड बनाते हुए नजर आ रहे हैं।
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ऐसा कोई भी मामला मेरी जानकारी में नहीं आया कि गांव में मशीन ले जाकर आधार कार्ड बनाए जा रहे हों। सीएसपी पर जिन मशीनों को आवंटित किया गया है, वह अपनी जगहों पर ही संचालित हो रही हैं। फिर भी जांच करा ली जाएगी।
- शोबित, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, आधार कार्ड