फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   crime

प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर दिव्यांगों से ठगी

Tue, 07 Dec 2021 01:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 07 Dec 2021 01:57 AM IST
विज्ञापन
crime
बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव रूपापुर निवासी दिव्यांग कृपाराम व अन्य लोगों से दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर ठगी कर ली गई। ठगी करने वाले युवक ने कृपाराम को बताया कि वह जिला अस्पताल से आया है और सरकार दिव्यांगजनों के नए प्रमाणपत्र बनवाएगी। जालसाज ने उनके प्रमाणपत्र लेकर अपने मोबाइल से स्कैन कर कागजों पर अंगूठा लगवा लिया। इसके बाद दिव्यांगों के खाते से रुपये निकाल लिए गए। सिविल लाइंस पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
विज्ञापन

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रुपापुर गांव में जालसाजों ने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर ठगी कर लोगों के खाते से पैसे निकाल लिए। रुपापुर निवासी कृपा सिंह ने बताया कि दो माह पहले गांव में एक व्यक्ति आया और उसने खुद को सरकारी अस्पताल का कर्मचारी बताते हुए दिव्यांगों के नए प्रमाण पत्र बनाने की बात कही। उसने कई ग्रामीणों के प्रमाणपत्र व आधार लेकर अपने मोबाइल से स्कैन कर ऑनलाइन कर लिया। फिर यह कहकर चला गया कि नए प्रमाणपत्र डाकिया लेकर आएगा। लोगों को ठगी के बारे में तब पता चला जब उन लोगों ने बैंक से पासबुक अपडेट करवाई। किसी के खाते से ढाई तो किसी के खाते से डेढ़ हजार रुपये गायब थे। लोगों ने जब बैंक कर्मचारियों से ठगी की शिकायत की तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। ठगों द्वारा दिए गए नंबर पर फोन करने पर उन्होंने अपना नाम सौरभ शर्मा और राजेंद्र बताए। कृपा सिंह की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में सौरभ व अन्य आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन

सरकारी योजनाओं को हथियार बना रहे ठग
अक्सर ग्रामीण इलाकों में ठग सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देते हैं और पेंशन बनवाने तथा प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर भी ठगी कर लेते हैं। उज्ज्वला योजना के तहत फ्री गैस कनेक्शन दिलाने के नाम पर भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की जा चुकी है। ऐसे में लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में संबंधित विभाग से जानकारी करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिविल लाइंस थाने में दर्ज मामले में विवेचना कराकर पुलिस असली आरोपियों को पकड़ने की कोशिश करेगी। वैसे लोगों को इस तरह के झांसे में नहीं आना चाहिए। अपने आधार कार्ड या प्रमाणपत्र किसी को नहीं देने चाहिए और न ही किसी को ओटीपी आदि बताना चाहिए। बदायूं पुलिस लोगों को साइबर अपराध से बचाने के लिए जागरुकता के काफी प्रयास कर रही है। - डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed