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अनुसूचित जाति के लोगों के बाल काटने से इनकार करने पर हंगामा
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दातागंज (बदायूं)। अनुसूचित जाति के लोगों के बाल काटने से इनकार करने पर दातागंज के गांव नेता झुकसा में हंगामा हो गया। दोनों पक्षों के लोगों के लामबंद होने की सूचना पर समरेर चौकी से पुलिस मौके पर पहुंच गई। दोनों पक्षों को चौकी लाया गया। यहां दो घंटे की पंचायत के बाद समझौता हो गया। अब दुकान पर बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों को बाल काटे जाएंगे।
दातागंज के नेता झुकसा गांव में कई जातियों के लोग रहते हैं। इनमें अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या भी अच्छी खासी है। यहां गांव का ही एक युवक हेयर कटिंग सैलून चलाता है। बताया जाता है कि रविवार को गांव के अनुसूचित जाति के दो युवक उसकी दुकान पर बाल कटवाने गए। युवक ने उनके बाल काटने से मना कर दिया। सोमवार को फिर दोनों युवक बाल कटवाने के लिए दुकान पर पहुंचे। बताते हैं कि इस पर सैलून संचालक ने साफ कह दिया कि वह अनुसूचित जाति के लोगों के बाल नहीं काटेगा।
इसको लेकर गांव में दो पक्ष लामबंद होने लगे। जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को समरेर चौकी ले आई। यहां दो घंटे की पंचायत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। तय हुआ कि अगर युवक गांव में बाल काटने की दुकान चलाएगा तो उसे बिना किसी भेदभाव के सभी जाति व धर्म के लोगों के बाल काटने होंगे।
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नेता झुकसा में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। यह बात साफ कर दी गई है कि अगर बाल काटने की दुकान खोलनी है तो वहां सभी लोगों के बाल काटने होंगे। अगर इसके बाद भी भेदभाव की बात सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रेम कुमार थापा, सीओ दातागंज
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दातागंज के नेता झुकसा गांव में कई जातियों के लोग रहते हैं। इनमें अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या भी अच्छी खासी है। यहां गांव का ही एक युवक हेयर कटिंग सैलून चलाता है। बताया जाता है कि रविवार को गांव के अनुसूचित जाति के दो युवक उसकी दुकान पर बाल कटवाने गए। युवक ने उनके बाल काटने से मना कर दिया। सोमवार को फिर दोनों युवक बाल कटवाने के लिए दुकान पर पहुंचे। बताते हैं कि इस पर सैलून संचालक ने साफ कह दिया कि वह अनुसूचित जाति के लोगों के बाल नहीं काटेगा।
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इसको लेकर गांव में दो पक्ष लामबंद होने लगे। जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को समरेर चौकी ले आई। यहां दो घंटे की पंचायत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। तय हुआ कि अगर युवक गांव में बाल काटने की दुकान चलाएगा तो उसे बिना किसी भेदभाव के सभी जाति व धर्म के लोगों के बाल काटने होंगे।
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नेता झुकसा में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। यह बात साफ कर दी गई है कि अगर बाल काटने की दुकान खोलनी है तो वहां सभी लोगों के बाल काटने होंगे। अगर इसके बाद भी भेदभाव की बात सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रेम कुमार थापा, सीओ दातागंज