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मृतकों के परिवार की हड़प ली 20 लाख की आर्थिक धनराशि
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बदायूं। वजीरगंज थाना क्षेत्र में कुनार गांव के चार मृतकों के परिवार वाले 20 लाख रुपयों की ठगी के शिकार हो गए। उन्होंने डीएम को पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें आर्थिक सहायता राशि मिलनी चाहिए थी, लेकिन सहायता राशि दूसरे व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। जबकि उनका उस खाते से कोई लेना देना नहीं है।
25 अक्तूबर 2020 को मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर कुनार गांव के पास एक कार की टक्कर से चार युवकों की मौत हो गई थी। उस दिन सुबह कुनार गांव के सचिन आजाद, जुगन, योगेंद्र, राहुल और देव हाईवे किनारे दौड़ लगा रहे थे। उसी दौरान शहर की ओर से तेज रफ्तार में आई कार ने पांचों युवकों को रौंद दिया। इसमें सचिन, जुगन और योगेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक माह बाद राहुल ने दम तोड़ दिया।
इसमें परिवारालों को किसान दुर्घटना बीमा के लिए आवेदन किया था। इससे मृतकों के परिवारवालों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक धनराशि स्वीकृत हो गई थी। परिवारवालों का कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी की तो उन्हें बताया गया कि उनके खाते में रुपये भेज दिए हैं। जब उन्होंने अपने-अपने खाते में रुपये चेक कराए तो उनके खाते में रुपये नहीं आए थे। उन्होंने एडीएम कार्यालय में जानकारी ली तो पता कि रकम यूको बैंक में किसी और व्यक्ति के खाते में भेजी गई है। इससे परिवार वालों ने शनिवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
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25 अक्तूबर 2020 को मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर कुनार गांव के पास एक कार की टक्कर से चार युवकों की मौत हो गई थी। उस दिन सुबह कुनार गांव के सचिन आजाद, जुगन, योगेंद्र, राहुल और देव हाईवे किनारे दौड़ लगा रहे थे। उसी दौरान शहर की ओर से तेज रफ्तार में आई कार ने पांचों युवकों को रौंद दिया। इसमें सचिन, जुगन और योगेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक माह बाद राहुल ने दम तोड़ दिया।
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इसमें परिवारालों को किसान दुर्घटना बीमा के लिए आवेदन किया था। इससे मृतकों के परिवारवालों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक धनराशि स्वीकृत हो गई थी। परिवारवालों का कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी की तो उन्हें बताया गया कि उनके खाते में रुपये भेज दिए हैं। जब उन्होंने अपने-अपने खाते में रुपये चेक कराए तो उनके खाते में रुपये नहीं आए थे। उन्होंने एडीएम कार्यालय में जानकारी ली तो पता कि रकम यूको बैंक में किसी और व्यक्ति के खाते में भेजी गई है। इससे परिवार वालों ने शनिवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
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