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हादसे के बाद चला अभियान, वाहनों का चालान
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बदायूं में आंवला रोड पर वाहनों की चेकिंग करती पुलिस। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। आंवला-बदायूं रोड पर ट्रक की टक्कर से टेंपो सवार सात लोगों की मौत के बाद पुलिस प्रशासन की नींद टूटी। सीओ सिटी के निर्देशन में बृहस्पतिवार को आंवला-बदायूं रोड पर ओवरलोडिंग और डग्गामार वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान छह वाहनों के चालान किए गए।
आंवला-बदायूं रोड पर ललेई पेट्रोल पंप के नजदीक बुधवार को कोयला भरे ट्रक ने सवारियों से भरे टेंपो को रौंद दिया था। इसमें मां-बेटी और धेवती समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। सभी लोग टेंपो में बैठकर शहर आ रहे थे। यह इस साल का सबसे बड़ा हादसा है। इस हादसे के बारे में जिसने सुना वही सन्न रह गया।
इस हादसे के पीछे कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही भी मानी जा रही। पुलिस को ट्रक ड्राइवर के शराब के नशे में होने की सूचना मिली थी। बावजूद इसके हादसे से पहले ट्रक को किसी ने नहीं रोका। रोड पर लहराते हुए दौड़ रहे ट्रक ने पहले एक टेंपो में टक्कर मारी। वहां से भागने के चक्कर में कुछ दूरी पर दूसरे टेंपो को रौंद दिया, जिससे सात लोगों की जान चली गई।
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बृहस्पतिवार को आंवला-बदायूं रोड पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने नगर के चौराहे पर खड़े होकर वाहनों की चेकिंग कराई। अभियान के दौरान छह वाहनों के चालान किए गए। सीओ सिटी ने थाना पुलिस को चेताया कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जरूर करें।
ड्राइवर का दूसरे दिन कराया मेडिकल, नहीं निकला एल्कोहल
कुंवरगांव (बदायूं)। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर जगदीश को लोगों ने मौके पर पकड़ लिा था, जिसे बाद में पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। उसके खिलाफ धारा 304ए के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला है कि ड्राइवर ने जानबूझकर टेंपो में टक्कर मारी थी। पुसिल ने बृहस्पतिवार दोपहर ट्रक ड्राइवर जगदीश का मेडिकल परीक्षण कराया गया। परीक्षण में उसके शरीर में अल्कोहल होने की पुष्टि नहीं हुई।
अलग-अलग स्थानों पर हुए अंतिम संस्कार
सड़क हादसे का शिकार हुए सातों लोगों का बृहस्पतिवार पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर अपने घरों को चले गए। इनमें सपना और उनकी बेटी काव्या का अंतिम संस्कार बरेली के नकटिया स्थित श्मशान भूमि में हुआ। सपना की मां प्रेमलता और मुरारीलाल का अंतिम संस्कार कुंवरगांव में किया गया। जबकि बुंदी के शव को बनेई के कब्रिस्तान में दफनाया गया। मुनेशपाल का हुसैनपुर और मुकेश का उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार हुआ।
महिलाओं के शरीर पर नहीं मिले जेवर
बृहस्पतिवार को जब पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपे गए तो महिलाओं के शरीर पर जेवर नहीं मिले। नितिन ने बताया कि उनकी मां प्रेमलता और बहन सपना घर से निकलीं तो उनके पास सोने की चेन, अंगूठी, कुंडल, पायल आदि जेवर थे, जो नहीं मिले। हादसे के बाद जेवर मौके पर किसी ने निकाल लिए या बाद में गायब हुए यह कुछ पता नहीं चला।
शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ भी चला अभियान
प्रभारी एसएसपी सिद्धार्थ वर्मा के आदेश पर बृहस्पतिवार शाम जिले भर में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया गया। सभी थानों पुलिस ने अपने इलाकों में चेकिंग की। यह अभियान देर रात तक चलता रहा।
ट्रक ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उसे बृहस्पतिवार दोपहर जेल भेज दिया गया। इसमें ड्राइवर के खिलाफ बुधवार रात एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। इसकी विवेचना कराई जा रही है। इसमें जो तथ्य सामने आएंगे तो उसके अनुसार कार्रवाई बढ़ाई जाएगी।
- सिद्धार्थ वर्मा, प्रभारी एसएसपी
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आंवला-बदायूं रोड पर ललेई पेट्रोल पंप के नजदीक बुधवार को कोयला भरे ट्रक ने सवारियों से भरे टेंपो को रौंद दिया था। इसमें मां-बेटी और धेवती समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। सभी लोग टेंपो में बैठकर शहर आ रहे थे। यह इस साल का सबसे बड़ा हादसा है। इस हादसे के बारे में जिसने सुना वही सन्न रह गया।
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इस हादसे के पीछे कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही भी मानी जा रही। पुलिस को ट्रक ड्राइवर के शराब के नशे में होने की सूचना मिली थी। बावजूद इसके हादसे से पहले ट्रक को किसी ने नहीं रोका। रोड पर लहराते हुए दौड़ रहे ट्रक ने पहले एक टेंपो में टक्कर मारी। वहां से भागने के चक्कर में कुछ दूरी पर दूसरे टेंपो को रौंद दिया, जिससे सात लोगों की जान चली गई।
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बृहस्पतिवार को आंवला-बदायूं रोड पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने नगर के चौराहे पर खड़े होकर वाहनों की चेकिंग कराई। अभियान के दौरान छह वाहनों के चालान किए गए। सीओ सिटी ने थाना पुलिस को चेताया कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जरूर करें।
ड्राइवर का दूसरे दिन कराया मेडिकल, नहीं निकला एल्कोहल
कुंवरगांव (बदायूं)। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर जगदीश को लोगों ने मौके पर पकड़ लिा था, जिसे बाद में पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। उसके खिलाफ धारा 304ए के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला है कि ड्राइवर ने जानबूझकर टेंपो में टक्कर मारी थी। पुसिल ने बृहस्पतिवार दोपहर ट्रक ड्राइवर जगदीश का मेडिकल परीक्षण कराया गया। परीक्षण में उसके शरीर में अल्कोहल होने की पुष्टि नहीं हुई।
अलग-अलग स्थानों पर हुए अंतिम संस्कार
सड़क हादसे का शिकार हुए सातों लोगों का बृहस्पतिवार पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर अपने घरों को चले गए। इनमें सपना और उनकी बेटी काव्या का अंतिम संस्कार बरेली के नकटिया स्थित श्मशान भूमि में हुआ। सपना की मां प्रेमलता और मुरारीलाल का अंतिम संस्कार कुंवरगांव में किया गया। जबकि बुंदी के शव को बनेई के कब्रिस्तान में दफनाया गया। मुनेशपाल का हुसैनपुर और मुकेश का उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार हुआ।
महिलाओं के शरीर पर नहीं मिले जेवर
बृहस्पतिवार को जब पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपे गए तो महिलाओं के शरीर पर जेवर नहीं मिले। नितिन ने बताया कि उनकी मां प्रेमलता और बहन सपना घर से निकलीं तो उनके पास सोने की चेन, अंगूठी, कुंडल, पायल आदि जेवर थे, जो नहीं मिले। हादसे के बाद जेवर मौके पर किसी ने निकाल लिए या बाद में गायब हुए यह कुछ पता नहीं चला।
शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ भी चला अभियान
प्रभारी एसएसपी सिद्धार्थ वर्मा के आदेश पर बृहस्पतिवार शाम जिले भर में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया गया। सभी थानों पुलिस ने अपने इलाकों में चेकिंग की। यह अभियान देर रात तक चलता रहा।
ट्रक ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उसे बृहस्पतिवार दोपहर जेल भेज दिया गया। इसमें ड्राइवर के खिलाफ बुधवार रात एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। इसकी विवेचना कराई जा रही है। इसमें जो तथ्य सामने आएंगे तो उसके अनुसार कार्रवाई बढ़ाई जाएगी।
- सिद्धार्थ वर्मा, प्रभारी एसएसपी