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पिता-पुत्र को सात साल की सजा, जुर्माना
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बदायूं। करीब साढे़ सात साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश षष्टम शक्तिपुत्र तोमर ने पिता पुत्र को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पिता-पुत्र पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
थाना धनारी वर्तमान जिला संभल के गांव धनारी पट्टी बालू शंकर निवासी वादी जसवंत सिंह ने 25 मार्च 2014 को मुकदमा कायम कराया था। वादी के मुताबिक उनका बेटा देवेंद्र कुमार खेत पर शौच को गया था। तभी रास्ते में गांव के नौबत पुत्र पूरन, रामौतार व हीरा पुत्र नौबत ने वादी के पुत्र देवेंद्र को गाली देने लगे। मना करने पर सभी ने लात-घूंसों और लाठी-डंडों से देवेंद्र को बुरी तरह मारा। इससे देवेंद्र के सिर में गंभीर चोटें आई। पुलिस ने नौबत और रामौतार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। एडीजे शक्तिपुत्र तोमर ने पत्रावली का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी सुधीर कुमार मिश्रा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने पिता-पुत्र को मुजरिम ठहराया। कोर्ट ने नौबत और रामौतार को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और दोनों मुजरिमों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
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थाना धनारी वर्तमान जिला संभल के गांव धनारी पट्टी बालू शंकर निवासी वादी जसवंत सिंह ने 25 मार्च 2014 को मुकदमा कायम कराया था। वादी के मुताबिक उनका बेटा देवेंद्र कुमार खेत पर शौच को गया था। तभी रास्ते में गांव के नौबत पुत्र पूरन, रामौतार व हीरा पुत्र नौबत ने वादी के पुत्र देवेंद्र को गाली देने लगे। मना करने पर सभी ने लात-घूंसों और लाठी-डंडों से देवेंद्र को बुरी तरह मारा। इससे देवेंद्र के सिर में गंभीर चोटें आई। पुलिस ने नौबत और रामौतार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। एडीजे शक्तिपुत्र तोमर ने पत्रावली का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी सुधीर कुमार मिश्रा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने पिता-पुत्र को मुजरिम ठहराया। कोर्ट ने नौबत और रामौतार को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और दोनों मुजरिमों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
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